Monday, November 18, 2019
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Independence Day Essay | Speech in HINDI 2019

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स्वतंत्रता दिवस पर निबंध / भाषण 2019

भारत 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से मुक्त हो गया। तब से हर साल हम इस दिन को भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं।

ब्रिटिशोने 200 वर्षों तक भारत पर शासन किया। भारत हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, लोकमान्य तिलक, वीर सावरकर, लाल बहादुर शास्त्री इत्यादी जैसे महान नेताओं के बलिदान के बाद ब्रिटिश शासन से मुक्त हो गया है|

15 अगस्त एक राष्ट्रीय अवकाश है और इसे पूरे देश में सबसे बड़े राष्ट्रीय त्योहार के रूप में मनाया जाता है। स्वतंत्रता दिवस सभी धर्मों, संस्कृतियों, और परंपराओं के लोगों द्वारा बहुत खुशी के साथ मनाया जाता है। लोग राष्ट्रीय ध्वज फहराकर और राष्ट्रगान गाकर स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए एक साथ आते हैं।

स्वतंत्रता दिवस सभी स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में मनाया जाता है। मुख्य अतिथियों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को फहराया जाता है और फिर सभी द्वारा राष्ट्रगान गाया जाता है।

इस दिन, हमारे देश के प्रधान मंत्री दिल्ली में लाल किले पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। इस समारोह में बहुत से लोग भाग लेते हैं।

INDEPENDENCE DAY ESSAY OR SPEECH IN ENGLISH 2019

https://www.friendofyou.com/independence-day-essay-speech/

 

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भारतीय ध्वज

भारतीय ध्वज को 22 जुलाई 1947 को घटक विधानसभा में अपनाया गया था। इसे पिंगलू वेंकया गारु द्वारा स्वराज ध्वज के आधार पर डिजाइन किया गया था।

‘तिरंगा’ शब्द भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को दर्शाता है। यह क्षैतिज है; लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 3: 2 है।

यह समान अनुपात में तीन रंगों के साथ है। इसमें गहरे केसरिया, शीर्ष पर केसरी रंग देश की ताकत को दर्शाता है।

यह बीच में सफेद रंग है जो शांति और सच्चाई को दर्शाता है।

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धर्म चक्र

भारतीय ध्वज में धर्म चक्र भी है जो यह दिखाने का इरादा रखता है कि गति में जीवन है और ठहराव में मृत्यु है। धर्म चक्र नौसेना नीले रंग में है जो आकाश और समुद्र का प्रतिनिधित्व करता है।

धर्म चक्र अशोक की राजधानी सारनाथ के अबाकस से लिया गया है इसीलिये इसे अशोक चक्र भी कहा जाता है|

अशोक चक्र में 24 प्रवक्ता (तीलियां) हैं जो प्रतिनिधित्व करते हैं| मनुष्य के अविद्या से दु:ख बारह तीलियां और दु:ख से निर्वाण बारह तीलियां (बुद्धत्व अर्थात अरहंत) की अवस्थाओं का प्रतिक है।

 ध्वज के तल पर गहरा हरा रंग भूमि की वृद्धि और शुभता को दर्शाता है। झंडा खादी का होना चाहिए।

  • स्वतंत्र भारत के पहले डाक टिकट पर हमारे राष्ट्रीय ध्वज की छवि थी और 21 नवंबर 1949 को इसे जारी किया गया था।
  • हमारा झंडा पहली बार 1953 में तेनजिंग नोर्गे द्वारा माउंट एवरेस्ट पर फहराया गया था।
  • हमारा झंडा 1984 में राकेश शर्मा ने पहली बार अंतरिक्ष में उतारा था।
  • सबसे बड़ा मानव ध्वज बनाकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया गया, जिसमें दिसंबर 2014 में चेन्नई में 50000 स्वयंसेवक शामिल थे।

राष्ट्रीय गीत

हमारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम है। जिसे 1882 में बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा लिखित उपन्यास आनंदमठ द्वारा लिया गया है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम हमारे भारतीयों के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा थी।

वंदे मातरम को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1896 के सत्र में पहली बार रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा गाया गया था।

वंदे मातरम गीत के लिए संगीत जदुनाथ भट्टाचार्य ने तैयार किया था।

प्रारंभ में यह संस्कृत और बंगाली में लिखा गया था और इसका अंग्रेजी में अरबिंदो द्वारा अनुवाद किया गया था।

राष्ट्रगान

हमारा राष्ट्रगान जन गण मन है। यह हमारे देश और स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति देशभक्ति, गर्व, और सम्मान के लिए गाया जाता है जिन्होंने हमारी स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान दिया।

राष्ट्रगान पहली बार बंगाली में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखा गया था और गीत के लिए संगीत भी टैगोर ने ही तैयार किया था।

जन गण मन गीत को 24 जनवरी 1950 को हमारे राष्ट्रगान के रूप में घटक विधानसभा में हिंदी संस्करण में अपनाया गया था। हमारे राष्ट्रगान का अंग्रेजी संस्करण आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले में बेसेंट थियोसोफिकल कॉलेज में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचा गया था।

जन गण मन का हिंदी और उर्दू में अनुवाद आबिद अली ने किया था।

हमारे राष्ट्र गान को  52 सेकंड में गाया जाना चाहिए।

राष्ट्रीय प्रतिज्ञा

हमारी राष्ट्रीय प्रतिज्ञा भारत के सभी नागरिकों के लिए एक श्रेष्ठ कारण के लिए प्रतिबद्धता की शपथ है।

यह शुरुआत में 1962 में Pydimarri वेंकट सुब्बा राव द्वारा तेलुगु में रचित थी और बाद में हर भारतीय भाषा में इसका अनुवाद किया गया था।

यह पहली बार 1963 में स्कूल विशाखापट्टनम में प्रस्तुत किया गया था। राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत के साथ राष्ट्रीय वादियों में इसका आयोजन किया गया था, लेकिन इसे भारत के संविधान द्वारा नहीं अपनाया गया है।

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राष्ट्रीय प्रतीक

हमारे राष्ट्रीय प्रतीक में 4 शेर शामिल हैं जो शक्ति, गर्व, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक हैं। इसे अशोक सिंह राजधानी से सारनाथ में अपनाया गया है।

लाइनों के नीचे एक सरपट दौड़ता घोड़ा, एक पहिया और धर्म चक्र द्वारा अलग किया गया बैल है|

इसके नीचे सत्यमेव जयते लिखा है। जिसका अर्थ है अकेले सत्य की जीत। यह  ‘उद्धरण देवनागिरी लिपि में मुंडका उपनिषद से लिया गया है।

  • हमारा राष्ट्रीय पशु टाइगर है जो शक्ति का प्रतीक है।
  • हमारा राष्ट्रीय फूल कमल है, यह पवित्रता का प्रतीक है।
  • हमारा राष्ट्रीय वृक्ष बरगद है, यह अमरता का प्रतीक है।
  • हमारा राष्ट्रीय पक्षी मोर है, यह लालित्य का प्रतीक है।
  • हमारा राष्ट्रीय फल आम है, यह भारत के उष्णकटिबंधीय जलवायु का प्रतीक है।
  • हमारा राष्ट्रीय खेल हॉकी है और भारत के राष्ट्रीय खेल के रूप में अपनाया जाने पर यह अपने चरम पर था।

भारत मानव जाति का पालना है।

भारत मानव भाषण का जन्म स्थान है।

भारत इतिहास की जननी है।

भारत की परंपराए महान है।

मुझे भारतीय होने पर गर्व महसूस होता है।

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स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं  India, Flag, Indian Flag, National, Symbol, India Flag

Independence Day Essay | Speech in English 2019

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INDEPENDENCE DAY ESSAY OR SPEECH 

India became free from the British rule on 15th august 1947. Since then every year we celebrate this day as Independence Day of India.

British ruled India for 200 years. India becomes free from British rule after sacrifices of our freedom fighters and great leaders such as Mahatma Gandhi, Jawaharlal Nehru, Bhagat Singh, Netaji Subhash Chandra bose, Lokmanya Tilak, Vir Savarkar, Lal Bahadur Shastri.

15th August is a National holiday and it is celebrated as the biggest National festival all over the country. Independence Day is celebrated by the people of all religions, cultures, and traditions with great joy and happiness. People come together to celebrate Independence Day by unfurling the national flag and singing the national anthem.

Independence Day is celebrated in all schools, colleges, and educational institutes. The national flag is unfurled by the chief guests and then national anthem is sung by all.

On this day, the prime minister of our country hoists the Indian national flag at the red fort in Delhi. Lots of people participate in this ceremony.

The Indian flag

The Indian flag was adopted on 22nd July 1947 in the constituent assembly. It was designed based on the Swaraj flag by Pingalu Venkaya Garu.

The term ‘tricolor’ refers to the Indian national flag. It is horizontal; its ratio of length and width is 3:2.

It is with three colors in equal proportion. It has deep saffron, Kesari color at the top indicating the strength of the country. It has white color in the middle indicating peace and truth.

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It also has dharma chakra which intends to show that there is life in movement and death in stagnation.

The dharma chakra is in navy blue color representing the sky and sea. It is taken from the abacus of Sarnath Lion Capital of Ashoka.

It has 24 spokes which represent :

  • 1. Courage
  • 2. Love
  • 3. Peacefulness
  • 4. Patience
  • 5. Goodness
  • 6. Faithfulness
  • 7. Selflessness
  • 8. Justice
  • 9. Magnanimity
  • 10. Gentleness
  • 11. Self-Control
  • 12. Self-Sacrifice
  • 13. Truthfulness
  • 14. Righteousness
  • 15. Spiritual knowledge
  • 16. Spiritual Wisdom
  • 17. The fear of God
  • 18. Faith or Hope
  • 18. Humility
  • 19. Sympathy
  • 20. Empathy
  • 21. Mercy
  • 22. Gracefulness
  • 23. Moral Values
  • 24. Kindness

The dark green color at the bottom indicates Fertility, Growth, and Auspiciousness of the land. The flag must be made of khadi.

  • The first stamp of independent India had the image of our national flag and was released on 21 November 1949.
  • Our flag was first hoisted on mount Everest in 1953 by Tenzing Norgay.
  • Our flag flew into space for the first time in 1984 by Rakesh Sharma.
  • A world record was made by creating the largest human flag which involved 50000 volunteers in Chennai in Dec. 2014.

National Song

Our national song is Vande Mataram. Which is taken by the novel Anandmath in 1882 written by Bankim Chandra Chaterji.

Vande Mataram was the greatest inspiration for our Indians during the freedom struggle. Vande Mataram was sung by Rabindranath Tagore for the first time in 1896 session of Indian national congress.

The music for the Vande Mataram song was composed by Jadunath Bhattacharya. Initially, it was written in Sanskrit and Bengali and it was translated in English by Aurobindo.

National Anthem

Our national anthem is Jan gan man. It is sung to drive patriotism, pride, and respect towards our nation and freedom fighters who sacrificed their lives for our freedom.

The national anthem was first written in Bengali by Rabindranath Tagore and the music for the song was also composed by Tagore itself.

Jan Gan Man song was adopted in its Hindi version in constituent assembly as our National Anthem on 24 Jan 1950.

The English version of our national anthem was composed by Tagore in Madanapalle in Andhra Pradesh at Besant Theosophical College.

Jan Gan Man was translated in Hindi and Urdu by Abid Ali. It should be sung in 52 seconds.

National Pledge

Our National Pledge is an oath of commitment for a superior cause for all the citizens of India.  It was initially composed in Telugu by Pydimarri Venkata Subba Rao in 1962 and later it was translated in every Indian language. It was first presented in school Vishakhapatnam in 1963.

Our National Pledge is at par with National Anthem and National Song but it is not adopted by the constitution of India.

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National Emblem

Our national emblems include 4 Lions standing back to back symbolizing power, Pride, courage, and confidence.

It is adapted from the Ashoka’s lion capital in Sarnath. Below the lines, a galloping horse and a bull separated by a wheel dharma chakra. 

Below it is written SatyaMev jayte. Which means ‘truth alone triumphs’. The quote is taken from the Mundaka Upanishad in Devanagari script.

  • Our national animal is Tiger it symbolizes Power.
  • Our national flower is Lotus, it symbolizes purity.
  • Our national tree is banyan, it symbolizes immortality.
  • Our national bird is a peacock, it symbolizes elegance.
  • Our national fruit is mango, it symbolizes the tropical climate of India.
  • Our national game is Hockey and it was at its peak when it is adopted as the National game of India.

India is the cradle of the human race.

India is the birthplace of human speech.

India is the mother of history.

India is the grandmother of legends.

India is the great grandmother of traditions.

I feel proud to be an Indian

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Air conditioner buying guide | कोनसा AC खरीदना चाहिए| Window vs Non-Inverter vs Inverter AC

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हमारे देश में आजकल Air Conditioner इस्तेमाल करनेवाले और Air conditioner खरीदने की इच्छा रखनेवाले दोनों संख्या बढ़ रही है| इसका कारण यह है की हमारा देश एक उष्ण कटिबंधीय देश है और इसकी वजहसे यहा का तापमान(Temperature) ज्यादा रहता है|

इसीलिए यहा की गरमी का मुकाबला करने के लिए ज्यादातर लोग Air conditioner खरीदना चाहते है| पर Air conditioner खरीदने से पहले कुछ बातों का ज्ञान होना जरूरी होता है|

जैसे की Air conditioner के तीन प्रकार होते है|

Window Air Conditioners-

छोटे Rooms के लिए इस type के AC अच्छे होते है| पर इन्हें लगाने के लिए room को window होना जरूर है जहा पर इसे install किया जा सके|

इन Window Air Conditioners को आसानी से install कर सकते है और इसके install करने का खर्चा Split Air Conditioners के मुकाबले में कम होता है|

Window Air Conditioners यह Split Air Conditioners के मुकाबले में सस्ते होते है|

Window Air Conditioner का सिर्फ एक Unit होता है और Split Air Conditioners के दो Unit होते है|

Windows Air Conditioner के कुछ Minus points भी है जैसे की यह room में एक समान cooling नहीं दे पाता है|

Windows Air Conditioners यह Split Air Conditioner के मुकाबले में ज्यादा आवाज करता है|

Windows Air Conditioners यह window में लगते है जिसके वजहसे हमारे window का कुछ हिस्सा हमेशा के लिए बंद हो जाता है|

Split Air Conditioners (Non-inverter)-

दुनिया भर में Split Air Conditioners यह Windows Air Conditioners के मुकाबले में ज्यादा लोकप्रिय है क्यों की यह ज्यादा fast cooling देते है|

इनका आउटडोर यूनिट room के बाहर होता है जिसके वजहसे इनमेसे बहुत कम आवाज आती है|

Split Air Conditioners को Room में लगाने के लिए window की जररूरत नहीं होती है इसे हम किसी भी दीवार पर लगा सकते है|

Inverter Split Air Conditioners से Non-inverter Split AC 4000/- से 5000/- रुपये सस्ते होते है|

Inverter Split Air Conditioners-

आजकल Inverter Split Air Conditioners बहुत popular है इसकी वजह है यह Window AC और Non-inverter Split AC से ज्यादा efficient होते है|

इसमें variable speed compressor होता है जो room के तापमान(Temperature) के अनुसार cooling करता है इससे इलेक्ट्रिसिटी में बचत होती है|

यह Non-inverter Split AC से बहुत कम आवाज करता है|

दुसरे AC के मुकाबले Inverter Split AC Room को जल्दी ठण्डा करता है|

Inverter AC के Compressor की life दुसरे AC compressor के मुकाबले में ज्यादा होती है|

Air Conditioners भी अलग अलग capacity के होते है इसलिए AC खरीदते वक़्त हमें हमारे room के size के हिसाब से AC खरीदना चाहिए| जैसे की-

9 फीट x 10 फीट Room के लिए 1 टन (Ton) Capacity के AC की जरूरत होती है|

10 फीट x 11 फीट Room के लिए 1.2 टन (Ton) Capacity के AC की जरूरत होती है|

10 फीट x 15 फीट Room के लिए 1.5 टन (Ton) Capacity के AC की जरूरत होती है|

10 फीट x 20 फीट Room के लिए 2 टन (Ton) Capacity के AC की जरूरत होती है|

Air Conditioner की कीमत (price) उसके capacity के अनुसार कम या ज्यादा होती है इस बात का आपको ध्यान रखना होगा|

अगर आपके Room की height 9.5 फीट से ज्यादा है या आपके room में एक से ज्यादा window है या आपका room तीसरे floor से ऊपर है या आपके Room का तापमान (temperature) ज्यादा रहता है तो हो सकता है ऐसे स्थिती में आपको ज्यादा capacity वाले AC की जरूरत हो सकती है|

Aluminium OR Copper Coil-

दो प्रकार के Coil वाले Air Conditioners होते है| एक होता है Aluminium Coil वाला और दूसरा होता है Copper Coil वाला|

Copper Coil वाले AC, Aluminium Coil वाले AC के मुकाबले में महेंगे होते है क्यों की Copper महेंगा(costly) होता है|

Copper Coil वाले AC heat transfer करने के मामले में Aluminium Coil वाले AC से ज्यादा अच्छे होते है|

Copper यह Aluminium के मुकाबले में ज्यादा शक्तिशाली होता है इसलिए Copper Coil हमेशा Aluminium Coil से ज्यादा दिन तक चलती है|

Copper Coil का Repair, Replacement और maintenace,  Aluminium Coil से सस्ता होता है|

Air Conditioner का Compressor Coil की मदद से हवा को ठण्डा करता है| AC खरीदते वक़्त आप ज्यादातर और हो सके तो Copper Coil वाला AC ही खरीदिये| क्यों की Copper यह fast cooling करता है, इसकी उम्र और efficiency Aluminium से ज्यादा होती है और इसका maintenance और Repair भी आसान होता है|

इसीलिए Copper Coil वाले AC, Aluminium Coil वाले AC से ज्यादा popular होते है|

Power Consumption-

Air Conditioner लेते वक़्त हमें AC से आने वाले इलेक्ट्रिसिटी बिल का भी ख्याल रखना पड़ता है| क्यों की AC से आने वाला बिल दुसरे घरेलु उपकरनो के मुकाबले में ज्यादा होता है|

भारत में मिलने वाले इलेक्ट्रिक और electronics उपकरनो को Indian seasonal energy efficiency ratio (ISEER) STAR Rating देती है| जितने ज्यादा Star उतना वह product ज्यादा बिजली बचत करता है| लेकिन जितने ज्यादा स्टार उतना वह product महँगा भी होता है|

inverter AC अपने variable speed compressor की वजहसे इलेक्ट्रिसिटी बिल में बचत करने में सक्षम होता है| लेकिन inverter AC दुसरे AC के मुकाबले में थोडेसे महेंगे(costly) होते है| इनका repairing cost भी ज्यादा होता है|

निचे दीये गए इस STAR Rating Table से आपको इन Stars के हिसाब से AC की इलेक्ट्रिसिटी बचत करने की capacity के बारे में पता चल जायेगा|

Energy Star Rating Electricity Cost per Day (Approximate Rs) Saving Per Month (Approximate Rs.)
One star 108 0
Two Star 100 223
Three Star 93.94 416
Four Star 88 582
Five Star 83 737

NOTE – इस टेबल में दीया गया calculation, AC का एक दिन में 8 hours और electricity का यूनिट price 7/-रुपए पे आधारित है| यह आपके दिनभर में AC के इस्तेमाल और यूनिट price के हिसाब से बदल सकती है|

Features

जब हम AC खरीदते है तो उसमे कुछ आवश्यक features होना जरूरी है| जैसे की-

Anti-Bacterial Filter AC का यह Anti-Bacterial Filter हवा में मौजूद धूलकण, पराग,जीवाणु, पालतू पशुओकी रुसी इत्यादी को छानकर(filter) शुद्ध और ताज़ी ठंडी हवा देता है|

Dehumidifierबारिश के दिनों में हवा में जो ज्यादा moisture होता है उस moisture को यह Dehumidifier feature कम कर देता है|

Cooling & Heatingइस feature वाला AC गरमी के मौसम में ठंडी हवा और ठंडी के मौसम में गरम हवा देता है क्यों की इसमें हीटर होता है|

COOL COILS- हवा को ठण्डा करने के लिए AC condenser, coils का इस्तेमाल करता है| Copper Coils वाले AC मार्केट में ज्यादा popular है क्योंकी Copper की life Aluminium से ज्यादा होती है, Copper हवा को जल्दी ठण्डा कर देता है और Copper Coil को maintain करना आसान(easy) होता है|

Auto Clean Function- AC में moisture की वजहसे नुकसान पहुचने वाले सूक्ष्म जीव पैदा हो सकते है| Auto Clean Function feature AC में moisture को टिकने नहीं देता है और आपको साफ़-सुथरी ताजी हवा मिल जाती है|

Sleep Mode- यह feature आपके AC की cooling रातको हर एक घन्टे में कम करता जाता है जिसकी वजहसे इलेक्ट्रिसिटी का कम इस्तेमाल होता है| रात में बाहर का temperature गिरता रहता है तो उस वक़्त यह feature बिजली बचत करने के काम आता है| 

AC लेते वक़्त अगर आप इन सारी बातो का ध्यान रखकर आपके जरूरत अनुसार features वाला AC लेंगे तो बेहतर रहेगा|

NOTE- अगर आपके यहा इलेक्ट्रिसिटी पॉवर का voltage कम ज्यादा होता रहता है तो आपको AC के लिए Stabilizer की जरूरत पड़ेगी| Voltage का कम ज्यादा होना आपके electronics उपकारणोंको ख़राब कर सकता है|  

क्या आप जानते है कोनसा water purifier आपके घर के लिए best है?

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Water purifier कितने प्रकार के होते है?

Water purifier दो प्रकार होते है| एक बिना-बिजली (Non-electric) से चलने वाला water purifier और दूसरा बिजलीसे (electric) चलनेवाला water purifier|

बिना बिजली से चलने वाले water purifier सस्ते होते है यह 1000/-रुपये से 4000/-रुपये तक मिल जाते है और बिजलीसे चलने वाले water purifier 6000 /- रूपए से आगे मिलना शुरू हो जाते है|

बिना बिजली से चलने वाले water purifier भी दो तरह के होते है| एक UF (ultra filtatrious) तकनीक का इस्तेमाल करने वाला और दूसरा clorine का इस्तेमाल करके पानी को शुद्ध करनेवाला water purifier.

बिना बिजलीसे चलने वाले water purifier को UF water purifier या gravity based water purifier भी कहा जाता है|

बिना बिजलीसे चलने वाले water purifier

UF(ultra filtration) water purifer:

UF (ultra filtration) तकनीक: UF तकनीक वाले water purifier जिस पाणी में टीडीएस (TDS) की मात्र कम होती है वहापर इस्तेमाल करने चाहिए| पाणी की TDS मात्रा उसमे मौजूद मिनरल (mineral) पे निर्भर होती है|

पाणी में calcium, iron, magnesium और नमक इत्यादी जैसे mineral मौजूद होते है जो हमारे शरीर के लिए आवश्यक होते है|

बारिश के पानी में TDS की मात्रा कम होती है| जिस शहरोमे बारिश पे निर्भर तलाबोका पाणी muncipal corporation द्वारा शहरों के लिए इस्तेमाल किया जाता है वहापर इस UF(ultra filtration) water purifer का इस्तेमाल करना चाहिए|

Muncipal corporation तलाबोके पाणी को शुद्ध करने के लिए क्लोरिन (chlorine) का इस्तेमाल करती है| chlorine पाणी में मौजूद कीटाणु और वायरस को समाप्त कर देती है| बारिश पे निर्भर तालाबो का पाणी नदी, नहरों की तरह ज्यादा अशुद्ध नहीं होता है क्यों की उसमे कारखानोका अशुद्ध पानी और अन्य गंदगी नहीं छोडी जाती|

UF तकनीक वाले water purifier पानीसे पुटी(cysts), जीवाणु, मिटटी के कण और chlorine को दूर करने में सक्षम होते है| बारिश पे निर्भर तालाबो का पाणी अगर आपके घर में इस्तेमाल होता है तो आपको UF तकनीक वाले water purifier की जरूरत होती है|

UF(ultra filtration) water purifer में क्या क्या होना चाहिए|

अगर आपके घर में Muncipal corporation या MIDC का पाणी आता है तो जो किसी तालाब से आपके घर में आता है तो उसके लिए UF(ultra filtration) water purifer में 0.01micron का UF membrane सबसे best होता है|  0.01 micron का UF membrane पाणी में मौजूद वायरस(virus) को दूर करने में सक्षम होता है|

दुरभाग्यवश (unfortunate ly) भारत में मिलने वाले बहुत सारे UF water purifer में सिर्फ 0.1माइक्रोन(micron) की UF membrane दी गयी होती है| यह 0.1माइक्रोन(micron) की UF membrane पाणी में मौजूद वायरस (virus) को दूर नहीं कर सकती है| इसीलिये आपको 0.01 micron का UF membrane वाला UF water purifer ही खरीदना चाहिए|

UF membrane दो प्रकार(type) में आता है| एक है स्पाइरल वुंडेड (spiral wound) और दूसरा होता है होलो फाइबर(hollow fiber), स्पाइरल वुंडेड (spiral wound) membrane का performance (कार्यक्षमता)  होलो फाइबर(hollow fiber) membrane से बहुत अच्छा होता है| इसीलिए आपकें UF water purifer में स्पाइरल वुंडेड (spiral wound) membrane ही होनी चाहिए|

क्लोरीन (chlorine) cartiage वाला water purifier

इस water purifer में क्लोरीन(chlorine) cartiage का इस्तेमाल किया जाता है| क्लोरीन यह पानी के बैक्टीरिया को मारने के लिए इस्तेमाल किया जाता है| यह water puri fier मार्केट में मिलने वाला सबसे सस्ता water purifier है| इसमें इस्तेमाल किये गए क्लोरीन battery से जैसे ही क्लोरीन ख़त्म हो जाता है यह purifier अपने आप ही पाणी को रोक देता है| तब हमे इसमें नया क्लोरीन(chlorine) cartiage लगाना पड़ता है|

सावधानी:- जहा पर BMC और MIDC का पानी आता है वहापर पानी को शुद्ध करने के लिए यह संस्थाए क्लोरीन का इस्तेमाल करती है| क्लोरीन यह पाणी के बैक्टीरिया को मारने का काम करता है| अगर आपके घर मे BMC या MIDC का पाणी आता है तो उसमे पहलेसे ही बहुत सारा क्लोरीन होता है ऐसे में अगर इस क्लोरीन battery वाले purifier का इस्तेमाल किया जाता है तो पाणी में क्लोरीन की मात्र बढ़ जाती है| अत्याधीक क्लोरीनयुक्त पाणी आपके सेहत को नुकसान पंहुचा सकता है|

बिजलीसे चलने वाले water purifier (Electrical  water purifier)

RO water purifier:

RO (Reverse osmosis):- RO यह सबसे लोकप्रिय तकनीक है जो पानी शुद्धिकरण के मामले में सबसे आधुनिक (advance) मानी जाती है| RO तकनीक से पाणी शुद्ध करने की प्रक्रिया में पाणी उच्च दबाव में एक membrane से होकर गुजरता है जिसमे 0.0001 micron व्यास के छिद्र होते है इन छिद्रोसे केवल पाणी ही पार हो पाता है|

इतने अती सुक्ष्म छिद्रों की वजहसे 90% अधिक मिनरल्स (minerals), अर्सेनिक (arcenic), heavy metals, कीटक नाशक और सारे कीटाणु इस अतिसूक्ष्म छिद्रों की membrane से गुजर नहीं पाते है और इस तरह से सिर्फ शुद्ध पानी ही हमे मिलता है| यह RO तकनीक खारे पानी के स्वाद को बदलकर इसे मीठा बना सकती है|

जिस पानी में TDS 500 से अधिक होता है वहापर RO वाले water purifier इस्तेमाल करना बेहतर होता है| RO पाणी के minerals की मात्र कम करके पानी को पीने योग्य बनाता है| RO technology का मुख्य उद्देश पानी में से mineral निकालना होता है और minerals पाणी में से तभी निकलने चाहिए जब पाणी में वह जादा मात्रा में होते है|

BIS (Bureau of Indian Standards) के अनुसार हम 500 TDS तक का पाणी पी सकते है| TDS कोई गन्दगी नहीं होती है वह तो minerals होते है जो हमारे स्वास्थ्य(health) के लिए आवश्यक होते है|

RO water purifier का इस्तेमाल तभी करे जब पाणी में TDS की मात्रा 500 या उससे अधीक हो| बेवजह अगर RO water purifier ख़रीदा तो पाणी के minerals आप खो देंगे जो health के लिए आवश्यक होते है|

UV Technology: इस technology से पाणी के bacteria का सफाया हो जाता है| UV technology इस्तेमाल किये गए water purifier में UV चैम्बर हमेशा stainlees steel का होना चाहिए| बाजार में RO+UV तकनीक वाले purifier मिलते है जो RO तकनीक से पाणी शुद्ध होने के बादभी जो बैक्टीरिया(bacteria) बचते है उनका सफाया कर देता है|

अपने परिवार के स्वास्थ(health) के लिए purifier खरीदते समय कोनसा purifier आपके लिए सही होगा यह आपको सोचना जरूरी है| पाणी के source और TDS के हिसाब से आपको कोनसे technology वाला water purifier खरीदना जरूरी है यह आपको समझना होगा|

इस तरीके से आप flipkart से खरीदी वस्तुओको Return, Replace और Cancel कर सकते है|

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Flipkart यह भारत की नंबर एक online वस्तुए (product) बेचने वाली लोकप्रिय कंपनी है| कपडे, Shoes, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं, फर्नीचर, मोबाइल, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल वस्तुएं इत्यादी सारी चीजे यहापर मिलती है| इन चीजो को आप Flipkart App या Flipkart की वेबसाइट के जरिये ऑर्डर(order) कर सकते है| Flipkart आपके द्वारा ऑर्डर(order) की गयी वस्तुओंको आपके घर पर कुछ delivery charges लेकर भेज देता है|

Flipkart यह एक ऑनलाइन दूकान है जहासे आप जो चाहे खरीद सकते है| इस online store से जो चीजे (product) हम खरीदते है उन्हें हम प्रत्यक्ष रूप से देख कर नही खरीद पाते| हम सिर्फ उनके फोटो(images), कीमत, features और Specification देखकर ही उन्हें खरीदते है|

हम Flipkart से चीजे तो खरीद लेते है पर कई बार हम खरीदे गयी चीजोंसे खुश नहीं होते है| इसके अनेक कारण होते है जैसे के वस्तु(product) का ख़राब(Damage) होना| हमे product का पसंद न आना| Product की size(आकार) अलग होना इत्यादी|

Flipkart से खरीदी गयी वस्तूओंको लेकर आपके मन में अनेक शंकाए होती है इन सबका जवाब हमें flipkart customer care Toll Free (मुफ्त) नंबर पर मिल जाता हैं|

Flipkart Customer Care : 1800 208 9898

Flipkart का यह कस्टमर केयर नंबर 1800 208 9898 हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओमे (language) इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध है| आप इस Customer Care नंबर पर इंग्लिश या हिंदी दोनों भाषाओ में बात कर सकते हैं| यहापर कॉल करके आप आपके ऑर्डर किये गए वस्तु (product) की स्थिती (Delivery Status) जान सकते है|

आप order किये गए product को cancel भी कर सकते है| ख़रीदे गए product को आप इस नंबर पर phone करके Return या Exchange भी कर सकते हैं|

अगर आपको Product के बारे में या flipkart के policy के बारे में या अन्य कुछ जानकारी चाहिए तो आप flipkart customer care Representative (प्रतीनिधी) से बात कर सकते है| इसके लिए आपको अन्यथा(other) option select करना होगा| Flipkart Customer Care Representative (प्रतिनिधी) आपको आपके सारे सवालो का जवाब दे देगा|

Flipkart Customer  Care Service (24×7) दिन(day) रात(night) चालू रहती है आप यहापर कभी भी कॉल(call) कर सकते है| 

मोबाइल Flipkart App :

मोबाइल Flipkart App के द्वारा भी आप आपके ऑर्डर किये गए वस्तु(product) की स्थिती (Delivery Status) जान सकते है| आप order किये गए product को cancel भी कर सकते है| ख़रीदे गए product को आप मोबाइल Flipkart App की सहायता से Return या Exchange भी कर सकते हैं|

अगर आपको Product के बारे में या flipkart के policy के बारे में या अन्य कुछ जानकारी चाहिए तो आप flipkart को मेल(email) भी कर सकते है|

मोबाइल के Flipkart App द्वारा product की delivery स्थिती जानने के लिए, या product को cancel, Return और exchange करने के लिए सबसे पहले आपको flipkart में login करना होता है| (Login & Signup पर click करके आप नया flipkart का अकाउंट भी बना सकते है|)

login करने के बाद आप के नाम का flipkart अकाउंट खुल (open) जाता है| उसके निचे ऑर्डर नाम के option पर click करने के बाद आपने ऑर्डर किये हुए product का विवरण(detail) खुल जाता है|

यहापर आप आपके ख़रीदे हुए product का विवरण (detail) देख सकते है| यहासे आप आपके product का delivery status देख सकते है| दी गयी ऑर्डर को cancel, return या exchange भी कर सकते है| 

अगर flipkart के service के बारे में आपकी कोई complaint है या आपको flipkart के terms और policy के बारे में कुछ जानना है, या Flipkart से ख़रीदे गए product के बारे में आपको कोई complaint है तो आप उनको यहासे मेल भी  कर सकते है|  24 घन्टे में आपको आपके ईमेल का जवाब मिल जाता है|

आप पुराने तरीकेसे flipkart को उनके Postal Address पर लेटर (letter) भी भेज सकते है| Flipkart का Corporate Address और Postal Address एक ही है|

अगर आपको flipkart के सारे policy, term, condition इत्यादी के बारे में जानना है तो आपको flipkart के मोबाइल App में signin करने के बाद More option पर click करना होता है|

यहापर आप को 24×7 Customer Care option मिलेगा इस पर click करने के बाद एक विंडो (window) खुलेगी उसमे आप को सारे flipkart के और product के संबधी terms, condition, policy,return, exchange इत्यादी के बारे में विस्तृत रूप में जानकारी मिल जायेगी| आपके सवालो के संबधी topic पर click करके आप इसके बारे में सारी जानकारी जान सकते है|

अगर आपको flipkart के या उसके प्रोडक्ट के Terms & Condition, policy, return, exchange, refund, complaint इत्यादी के बारे में अधिक की जानकारी चाहिए तो आप हमे Comment Box में जरूर लिखिए हम आपको reply करेंगे|

Sunny Leone Lifestory | भारतीय मूल की पहली Porn फिल्म (अश्लील फिल्म) स्टार है सन्नी लियोनी

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2011 में वो बॉलीवुड (Bollywood) फिल्म इंडस्ट्री में आ गयी| आते ही उसको फिल्म में हीरोइन का रोल मिल गया और वो फिल्म सुपरहिट हो गयी| उसके नाम के चर्चे पूरे फिल्म इंडस्ट्री में होने लगे और बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री की वह हॉट personality हो गयी| फिल्म इंडस्ट्री में नाम और शौहरत पाने की लिए जहा सालो लग जाते है उसे वह आते ही मिल गया| यह लेख है HOT Girl सन्नी लियोन के बारे में|Sunny Leone Lifestory

सन्नी लियोन का असली नाम क्या है ?

सन्नी लियोन का असली नाम ‘करेनजीत कौर वोहरा’ है| 13 मई 1981 को केनडा(Canada) के सार्निया शहर में मध्यमवर्गी पंजाबी सिख परिवार में जन्मी सन्नी के माता और पिता दोनों भारतीय मूल के है| जब वह 13 साल की थी तब उनका परिवार अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया में रहने के लिए चला गया| सन्नी लियोन बचपन से ही Tom Boy किस्म की लडकी थी जो लडकीयोंके बजाय लडको के साथ खेलना पसंद करती थी| हॉकी, स्केटिंग उनके पसंदीदा खेल थे|

पहला Kiss-उम्र 11 साल, पहला Sex-उम्र 16 साल

1999 में अपनी HIgh-School Degree प्राप्त करके उन्होंने कॉलेज में दाखिला(admission) ले लिया था| नर्स बनने के लिए नर्सिंग की पढाई चालू कर दी थी सन्नी लियोनने|  अमेरिका में पली-बढी सन्नी लियोन बेहद आझाद खयालो वाली लडकी है|

सनी अपने अतीत(Past-भूतकाल) के बारेमे खुलकर बोलने में विश्वास रखती है| उनका कहना है की 11 साल की उम्र में उन्होंने पहले कीस(Kiss) का अनुभव किया था| 16 साल के उम्र में उन्होंने पहली बार Sex का अनुभव लिया था| जो एक फुटबॉल खिलाड़ी था| 18 साल के उम्रमे उन्हें अपने Bisexual (मर्द और औरत दोनों के प्रती आकर्षण होना) होने का पता चला|

कैसे बनी करेनजीत कौर वोहरा से सन्नी लियोन ?

अश्लिल(adult) फिल्मो में काम करने से पहले सन्नीने जर्मन बेकरी, jiffy lube जैसी कंपनी में भी काम किया है| ऑरेंज काउंटी में नर्सिंग की पढाई करते वक्त उनकी एक सहेली ने उनको एक आदमी से मिलवाया था| उस आदमी ने बाद में सन्नी को पेंटहाउस(painthouse) नामक magzine के फोटोग्राफर से मिलवाया| पेंटहाउस Magzine ने उनको Modell के रूप में चुन लिया|

Nawazuddin siddiqui | ‘बेटा 12 साल में तो कचरे की भी किस्मत बदल जाती है हम तो इंसान है| हमारी भी किस्मत बदलते देर नही लगती|’

Painthouse Magzine में काम करते वक्त उन्होंने अपना नाम सन्नी बताया था जो की उनका बचपन का नाम है और लियोन नाम उनको पेंट हाउस magzine के पूर्व मालिक ने दीया था| इस तरह से करेनजीत कौर वोहरा से बन गयी सन्नी लियोन| उन्होंने करेनजीत मल्होत्रा नाम से भी कुछ दिनोतक काम किया है| पर सन्नी लियोन नाम से ही उनको प्रसीद्धी मिली और यही नाम उन्होंने कायम रखा|

Painthouse Magzine(पत्रिका) के लिए निकाले गए उनके फोटो को मार्च 2001 में पेंट हाउस ऑफ़ द मंथ रखा गया| 2001 में ही सन्नी लियोन को हस्टलर magzine के लिए हस्टलर हनी का किताब दिया गया| Painthouse magzine ने 2003 में उनको पेंट हाउस ऑफ़ द इयर घोषित किया था|

कैसे बनी अश्लील(Porn-adult) फिल्मो की स्टार

पेंटहाउस, हस्टलर, High सोसाइटी, स्वांक, लेग world, क्लब इंटरनेशनल इत्यादी जैसे प्रसिद्ध adult Magzine में काम कर चुकी है सन्नी| साल 2005 में Vivid Entertainment कंपनी ने उन्हें अपने फिल्मो के लिए sign कर लिया| Vivid Entertainment कंपनी यह पोर्न (adult) फिल्म बनाने के लिए मशहूर है|

सन्नी का कहना है की पोर्न(adult) फिल्मो में काम करने के लिए उन्हें इतना ज्यादा पैसा offer किया गया की वो मना नही कर सकी| पर vivid कंपनी को उन्होंने एक शर्त रखी की वो सिर्फ Lesbian(औरतो के साथ) scene ही करेगी| उनकी पहली adult movie थी SUNNY. उनकी अगली Adult movie ‘Virtual Vivid Girl Sunny Leone’ को AVN अवार्ड मिल गया था| Vivid कंपनी के साथ उन्होंने 10 से भी ज्यादा adult movies की है|

2009 को उन्होंने फिल्म कंपनी अपने दोस्त डेनियल वेबलेर के साथ खोली जिसका नाम था ‘Sun lust Pictures’| इसके तहत जो भी adult फिल्मे बनाई जाती वो Vivid कंपनी डिस्ट्रीब्यूट करती| उनकी निर्मित की गयी फिल्म  Gia Portrait of a Porn Star (2010) फिल्म को ANV अवार्ड में nominate क्या गया था|

इंटरनेट पर काफी लोकप्रिय है सन्नी| उन्होंने  PPPcard, AdultPokerParty.com, Brickhouse, Flirt4Free, Totemcash and Imlive जैसी website के लये adult movie की है| Web वर्ल्ड में बहुत  लोकप्रिय थी सन्नी उनको २००८ में “Web Babe of the Year” का ख़िताब मिल चुका है|

सन्नी लियोन की अपनी खुद की Adult Website भी है जिसका नाम है www.sunnyleone.com जो दुनियाभर में उनकी अश्लील फोटो और videos के लिए मशहूर है | साल 2012 को दिए गए एक इंटरव्यू में सन्नी ने बताया था उनके website का 80 प्रतिशत ट्रैफिक और 60 प्रतिशत Revenue(कमाई) इंडिया से आता है| साल 2013 में सन्नी लियोन ने Porn इंडस्ट्री से निवृत्ति(Retirement) की घोषणा कर दी और जाहीर कर दिया की वो अब किसी भी adult movie में काम नही करेगी|

भारतीय मूल की पहली Porn(अश्लील फिल्म) स्टार है सन्नी लियोनी

अपने अदाओसे और खुबसूरतीसे सबको घायल करने वाली सन्नी की ऊंचाई 5 फीट 4 इंच है| उनका फिगर 34-24-34 है| उनका वजन 50 किलोग्राम है| पूरी दुनिया में उनकी अच्छी खासी fan following है|

कहा जाता है की भारतीय मूल की पहली Porn(अश्लील फिल्म) स्टार है सन्नी लियोनी| कैनाडा में जन्मी सन्नी लियोनी 12 साल में उम्र में अपने परिवार के साथ अमेरिका आ गयी थी| और अब वह अमेरिका की नागरिक है| कैनाडा में जन्मी होने के कारण उनके पास अमेरिका और कैनाडा दोनों देशो की नागरिकता है|

कैसे मिली पहली हिंदी फिल्म ?

2011 के  ‘Big Boss’ में सन्नी लियोन ने काम किया था| उस वक्त प्रसिद्ध निर्माता, निर्देशक महेश भट बिग बॉस के मेहमान बन कर आये थे और उन्होंने सन्नी को फिल्म में काम करने का offer दिया था जिसे उसने स्वीकारा था| वह फिल्म सुपरहिट हो गयी और सन्नी लियोन हिंदी फिल्म स्टार बन गयी| इस सुपरहिट फिल्म का नाम था ‘जिस्म- 2’|

उसके  बाद उन्होंने ‘Shootout at wadala’, Ragini MMS, रईस जैसी सुपरहिट फिल्मो में काम भी किया है| हिंदी फिल्मो में काम करने के साथ साथ वह South फिल्म इंडस्ट्री में भी काम करती है| हिंदी, तेलगु, कनाडा, मलयालम भाषओके फिल्मो में काम कर चुकी है|

सन्नी के माता पिता दोनों का 2008 में देहांत हो गया है| सन्नी का कहना है उनके माता पिता दोनों हिंदी फिल्मो को बेहद पसंद करते थे| मै अब हिन्दी फिल्मो में काम करती हूँ यह देखने के लिए वह आज होते तो बहुत खुश होते|

सन्नी लियोन का जीवन

सन्नी PETA, Cancer के मरीजो के लिए काम करनेवाली सामाजीक संस्थाओ के साथ भी काम करती है|

साल 2011 को उन्होंने डेनियल वेबर से शादी कर ली|

साल 2017 को महाराष्ट्र के लातूर गाव से एक लडकी को गोद(adopt) ले लिया जिसका नाम उन्होंने निशा रखा है| उनको खुद के दो जुड़वाँ बच्चे भी है जिनका नाम Asher और Noah है|

माता पिता भारतीय मूल के होने की वजहसे सनी अपने आपको भारतीय मानती है| 

Nawazuddin siddiqui | ‘बेटा 12 साल में तो कचरे की भी किस्मत बदल जाती है हम तो इंसान है| हमारी भी किस्मत बदलते देर नही लगती|’

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मैं बहुत निराश हो चूका था| सोच रहा था फिल्म एक्टिंग का करियर छोड़ कर फिरसे गाव चला जावू| पर मैं गाव जाकर भी क्या करता क्योंकी मुझे एक्टिंग छोड़ कर कुछ नहीं आता था|  इसलिए मैंने मुंबई में ही रहने का फैसला किया जो भी कुछ मेरा होगा वो यही पर होगा| कुछ भी हो जाये में वापस नही जाऊगा| इसी जिद ने उसे बॉलीवुड का स्टार बना दिया|

इस लेख में हम एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) का जीवन संघर्ष जानने की कोशिश करेंगे|

जमीनदार(Landlord) घराने में जन्मे है

19 मई 1974 को जमीनदार घर में जन्मे नवाजुद्दीन का पूरा नाम नम्बरदार नवाजुद्दीन सिद्दीकी है| उत्तरप्रदेश के मुज्जफरपुर जिले के बुधाना गाव में उनका जनम हुआ| उनका परिवार काफी बड़ा था| सात भाई और दो बहनों में वो सबसे बड़े थे| उनके पिता का नाम नवाबुद्दीन सिद्दीकी और माताजी का नाम मेहरुनिस्सा सिद्दीकी है|

उस ज़माने में गाव में टीवी नही होते तो बचपन में ग्रामीण नाटको से और संगीतसे काफी प्रभावित थे नवाजुद्दीन|

सिद्दीकी खानदान से पहले साइंस ग्रेजुएट है

स्कूल की शिक्षा अपने गाव में पूरी करने के बाद उन्होंने हरिद्वार के गुरुकुल कांगरी विश्वविद्यालय से केमेस्ट्री विषय में साइंस के पदवी प्राप्त की|

अपने परिवार को आर्थीक सहायता देने के उद्देश से उन्होंने वड़ोदरा में केमिस्ट की एक साल तक नौकरी की| पर उस नौकरी से उनका मन खुश नहीं था| कुछ और ओ करना चाहते थे पर क्या यह उनको अपने आप को भी पता नहीं था|

कुछ अच्छा काम तलाशने के इरादेसे उन्होंने दिल्ली जाने का फैसला कर लिया|

यही तो है जो में करना चाहता हूँ

दिल्ली आने के बाद उन्होंने बहुतसे छोटे मोटे काम किये| एक दीन उनका दोस्त उनको नाटक दीखाने ले गया| नाटक देखने के बाद नवाजुद्दीन को लगा यही तो वोह काम है जिसे में करना चाहता हूँ|

नवाजुद्दीन ने एक्टिंग की पढाई करने के लिए नेशनल school ऑफ़ ड्रामा में एडमिशन लेने का फैसला किया| पर वोह जानते थे नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में एडमिशन लेने के लिए नाटको में काम करना बहुत जरूरी होता है| इसलिए नवाजुद्दीन ने नाटको में काम करना शुरू कर दिया|

मा के गहने गिरवी रखे

नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा में एडमिशन लेने के लिए उन्होंने अपनी मा के गहने गिरवी रखे|

नवाजुद्दीन सिद्दीकी का कहना है की नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा(NSD ) यह एशिया की और हो सकता है दुनिया की इकलौती संस्था है जो अपने विद्यार्थियोको तीन साल तक खाना, रहना और स्कॉलरशिप प्रदान करती है|

NSD में फिल्म निर्मिती से जुड़े हर एक विषयों को सिखाया जाता है| उनका समझना है की NSD एक खजाना है और इसे आप जितना लूटो उतना कम है| जितना नेशनल school ऑफ़ ड्रामा से आप सिखने की कोशिश करोगे उतने ज्यादा आप समृद्ध होते जाओगे| अगर वहासे सिखने में आप असमर्थ रहे तो यह आपकी गलती है|

कंपनी में वॉचमैन की नौकरी करते थे

1996 में नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा से पढाई ख़त्म करने के बाद नवाजुद्दीन ने हिंदी नाटको में काम करना शुरू कर दिया| हिंदी नाटको से मिलनी वाली आमदनी बहुत कम थी इसलिए उन्होंने ने कुछ और काम करने की भी सोची|

एक दिन सार्वजनीक बाथरूम के दीवार पर उनको एक Advertisement चिपकी दिखी जिसपर वॉचमैन के नौकरी का इश्तिहार था|  पैसे की जरूरत होने के कारण उन्होंने वॉचमैन की नौकरी करने का फैसला कर लिया|

लगभग डेढ साल तक उन्होंने वॉचमैन की नौकरी की वो नौकरी छुटने के बाद वो सीधा मुंबई आ गए और फिल्म में काम मिलने के तलाश में जुट गए|

कठिन समय से गुजरे नवाज

मुंबई आ तो गये नवाज पर उनके पास घर का किराया देने तक के पैसे नहीं होते थे| उन्होंने मुंबई में NSD के अपने दोस्तों के साथ मुफ्त में रहना शुरू कर दिया और उसके बदले वो उनका खाना बनाया करते थे|

उस वक्त साल 2000 से 2005 तक बड़ी मंदी का महोल था फिल्मे ज्यादा बन नही रही थी| इसलिए उन्होंने टीवी सीरियल में छोटे काम करना शुरू कर दिया| टीवी सीरियल में भी कुछ खास जम नही रहा था| पर उनको मुख्य रूप से फिल्मो में काम करने की चाहत थी|

12 साल में तो कचरे कीभी तकदीर बदलती है

नवाज ने टीवी सीरियल में काम करके देखा पर वहापर भी कुछ जम नहीं रहा था| फिल्मो में भी छोटे ही रोल मिल रहे थे| कहा भी कुछ खास नही हो पा रहा था| पैसो की तंगी से परेशान हो गए थे| ऐसे में उनको लगने लगा था की यह एक्टिंग का काम छोडके फिरसे गाँव चले जाना चाहिए|

ऐसे वक्त में उनकी माताजी ने उनको बड़ी हिम्मत दी| अपने गहने गिरवी रखके नवाज को पैसे की मदद किया करती थी| उनका होसला बढ़ाती थी|  उन्होंने नवाज से कहा था ‘बेटा 12 साल में तो कचरे की भी किस्मत बदल जाती है हम तो इंसान है| हमारी भी किस्मत बदलते देर नही लगती|’ और 12 साल के संघर्ष के बाद सच में मा के दुआओका असर दीखना शुरू हो गया|

उस फिल्म ने नवाज की तकदीर बदल दी

फिल्मो में वही छोटे-मोठे रोल करके परेशान हो गए थे नवाज| कुछ भी ठीक नही हो रहा था| उन्होंने सरफ़रोश, जंगल, शूल, मुन्नाभाई MBBS इत्यादी फिल्मो में छोटे रोले किये थे पर किसीका भी ध्यान आकर्षीत करने में वो कामयाब नही रहे|

2010 में प्रदर्शीत हुई ‘पीपली लाइव’ फिल्म में नवाज ने पत्रकार को रोल किया जिसे सराहा गया था| 2012 में ‘पतंग –The Kite’ फिल्म से उनको थोड़ी बहुत अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली| 2012 साल उनके लिए बहुत ही अच्छा रहा| इसी साल में प्रदर्शीत हुइ ‘Gangs ऑफ़ वासेपुर’ फिल्म जिसमे वो प्रमुख रोल कर रहे थे वह फिल्म हिट हो गयी| इस फिल्म में नवाज के अभिनय को सराहा गया|  

‘Gangs ऑफ़ वासेपुर’ फिल्म की सफलता के बाद नवाज बॉलीवुड के स्टार हो गए और आजतक वो अपने अभिनय की जादू बॉलीवुड इंडस्ट्री में बिखेर रहे है|

बॉलीवुड इंडस्ट्री में Merit System नहीं है

नवाज का कहना है बॉलीवुड इंडस्ट्री में मेरिट system नही है| यहा पर आप कैसे दीखते है इसपर आपको रोल मिलते है| आपकी अभिनय क्षमता पर शुरू में आपको रोल मिलना मुश्किल होता है| आप जैसे दीखते हो वैसे ही रोल आपको मिलते है|

जैसे डॉक्टर, इंजिनियर इत्यादी क्षेत्र में मेरिट होती है वैसे फिल्म इंडस्ट्री में Merit System नही है| 

अपने आपको किसान(farmer) मानते है नवाज

नवाजुद्दीन अपने परिवार के साथ मुंबई में रहते है| उनके पत्नी का नाम अंजलि सिद्दीकी है| उन्हें एक बेटा और बेटी हैं| नवाज का कहना है वो किसान है और उनके जमीनदार पिता और पुरखे सालोसे खेती करते आ रहे हे| जिन्दगी के आख़री दिनों तक अपने पिताजी की तरह किसानी करना चाहते है नवाज|

हर एक धर्म में उनकी आस्था है और उनका कहना है की हर एक धर्म का डीएनए मुझमे है पर आखिर में मैं सौ प्रतिशत(100%) एक एक्टर(कलाकार) हूँ|

Create Hindi website easily without coding | वेबसाइट बनाने के लिए आवश्यक बाते | कैसे शुरू करे अपनी WEBSITE बनाना?

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                क्या आप हिन्दी में वेबसाइट (website) बनाने की सोच रहे हो? Website बनाने के लिए कोडिंग (HTML) सिख रहे हो| पर HTML सिखने के लिए आपको वक्त नही मिल रहा है या आपको लग रहा है यह HTML सीखना आपके बस की बात नहीं| इसलिए आप website बनानेका इरादा(Plan}) छोड़ रहे हो| तो ऐसा मत कीजिये| इस लेख में हम आपको ऐसा तरिका (way) बताएँगे जिससे आप आसानीसे website बना लेंगे|

हम जो तरीका आपको बताने जा रहे है इससे महज 14-15 साल के युवा भी आसानीसे website बना लेते है यह इतना सरल (easy) है|

वेबसाइट बनानेका मकसद क्या है?

वेबसाइट बनाने के पहले आपके दीमाग में यह स्पष्ट (clear) होना चाहिए की आप website क्यों बनाना चाहते हो| आपका website बनाने का मकसद क्या है|

  1. ऑनलाइन field में करियर करना चाहते हो इसलिए website बनाकर कुछ पैसा कमाना चाहते हो|
  2. वेबसाइट बनाने का सिखने की इच्छा है|
  3. Website बनाना सिखने के बाद दुसरो के लिए वेबसाइट बनानेका business करनेकी इच्छा है|
  4. खुद का business है उसका प्रमोशन करने के लिए वेबसाइट बनानी है|

ऐसे एक या अनेक कारण होगे जिसकी वजहसे आप वेबसाइट बनाना चाहते है या आपको इच्छा है|

वेबसाइट बनाने के लिए आवश्यक (necessary) बाते

                वेबसाइट बनानेके लिए जीन बातोकी जरूरत होती है वो सबको पता है फिर भी हम यहाँ पर बता देते है| सबसे पहले तो आपके पास Computer या लैपटॉप होना जरूरी है| मोबाइल का इस्तेमाल करके वेबसाइट बनाना मुश्किल है|

Youtube चैनल आप मोबाइल से बनाकर operate भी कर सकते हो| पर आपको website बनानेके लिए desktop या laptop की जरूरत होती है| Internet (इन्टरनेट) कनेक्शन चाहिए| बस आप वेबसाइट बनाने के लिए तैयार हो गए|

कैसे शुरू करे अपनी website बनाना?

               सबसे पहले आपको वेबसाइट के लिए नाम सोचना होगा| जिस तरह के आर्टिकल(Article) आप लिखने की सोच रहे हो उससे मिलता जुलता नाम website का रखेंगे तो अच्छा रहेगा| जैसे की Technology, Education, Health आपका टॉपिक है तो इससे मिलता जुलता नाम रखे| नाम और Topic सोचने के बाद आपको इस सोचे हुए नाम का Domain खरीदना होगा|  

Godaddy, Bigrock, Hostgator, या  bluehost से आप Domain name(नाम) और Hosting खरीद सकते है| शुरू के पहले साल के लिए ये आपको 250 रूपये से लेकर 600 रूपये तक मिल जाता है| डोमेन name(नाम) खरीदने के बाद आपको Hosting खरीदनी पड़ती है| Sharing Hosting हमे 150 से 250 रूपये महीने तक मिल जाती है|

Domain Name और Hosting खरीदते वक्त क्या सावधानी बरते?

             ज्यादातर जो नाम हम Domain के लिए सोचते है वो पहलेसे किसीने ले लिया होता है| और हम उसी डोमेन name के पीछे भागते है| यह डोमेन और होस्टिंग बेचने वाली कंपनिया होशियार होती है उन्हें मालूम होता है जो नाम आप एक बार सोच लेते है उसीके पीछे लग जायेंगे| तो यह कंपनिया डोमेन के लिए हमे एक option दे देते हैं|

Sorry, xxxxxx.com has been taken. Still want it? You have to do this. इस पर click करने के बाद इस तरह का message आएगा|

  • Domain purchase service
  • We contact the existing owner on your behalf. It is for sale, whatever it can do to get it for you, will do it!
  • ₹ 4,059.49/- Per domain + commission

  आप भूल कर भी इस चक्कर में  मत पड़िए| वरना आपके 4500/- रूपये बरबाद हो जायेंगे| यह सिर्फ पैसे लूटने का धंदा है| अगर आपने सोचा हुआ वेबसाइट नाम उपलब्ध (available) नही है तो आप दूसरा नाम सोच लीजिये जो available है|

कैसे ख़रीदे सस्ते में Domain नाम और Hosting?

             डोमेन नाम और होस्टिंग खरीदने से पहले आप इन Godaddy, Bigrock, Hostgator, या  bluehost इत्यादी site पर जाकर डोमेन नाम कहापर सस्ता है वो चेक कीजिये| बादमे google पर Domain Discount Coupon लिखके search कीजिये| यहापर आपको हर एक site का डिस्काउंट कूपन मिलेगा| आप आपके चुने हुए site का डिस्काउंट कूपन इस्तेमाल कीजिये|

यही तरीका आप होस्टिंग(Hosting) खरीदते वक्त भी कीजिए और डिस्काउंट कूपन इस्तेमाल करना मत भूलिए| इससे आप आपके पैसे बचा सकते है| आप डोमेन अलग कंपनी का और होस्टिंग(Hosting) अलग कंपनी की ऐसा भी कर सकते है| एक ही कंपनी का डोमेन name और Hosting हो यह जरूरी नहीं|

होस्टिंग खरीदते वक्त वह अच्छे कंपनी की ही होनी चाहिए| Free में मिल रही है या सस्ती है इसलिए कोनसी भी hosting मत लीजिये आपकी website के speed पर असर पड़ेगा|

बिना coding के कैसे करे Website डिजाईन?

           वेबसाइट बनाने के लिए कुछ Web Applications है जिनके मदद से आप Website डिजाईन कर सकते है| यह बिल्कुल free होते है| WordPress, Joomla, Drupal, phpBB यह कुछ प्रसिद्ध Web Applications है जिनकी मदद से आप आपके website को डिजाईन कर सकते है|

इनमे सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है WordPress. बाकी के भी अच्छे है| पर दुनिया में ज्यादा से ज्यादा  Websites में WordPress Application ही इस्तेमाल करते है| अगर आप पहली बार ही website डिजाईन कर रहे हो तो ज्यादातर wordpress ही इस्तेमाल कीजिये| यह user फ्रेंडली है| आपके Hosting के Cpanel में Web Application menu में wordpress दिया होता है यहासे इसको इनस्टॉल (install) कीजिये|

WordPress Application install करने के बाद?

               आपको website के लिए Theme चुननी(select) होगी| website में Top bar, Main bar, Side bar बनाने होंगे| Pages, Categories बनानी होगी| कुछ जरूरी Plugin है उनको install करके activate करना होगा| यह सब हो जाने के बाद आप की website पोस्ट(Article) डालने के लिए तैयार हो जायेगी|

आपको शुरू में यह सारे steps मुश्किल लगने की संभावना है| पर यकीन मानिये अगर आपने एक बार wordpress का इस्तेमाल करके website बना ली तो दुसरी बार आप आसानीसे अपनी या दुसरे की website बना सकते है|

Website से पैसे कैसे कमाते है ?

               Google adsense का इस्तेमाल करके आप website से पैसे कमा सकते है| Flipkart और Amazon के product की link लगाकर आप पैसा कमा सकते है| Third Party कंपनी की advertisement लगाकर आप पैसा कमा सकते है|

                 इस लेख में हमने आपको website कैसे बनाई जाती है सिर्फ इसकी रूपरेखा बताई है| website बनानेके के पहले आपको पता हो की कोनसे steps आपको follow करने पड़ेगे इसकी आपको जानकारी हो यह इस लेख का उद्देश था|  

Best Budget 32 inch HD Smart TV 2018 (Below 15000/- Rs)

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              ओ जमाना चला गया जब टीवी बड़े महंगे हुआ करते थे| टीवी बेचने वाली कंपनीया भी बहुत कम हुआ करती थी| पर आज के Competition के ज़माने में बहुत सारी कंपनिया मार्केट में है जो अपना टीवी बेचना चाहती है| इसीलीए मार्केट में हर budget (कीमत) के और specification के टीवी उपलब्ध है| इस लेख में हम मार्केट में 15000/- रुपये के नीचे मिलने वाले प्रसिद्ध (popular) Best budget 32 inch, HD Resolution वाले स्मार्ट टीवी की कीमत और स्पेसिफिकेशन के बारे में जानेंगे| Best Budget 32 inch HD Smart TV 2018 (Below 15000/- rs)

          ♥ Mi LED Smart TV 4A 80 cm (32 inch)

                 Xiaomi यह चाइना की प्रसिद्ध कंपनी है जिसने भारत में अपने सस्ते और अच्छे स्मार्ट एंड्राइड (Android) फ़ोन उतारकर भारतीय स्मार्ट फ़ोन बाजार में तहलका मचा दीया था| आज 2018 में Xiaomi यह भारत में सबसे ज्यादा स्मार्ट मोबाइल फ़ोन बेचने वाली नंबर 1 (one) कंपनी है| इसी Xiaomi कंपनी ने 2018 में भारतीय बाजार मे अपने सस्ते और अच्छे स्मार्ट एंड्राइड(Android) TV उतारे है| इनकी कम कीमत और अच्छे specification वजहसे यह स्मार्ट टीवी भारत में लोकप्रिय भी हो गए है|

Xiaomi के इसी प्रसिद्ध 32 इंच Mi LED Smart TV 4A के कीमत, features और specification के बारे में जानते है|   

  • PRICE (कीमत): 13999/- Rs.  Model Name: L32M5-AI     
  •  Highlight 20 W Speaker Output

Specifications:

Display Size : 80 cm (32 inch)  Screen Type : LED HD Ready : 1366 x 768 Pixels
Smart TV, Series 4A Touchscreen :No, Motion Sensor:No HDMI:3, USB:2
Wi-Fi Type: 11a/b/g/n (2.4 GHz) Built In Wi-Fi: Yes Launch Year: 2018
3G Dongle Plug and Play: No Ethernet (RJ45) :1 Headphone Jack : Yes
Refresh Rate : 60 Hz Number of Cores :4 Processor: Amlogic 64-bit Quad-core
Graphic Processor: Mali-450 MP3 Ram Capacity : 1 GB Storage Memory: 8 GB
Operating System: Android Based Screen Mirroring : Yes Supported App – Hotstar
Number of Speakers :2 Sound Technology: DTS Surround Sound : Yes
 PNG, GIF, JPG Supported Weight (without stand): 855 kg
  • Width x Height x Depth (with stand): 733 mm x 479 mm x 180 mm
  • Warranty Summary
    • 1 Year on Product & Additional 1 Year on Panel
  • Important Notes:
  • The service engineer will install the TV on the table top by default.
  • The optional wall mount costs Rs. 399, and will be delivered and installed by the service engineer.

 Vu Premium Smart 32 inch HD Ready LED Smart TV(32D6475)

                 VU Technologies यह भारतीय कंपनी है| Devita Saraf ने 2006 में यह कंपनी स्थापन की थी| VU टीवी भारतीय online ecommerce साईट पर सबसे ज्यादा बिकने वाले टीवी है| बड़े कंपनियों के ऑफिस में और conference room में ज्यादातर VU कंपनी के टीवी होते है| VU कंपनी के best budget 32 इंच स्मार्ट टीवी की कीमत (price) Featrues और Specification इस प्रकार के है|

    PRICE (कीमत): 14999/- Rs.       Model Name : 32D6475_HD smart

  Specifications:

Display Size: 80 cm (32 inch) Screen Type : LED HD Resolution : 1366 x 768
Smart TV, Series Premium Smart Motion Sensor :No, Touchscreen :No HDMI:3, USB: 2
Built In Wi-Fi : Yes Launch Year: 2016 Built In Wi-Fi : Yes
3G Dongle Plug and Play : Yes Ethernet (RJ45) : 1 5 mm Headphone Jack: 1
Optical Digital Audio Output : 1 Panel Type : A+ Grade Panel LED Display Type : DLED
MPEG4 / H264 / H265 Decoder Refresh Rate : 60 Hz YouTube, Netflix, Browser, Google
Android Mobile Supported Operating System: Linux Based Movies Support in USB Mode
Screen Mirroring : Yes Number of Speakers : 2 (20 W) Sound Technology Dolby Digital
  • Width x Height x Depth (without stand) : 734 mm x 434 mm x 93 mm
  • Weight (without stand) : 3 kg
  • Warranty Summary: 1 year Vu Domestic Warranty
  • Important Note:
  • The service engineer will install your new TV, either on a wall mount or on a table top
  • The wall mount will be provided free of cost and is available with in the Box

♥ Micromax 81 32 inch HD LED Smart TV (L32 Binge Box)

                  Micromax यह भारतीय कंपनी है जिसे राहुल शर्मा ने 2000 में स्थापन किया था| यह कंपनी मोबाइल फ़ोन. Air Conditioner,LED TV इत्यादी बनाती है| 32 इंच के budget (सस्ते) टीवी में Micromax का L32 Binge Box यह टीवी प्रसिद्ध (Popular) है|  Micromax कंपनी के इस L32 Binge Box 32 इंच स्मार्ट टीवी की कीमत (price) Featrues और Specification इस प्रकार के है|

   PRICE (कीमत): 15490/- Rs.       Model Name : L32 Binge Box

 Specifications:

Display Size : 28 cm (32 inch) Screen Type LED HD Ready, Resolution 1366 x 768
Touchscreen : No Motion Sensor : No Smart TV : Yes
HDMI : 2 , USB : 2 Built In Wi-Fi : Yes Launch Year : 2017
3G Dongle Plug and Play : No Ethernet (RJ45) : 1 Refresh Rate : 60 Hz
Number of Speaker : 2 Speaker Output RMS : 20 W Power Req:AC: 110 – 240 V, 50/60 Hz
AC 110 – 240 V, 50/60 Hz 45 W, 0.5 W (Standby Operating System : Android Based

Warranty Summary : 1 Year Warranty

Dimensions : 

Width x Height x Depth (without stand) : 73 cm x 17.8 cm

♥ Thomson LED Smart TV B9 Pro 80cm (32inch)

                Thomson का यह B9 Pro Series का 32 inch का स्मार्ट TV भारत में इसकी कम कीमत और अच्छे features और Specification के वजहसे प्रसिद्ध (popular) है| 

  PRICE (कीमत): 13499/- Rs.     Model Name : 32M3277/32M3277 PRO     Series : B9 Pro

 Specifications:

Display Size : 28 cm (32 inch) Screen Type LED HD Ready, Resolution 1366 x 768
Touchscreen : No Motion Sensor : No Smart TV : Yes
HDMI : 3 , USB : 2 Built In Wi-Fi : Yes Launch Year : 2017
Refresh Rate : 60 Hz 3G Dongle Plug and Play : No PC Audio In : Yes
Headphone Jack : Yes Digital Audio Output : Yes A+ Samsung Panel
Digital Noise Filter : Yes Operating System : Android Based Free-edge Speaker Type
Number of Speaker : 2  Speaker Output RMS : 20 W Surround sound Technology
Subwoofer Output RMS : 20 WMA, MP3, M4A Audio Format Screen Mirroring : Yes

  •     Dimensions :
  • Width x Height x Depth (without stand)
    • 735 mm x 440 mm x 100 mm
  • Width x Height x Depth (with stand)
    • 810 mm x 515 mm x 145 mm
  • Warranty Summary : 1 Year Warranty
    • The service engineer will install your new TV, either on wall mount or on table top
    • The wall mount will be provided free of cost and is available with in the Box
    • The Installation & Demo service will be provided free.
    •             अगर आप कम कीमत और अच्छे features और स्पेसिफिकेशन  वाले 32 inch का  स्मार्ट टीवी लेना चाहते है तो इन टीवी के बारेमे भी आप सोच सकते है|          

The Great Khali | 22 साल में उम्र में पुलिस बन गए खली | 1997 और 1998 में Mr. India बने | दलीप सिंह राना बन गया ‘द ग्रेट खली’ | अमेरिका के नागरीक है खली

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कुछ लोग ऐसे होते है जो सिर्फ इतिहास (History) रचने के लिए ही जनम लेते है| विपरीत परिस्थितियों में रहते हुए भी वो कभी हिम्मत नही हारते| हर मुश्किलों का सामना करते हुए अपने लक्ष तक बढ़ते रहते है| अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के राह पर मुश्किलोका पहाड़ भी खड़ा हो तो अपने भीमकाय महत्वाकाक्षाओसे वो उसे चकनाचूर कर देते है|

यह कहानी है भारत माता के उस भीम की जिसने अपने साथ साथ देश का भी नाम सातो समुंदर पार पहुँचाया है| उस भीम का नाम है दलीप सिंह राणा उर्फ़ ‘द ग्रेट खली’| The Great Khali Aamzing Life Story | The Great Khali wiki

सिर्फ 8 व़ी कक्षा तक पढ़े है खली

हिमाचल प्रदेश के सिरमोर जिले में सीराइना गाव में 27 अगस्त 1972 को दलीप सिंह राणा का जनम पंजाबी राजपूत परिवार में हुआ| उनके पिताजी का नाम ज्वाला राम और माताजी का नाम तन्दी देवी था| ज्वाला राम के कूल 8 बच्चे थे जिसमे 7 लडके और 1 लडकी थी| ज्वाला राम गरीब किसान थे जिसकी वजहसे अपने परिवार का भरण पोषण और बच्चो को पढाना उनके लिए कठिन हो रहा था|

घर का हाल समझते हुए दलीप सिंह राणा ने अपनी पढाई छोड़ दी और गाव में मेहनत मजदूरी का काम करने लगे|

पत्थर तोडना और मजदूरी करना ऐसे काम करते थे खली

सिरमोर जिले में पत्थर तोडने से लेकर हर एक तरह की मजदूरी किया करते थे| बड़ा कद होनेकी वजहसे खाना भी ज्यादा लगता था| कमाई के ज्यादातर पैसे खुराक में ही चले जाते थे| मेहनत मजदूरी का काम भी खुशिसे करते थे खली|

उनका कहना है कोई भी काम छोटा या बड़ा नही होता|  रोकर कोई काम करने से अच्छा है खुशीसे किया जाये इससे जिन्दगी खुशहाल रहती है|

22 साल में उम्र में पुलिस बन गए खली

 1994 में ट्रिब्यून नामक पेपर ने एक बार खली के बारेमे छापा था 7 फूट 3 इंच height वाला लड़का| इस छोटीसी कहानी को उस वक्त के पंजाब पुलिस के DGP एम्. एस. भुल्लर जी ने पढ़ा और उन्होंने उनके सहकारीयोसे कहा इस लड़के को लेको आओ हम इसे पंजाब पोलीस में भरती कर लेंगे|

22 साल के खली पंजाब पुलिस में सिपाही के  पद पे भरती हो गए|

1997 और 1998 में Mr. India बने

स्पोर्ट्स कोटा में भरती हुए खली सुबह 5 से 9 तक excercise करते थे| तीन घंटा आराम करके फिरसे ग्राउंड में excercise करने जाते थे| उनके दोस्त घुमने जाते, फिल्म देखने जाते पर खली दीन भर व्यायाम करते थे| उनके दोस्त उनको इस बात पर चिढाते भी थे|

अपनी मेहनत की वजहसे 1997 और 1998 को खली ने Body Building का Mr. इंडिया ख़िताब जीता| बॉडी बिल्डिंग का Mr. पंजाब और Mr. North India ख़िताब भी जीत चुके है खली|

 कैसे रेसलिंग(wrestling) का शौक पैदा हुआ खली को ?

पहली बार खलीने जब TV पर WWE रेसलिंग (wrestling) मैच देखी तो उन्हें यह फिल्म लगी| जब उन्हें पता चला यह WWE Wrestling(कुस्ती) है तो उन्हें यह खेल पसंद आया और उन्होंने इसी खेल में करियर बनानेका फैसला किया|

जापान में होने वाली Wrestling (कुस्ती) Matches में वो Participate करने लगे|  खली ने जापान के रेसलिंग में अच्छा नाम कमाया| जापान के एक रेसलिंग मैच में खली के साथ इक हादसा हो गया|

खली के हाथो मर गया था एक रेसलर(पहलवान)

जापान में 28 मई  2001 को ऑल प्रो रेसलिंग(All Pro Wrestling) में खली और ब्रायन ओंग (Brain Ong) का मुकाबला चल रहा था| उस वक्त खलिने Spine Boston नाम के पैतरसे ब्रायन को हवा में उछालकर निचे गिराया था पर उसमे सर निचे टकराने के वजहसे ब्रायन की मौत हो गयी थी|

खली को आज भी इस बात का दुःख है| आजभी वो इस घटना को इक दुखद घटना मानते है|

दलीप सिंह राना बन गया ‘द ग्रेट खली’

जापान के रेसलिंग matches में अच्छा performance देने के बाद खली का नाम अमेरिका के WWE तक पहुंचा| 2005 में WWE वालोने खाली को अमेरिका बुलाया| उन्हें वहापर रेसलिंग matches की ट्रेनिंग दी गयी| अमेरिका के WWE वालोने भारत के दलीप सिंह राना को ‘द ग्रेट खली’ नाम दिया|

भारत में बहुत से लोगो को लगता है की खली कालीमाता के भक्त है इसलिए उन्होंने अपना नाम खली रखा| खली ने एक इंटरव्यू में बता दीया है की ऐसा कुछ नही है उनका ‘द ग्रेट खली’ नाम WWE वालोनेही रखा है| WWE में हर एक रेसलर को नया नाम दिया जाता है|

‘द ग्रेट खली’ ने मचा दिया तहलका

 2000 से लेकर 2004 तक जापान के रेसलिंग मैच में अपना दम दीखाने के बाद 2005 में खली ने WWE में entry की| यही पर उनको ‘द ग्रेट खली’ नाम मिला|

2005 से 2015 तक उन्होंने WWE की रेसलिंग matches खेली| बड़े बड़े WWE के पहेलवानोकों हराकर उन्होंने दुनिया भर में तहलका मचा दिया| 2007 में खली ने WWE का World Heavy Weight Champion ख़िताब भी जीता|

2015 से उन्होंने Wrestling Matches खेलना बंद कर दिया है|  

खाने में हररोज क्या खाते है खली ?

 7 फूट 3 इंच लम्बाई (height) और 157 किलोग्राम वजन वाले खली का सीना(chest) 63 इंच का है|

खली का कहना है उन्हें खाने में दाल, चावल, चपाती और भाजी अच्छी लगती है| Food Supplement भी वो लेते है| नॉन वेजीटेरियन(meat) खाना भी खाते है|

उनका कहना है की सामान्य आदमी से size में बड़ा होने की वजहसे मेरा खाना थोडा ज्यादा होता है|

अमेरिका के नागरीक है खली (US citizen)

खली अपने परिवार के साथ अमेरिका के हॉस्टन शहर में रहते है| उनकी पत्नी का नाम है हरमिंदर कौर और उनकी एक बच्ची भी है| खली का अमेरीका में खुद का बिज़नेस भी है|

रेसलिंग करने के अलावा हॉलीवुड और बॉलीवुड के फिल्मो में भी काम कर चुके है खली| ‘द ग्रेट खली’ का सन्मान करते हुए अमेरिकन सरकार ने उन्हें अमेरिकन नागरिकता बहाल की है| 

भारत के हरयाणा में CWE नाम की रेसलिंग अकादमी खोली है खली ने| भारत के युवाओको और युवातीओको रेसलर बननेके सारे तरीके यहापर सिखाए जाते है|

भारतीय युवा रेसलिंग जगत में बहुत नाम कमाए ऐसी इच्छा रखते है ‘द ग्रेट खली’|

महाभारत के नही पर स्वतंत्र भारत के भीम है ‘द ग्रेट खली’|

Tiger shroff life story | शिव के बड़े भक्त है टाइगर श्रॉफ | 4 साल के उम्र में ही कराटे और डांस सीखना चालू किया | अमीर खान को धूम 3 में Body बनाने में मदद की

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                    Bollywood में जितेने भी नये उभरते सितारे है उन सबमे एक बात कॉमन है| यह सब पूरी तरह से तैयारी करके ही फिल्म क्षेत्र में आये है| इसका कारण यह हो सकता है की यह उभरते फिल्म सितारे ज्यादातर फ़िल्मी परिवार से ही है| फिल्मो के लिए कौनसी बातो की जरूरत होती है इन्हें इसकी पूरी तरह से जानकारी होती है| पर बॉलीवुड की फिल्मो में काम करने वाले इन कलाकोरोमेसे कुछ सफल हो जाते है तो कुछ असफल| यहापर असफल होने वोलो की संख्या ज्यादा है| जो अपने फ़िल्मी परिवार के छबी से हटके अपनी पहचान बनाने में सफल हो जाते है वो इस Bollywood नगरी पर राज करने को तैयार हो जाते है| यह ऐसे ही एक अभिनेता की कहानी जो अपने सुपरस्टार पिता के छाया से बाहर निकलकर बॉलीवुड में अपनी खुद की छबी स्थापित करने में कामयाब रहा है| उनका नाम है टाइगर श्रॉफ| Tiger shroff life story | Tiger Shroff Wiki   

जय नाम बदलकर टाइगर क्यों रखा गया?

                     2 मार्च 1990 को मुंबई में जन्मे टाइगर श्रॉफ के पीता का नाम जैकी श्रॉफ और मा का नाम आयेशा श्रॉफ  है| जैकी श्रॉफ प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता है और मा आयशा श्रॉफ फिल्म निर्माता है| टाइगर के छोटे बहन का नाम कृष्णा श्रॉफ है| टाइगर का बचपन का नाम जय था जिसे बाद में बदला गया| जय बचपन में बहुत ही सुन्दर और आकर्षक बच्चे थे| घर में आये मेहमान, दोस्त इस नन्हे 2-3 साल के ख़ूबसूरत बच्चे को जैसेही गोदी में उठाने का प्रयत्न करते यह उन्हें काट देता या नाखुनोसे खुरेच देता| उनकी इस हरकतों को देखकर, माताजी पिताजी ने उनका जय नाम बदलकर टाइगर रख दिया|

4 साल के उम्र में ही कराटे और डांस सीखना चालू किया

                     फिल्म अभिनेता ब्रूस ली की ‘Enter The Dragon’ फिल्म देख कर प्रभावित हुए टाइगर ने उम्र के 4 साल में ही कराटे सीखना चालु कर दिया| फिल्मो में आने से पहले ही उन्होंने Martial Art में 5 th डिग्री(degree) black बेल्ट हासिल कर लिया था| बॉलीवुड में शायद वो पहले ऐसे अभिनेता है जिसे Martial Art(कराटे) का 5th डिग्री black बेल्ट हासील है| इसी तरह माइकल जैक्सन का ‘Thriller’ में डांस देखकर प्रभावित हुए टाइगर ने उम्र के 4 साल से ही डांस सीखना शुरू कर दिया| आज हृतिक रोशन के बाद बॉलीवुड का सबसे बेहतरीन डांसर टाइगर श्रॉफ को माना जाता है| ब्रूस ली, हृतिक रोशन और माइकल जैक्सन को अपने जीवन का प्रेरणास्थान मानते है टाइगर श्रॉफ|

Sports छोडके फिल्मो में करियर बनानेकी सोची

                     टाइगर श्रॉफ ने अपनी शिक्षा अमेरिकन school ऑफ़ Bombay से पूरी की है| स्कूल / कॉलेज  में पढाई से ज्यादा खेल की तरफ उनका लगाव था| Volleyball, बास्केटबॉल और फुटबॉल जैसे खेलो में दीलचस्पी लिया करते थे टाइगर| फुटबॉल में करियर करना चाहते थे टाइगर पर इस खेल में करियर करना इतना आसान नही होगा यह जानके उन्होंने इसका विचार छोड़ दिया|

अमीर खान को धूम 3 में Body बनाने में मदद की

                     सारा बॉलीवुड मानता है टाइगर श्रॉफ के वेल maintain बॉडी को | सुपरस्टार आमिर खान को फिल्म धूम 3 के लिए Body बनाने में टाइगर श्रॉफ ने मदद की थी| Jacky श्रॉफ का नाम इस्तेमाल किये बिना अपने दम पर कुछ करना चाहते थे टाइगर श्रॉफ| इसलिए उन्होंने TV के डांस Reality show में भाग लिया था| फरहा खान उसकी जज थी| टाइगर श्रॉफ का डांस देखकर प्रभावित हुयी फरहा खान ने उनसे कहा था तुम डांस में मिथुन चक्रवती के बेटे या हृतिक रोशन के भाई लगते हो|

शिव के बड़े भक्त है टाइगर श्रॉफ

                     शिवजी के बड़े भक्त है टाइगर श्रॉफ| शिवजी में बड़ी श्रद्धा है उनकी| अपने शरीर को शिवजी की देन मानते है और हर सोमवार को उनका उपवास रखते है| हर साल महाशिवरात्रि के पावन दिन भी उपवास करते है| किसी भी तरह के बुरे व्यसन(शराब, सिगारेट) से दूर रहते है| शर्मीले स्वभाव के टाइगर पार्टीयों में जाना पसंद नहीं करते|

पहली फिल्म सुपरहिट हो गयी

                   प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और र्निर्देशक सजियाद नाडियादवाला ने पहली बार टाइगर श्रॉफ को फिल्म में काम करने का offer दिया| यह फिल्म थी हीरोपंथी| 2014 में आयी यह फिल्म सुपर हिट हो गयी और टाइगर श्रॉफ स्टार बन गए| 2018 तक उन्होंने 5 फिल्मोमे काम किया है और उनकी लगभग सारी फिल्मे सफल रही है| सिर्फ अपने 4 साल के करियर में ही टाइगर बॉलीवुड के स्टार बन गए है|

Why Apple fail in India | Apple भारत में सबसे कम बिकनेवाला मोबाइल फ़ोन | OPPO और VIVO ने भी APPLE को हरा दिया | Xiaomi  ने बदला भारतीय मोबाइल फ़ोन का बाजार

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भारत जल्द ही दुनिया का सबसे ज्यादा मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करनेवाला देश बनने वाला है| दुनिया के  नंबर 2 आबादी वाले इस देश में हर कोई मोबाइल कंपनी अपना फ़ोन बेचना चाहती है| यहापर सस्ते महेंगे सभी तरह के फ़ोन बीक जाते है| दुनिया में भारत की गणना सबसे तेज आर्थीक(economic) उन्नती करने वाले देशो में होती है| इसीलिये दुनिया की सारी मोबाइल कंपनीया भारत में अपने मोबाइल फ़ोन बेचने की कोशिश करती है| पर यहापर वही कंपनिया सफल हुई जिन्होंने भारतीय ग्राहकों की जरूरत पहचानी| क्योंकी आख़िरकार बाजार में ग्राहक ही राजा होता है और वो किसी भी कंपनी को सफल या असफल बनाने की ताकत रखता है| Why Apple fail in India | India Number 1 Mobile Brand

भारतीय कंपनीया मोबाइल फ़ोन नही बनाती

कोई भी भारतीय कंपनी मोबाइल फ़ोन नही बनाती इसीलिये दुनियाभर की मोबाइल कंपनीया यहापर अपना मोबाइल फ़ोन बेचती है| इस लेख में हम देखेंगे कौनसी मोबाइल कंपनीया यहापर अबतक अपने फ़ोन बेचने में सफल रही और कौनसी असफल| 2018 तक भारतीय बाजार में कौनसी कंपनी का कितने प्रतिशत(%) हिस्सा है| जो कंपनीया सफल या असफल हुई वो कौनसे कारण से हुई|

Apple भारत में सबसे कम बिकनेवाला मोबाइल फ़ोन

दुनिया भर को अपने मोबाइल phone का दीवाना बनाने वाली Apple कंपनी भारत में अपना जादू चलाने में पूरी तरह से असफल रही| Apple ने 2013 से भारत में अपने मोबाइल फ़ोन को बेचना चालू किया| पर आज 2018 तक यह भारतीय मार्केट में सिर्फ 2.9% हिस्सा बनाने में ही कामयाब रही| 2018 के पहले क्वार्टर(Jan to March) में दुसरे फ़ोन कंपनी के मुकाबले में Apple सिर्फ 1 प्रतिशत (%) ही फ़ोन भारत में बेच पाई है| इसकी प्रमुख वजह है Apple फ़ोन का महंगा होना| और दुसरी प्रमुख वजह है चीन की मोबाइल कंपनिया| इन मोबाइल कंपनियोंने भारतीय बाजार में इतने सस्ते और अच्छे मोबाइल फ़ोन बेचना चालू कर दिया है की Apple के phone यहापर लोगो को Luxurious आइटम लगने लगे है| जानकारोंका (experts) दावा है की दुनिया का सबसे ज्यादा मोबाइल इस्तेमाल करने वाला देश बनने जा रहा भारत अब पूरी तरहसे Android Nation बन गया है और Apple फ़ोन यहापर सिर्फ दिखावेकी(Show Piece) वस्तु बन गया है|

Oppo और Vivo ने भी Apple को हरा दिया

2018 में चीनी मोबाइल कंपनी Oppo का 10 प्रतिशत(%) और Vivo का 12 प्रतिशत हिस्सा है भारतीय मोबाइल बाजार में| इस सफलता का कारण है 2016 में Oppo और Vivo ने भारत में ज्यादा Outlet(Shops) खोले| अच्छे Specification वाले phone लॉन्च किये| भारत के ग्रामीण इलाकोतक इन्होने अपने phone पहुंचा दिए| भारतीय दुकानदारो को Oppo और Vivo ने अच्छा commission दे दिया जिसके चलते उन्होंने भी इन phone को खूब बेचा| अपनी अच्छी मार्केटिंग policy की वजहसे Oppo और Vivo भारतीय phone बाजार में अपनी जगह बनाने में सफल रहे है|

Xiaomi  ने बदला भारतीय मोबाइल फ़ोन का बाजार

जैसे ही Xiaomi ने भारतीय फ़ोन बाजार में entry की उसने दुसरे कंपनीयोके मोबाइल फ़ोन की छुट्टी कर दी| Xiaomi ऐसी पहली चीनी कंपनी है जिसने  भारतीय बाजार में सस्ते और बेहतरीन specification वाले फ़ोन उतारे जो अबतक सिर्फ Samsung, Sony, LG, HTC जैसी कंपनिया ही महेंगे दामो में निकालती थी| भारत में MI फ़ोन ने धूम मचा दी और बेहतरीन specification वाले phone आम आदमी तक पहुचाने में कामयाब रही| Samsung जैसी बड़ी कंपनी को टक्कर देके उसने 2018 में भारतीय फ़ोन बाजार का 28 प्रतिशत(%) हिस्सा काबीज कर लिया है और आने वाले दिनों में Xiaomi भारत में नंबर एक कंपनी बननेवाली है|  

SAMSUNG का नंबर 1 खतरे में है

एक जमाना था जब भारतीय फ़ोन बाजार में सिर्फ Samsung के ही फ़ोन चला करते थे| भारतीय फ़ोन बाजार पुरी तरह से सैमसंग के कब्जे में था| पर चीनी कंपनीयोके भारत में आनेसे यह समीकरण बदल गया| हालाकी 2018 में अभी भी Samsung कंपनी का हिस्सा 29 प्रतिशत(%) है| फ़िलहाल तो सैमसंग नंबर 1 position पे है  पर जिस तरह के specification वाले फ़ोन जिस तरह की कीमत में सैमसंग launch कर रहा है उससे जल्दी ही वो भारतीय फ़ोन बाजार में अपनी पकड़ खो रहा है| अब वो दिन दूर नही जब सैमसंग को भारतीय बाजार में अपनी position बनाये रखनेके लिए संघर्ष करना पड़ेगा|  

भारतीय फ़ोन बाजार में मोबाइल कंपनीया अपनी जगह बनाने के लिए जिस तरह का संघर्ष कर रही है उसका फ़ायदा तो आखिर आम आदमी को ही होगा| इस संघर्ष का ही नतीजा है की बेहतर specification वाले फ़ोन ग्राहकों को सस्ते में मिल रहे है| आखिरकार ग्राहक(consumer) ही बाजार(market) का राजा होता है जिसमे Apple जैसी बलवान कंपनी को भी असफलता का मुह दीखाने की ताकत होती है| 

Washing Machine | वॉशिंग मशीन के कितने प्रकार हैं | fully Automatic वॉशिंग मशीन थोडीसी महंगी(costly) होती है|

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 Washing Machine का घर में होना आज के ज़माने शौक नहीं जरूरत बन गया है| पर Washing मशीन खरीदते हुए हमे कुछ बातो का ध्यान रखना पड़ता है| मार्केट में अलग अलग ब्रांड की अलग अलग Type की वाशिंग मशीन उपलब्ध है| हमे हमारी जरूरतों का ध्यान रखते हुए कौनसी washing मशीन खरीदनी है इसका फैसला करना पड़ता है|

Washing Machine खरीदते वक्त सबसे पहला सवाल हमारे मन में आता है कोनसी वाशिंग मशीन ख़रीदे सेमी आटोमेटिक या Fully आटोमेटिक? कोनसी वाशिंग मशीन अच्छी है|

इस लेख में हम आपको विस्तार से वॉशिंग मशीन के बारे में बतायेंगे जिससे आप यह तय कर सकेंगे कोनसी मशीन ख़रीदे|  Semi Automatic Washing Machine V/S Fully Automatic Washing machine. Which is best?

वॉशिंग मशीन के कितने प्रकार हैं?

आमतौर पर दो प्रकार की वॉशिंग मशीन होती है| सेमी आटोमेटिक वॉशिंग मशीन और fully आटोमेटिक वॉशिंग मशीन|

Fully आटोमेटिक वॉशिंग मशीन के भी दो प्रकार होते है| पहला हे Top Loading और दूसरा है Front Loading.

Top Loading मशीन में कपड़े डालने का दरवाजा मशीन के Top पर दिया होता है और Front Loading मशीन में सामने की और|

कोनसा Water purifier आपके लिए best है?  पढ़िए और जानिए Water purifier के पानी की कहानी|

सेमी आटोमेटिक वॉशिंग मशीन

                      सेमी आटोमेटिक वॉशिंग मशीन, Automatic वॉशिंग मशीन के मुकाबले में सस्ती होती है| यह चलाने(operate)में भी आसान होती है| यह आकार(size) में आटोमेटिक वॉशिंग मशीन के मुकाबले में बड़ी होती है| क्योंकी इसके Top पर वॉश टब और स्पिन ड्रायर दोनों होते है| वॉश टब में कपडे धुलते है और स्पिन ड्रायर(spin dryer) में कपडो का पाणी निचोड़ा जाता है|

इस मशीन में fully automatic मशीन के मुकाबले में बहुत ही कम पाणी लगता है| अगर आपके यहापर पानी की दिक्कत(shortage) है तो सेमी आटोमेटिक वॉशिंग मशीन आपके लिए योग्य(perfect) है| इसमें आपको वॉश टब में उपरसे पाणी डालना होता है| एक बार डिटर्जेंट पाणी (डिटर्जेंट को पानी में मिलाना पड़ता है) और दुसरी बार साफ़ पानीसे कपड़ो को धोना होता है| बादमे कपडोको वॉश टब में से उठाकर स्पिन ड्रायर में डालना होता है| यह सब manually करना पड़ता है|

इस मशीन को आप बीच में ही रोक भी सकते है अगर आपको इसके कुछ और कपडे  डालने है तो| सेमी आटोमेटिक वॉशिंग मशीन में बिजली की खपत(consumption) कम होती है| अगर आपको बिजली के बिल को बचाना है तो सेमी आटोमेटिक वॉशिंग मशीन ही लेनी पड़ेगी|

पर याद रखे यह मशीन आकार(size) में थोड़ी बड़ी होती है अगर आपका घर छोटा है तो मशीन का size देखकर ही उसे ख़रीदना पड़ेगा| इस मशीन का रिपेयर करने का खर्चा भी कम होता है क्यों की इसके पार्ट्स ज्यादा महेंगे नही होते|

फुल्ली आटोमेटिक वॉशिंग मशीन

यह fully Automatic वॉशिंग मशीन थोडीसी महंगी(costly) होती है| इन मशीन में Advance Technology का इस्तेमाल किया जाता है| यह मशीन आकार में छोटी होती है| इसमें एक ही टब होता है जिसमे कपडे भी धुलते है और सूखते भी है| यह मशीन सेमी आटोमेटिक washing मशीन के मुकाबले में थोड़े ज्यादा साफ़ कपडे धोती है|

इस मशीन को पाणी का पाइप जोड़ना होता है और जब तक मशीन चालु है तब तक इसमें अविरत(continue) पानी की जरूरत होती है| इस मशीन को कपडे धोने के लिए ज्यादा पाणी की जरूरत होती है| इस मशीन को चालू करने के बाद आप इसे बीच में ही रोक नही सकते है|

चालू होने के बाद यह मशीन पानी के पाइप में से जितना पाणी चाहिए उतना लेती है और कपडे धोकर, सुखाकर(आधे सुखे होते है) ही रुक जाती है| एक बार मशीन चालू कर देने के बाद हमे इसे देखना नही पड़ता है सारा काम यह खुद ही करती है|

Fully आटोमेटिक मशीन में बिजली का बील थोडा ज्यादा आने की सम्भावना रहती है| इसके रिपेयर में भी ज्यादा खर्चा होता है क्यों की इसके पार्ट्स महेंगे(costly) होते है| यह मशीन सेमी आटोमेटिक वॉशिंग मशीन के मुकाबले में थोड़े ज्यादा अच्छे कपड़े धोती है| अगर आप थोडा ज्यादा खर्चा करने को तैयार है तो यह मशीन आप खरीद सकते है|

Front Loading Washing Machine ज्यादा मेहेंगी होती है क्योकी इसमें ज्यादा एडवांस technology का इस्तमाल किया जाता है| यह भी Top Loading fully automatic वॉशिंग मशीन की तरह ही काम करती है|

वॉशिंग मशीन की कीमते उनकी कपड़े धोने के capacity पर भी निर्भर होती है| आप आपके परिवार के सदस्यों की संख्या के अनुसार मशीन की capacity लीजिये|

       Family of 3 :    6.1 to 7 Kg

       Family of 4 :   7.1 to 8 Kg

        Large Family : 8.1 Kg & above

आप आपके पसंद, बजट और जरूरत के अनुसार वॉशिंग मशीन खरीदिये|

अगर आपके कुछ प्रश्न (question) है या suggestion है तो हमें जरूर comment करे|

How to earn money online |क्या सच में ऑनलाइन पैसे कमाना इतना आसान है | ज्यादातर लोग ONLINE करियर में असफल क्यों होते हैं|

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                 आज के दुनिया मे हर कोई पैसे कमाना चाहता है| इस महंगाई के ज़माने में हर कदम पर आपको पैसे की जरूरत होती है| पैसे के बिना सुकून की जिन्दगी जीना बड़ा कठिन हो जाता है| पैसे कमाने के चक्कर में आदमी क्या नही करता है| पैसे कमाने का हर एक रास्ता तलाश करता है|

ऐसे में वोह internet पर कही पढ़ लेता है घर बैठे लाखो कमाए, करोडो कमाए| मैंने एक महीने में इतने लाख कमा लिए| कुछ Youtube के video में और वेबसाइट के लेख में तो ‘मैंने एक दीन में लाख रुपये कमा लिए’ यहा तक कहा जाता है| बहुत से लोग इस तरह के videos और लेख देख के और पढके उनकी तरफ आकर्षीत हो जाते है| उन्हें लगने लगता है पैसे कमाना कितना आसान है| मेहनत की 15000- 20000 रुपये वाली नौकरी करने से अच्छा है 7-8 घन्टे घर बैठे internet (online) पर काम करो और लाखो रूपये कमा लो| How to earn money online | Easy way to earn money online | Genuine way to earn money online

क्या सच में ऑनलाइन पैसे कमाना इतना आसान है?

                 Youtube Creator और Website चलाने वाले लोगो की इस मानसिकता को अच्छे तरह से पहचानते है और इस बात का फायदा उठाने के लिए इस तरह के Video और लेख लिखते है| और इनको देखने वाले और पढने वाले भी हजारो में और लाखो में होते है| उनका यह व्यवसाय(Profession) होता है इन लोगो के views से ही उनको पैसे मिलते है| खुद के फायदे के लिए आपको गुमराह किया जाता है| आपका कीमती वक्त और कभी कभी तो पैसा भी बरबाद(waste) हो जाता है|

पर क्या सच में आप online पैसा कमा सकते है तो इसका जवाब है हा| हा online आप पैसा कमा सकते है पर जिस तरह लाखो करोडो की बात होती है उस तरह से नही|

क्या ऑनलाइन काम में करियर बना सकते है?

                 आप online काम को करियर के तौर पर चुन सकते हो| पर यह सुनने में जितना आसान लगता है उतना है नही| इस onlline करियर में आप सफल भी हो सकते और असफल भी यहा बहुत Competition है| किसी बात की कोई गारंटी नहीं है| हिंदुस्तान में Online काम करने वालो की संख्या बहुत है और इसमें नए नए लोग जुड़ रहे है| इस क्षेत्र में सफल होने वालोका प्रतिशत(Percentage) बहुत कम है|

अगर आपको इस क्षेत्र में सफल होना है तो Hard Work के साथ Smart Work भी करना पड़ता है| इस काम में कब सफलता मिलेगी इसकी कोई समय सीमा नही है| 1 साल, 2 साल, 4 साल भी लग सकते है| इन सब बातो का ध्यान रख कर समजदारी के साथ आप इस क्षेत्र में आयेंगे तो जरूर सफल होगे|

ज्यादातर लोग Online करियर में असफल क्यों होते हैं?

                  इसकी प्रमुख वजह है जो भी काम आप online चुनते है वोह genuine होना चाहिए| वरना आपकी सारी मेहनत बेकार जा सकती है| जो भी काम आप चूने उसकी पूरी तरह से जानकारी आपको होनी चाहिए| उस काम से कितना पैसा मिल सकता इसका अंदाजा आपको होना चाहिए| वरना कम पैसे मिलने से आप निराश हो सकते है|

शुरुआती दिनोमे सिर्फ online काम पर ही निर्भर रहना मुश्कील हो सकता है क्यों की इसमें बहुत कम कमाई या बिलकूल भी कमाई नही हो सकती है| इन सब बातोका आपको खयाल रखना होगा| ऑनलाइन काम करना मतलब जल्दी से अमीर होना ऐसी सोच लेकर कर आप इस क्षेत्र (field) में आओगे तो आपके के लिए मुश्किल हो जायेगी| ज्यादातर लोग बहुतसी अपेक्षा लेकर इस क्षेत्र में आते है और जैसे ही सच्चाई का पता चल जाता है निराश हो जाते है|

Genuine (सच्चा) ऑनलाइन काम जिससे आप सच में पैसे कमा सकते है

                  ऑनलाइन पर जरूर ऐसे कुछ काम है जिससे आप अच्छी और आपके अपेक्षानुसार कमाई कर सकते है| इन कामोमे आपने सोच समज के और इमानदारी से काम किया तो आपको ऑनलाइन की दुनिया में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता| इन online genuine  कामोमे सबसे पहला काम है YouTube का|

                YouTube :

                भारत के युवा वर्ग में आजकल YouTube का बड़ा ही Craze(आकर्षण) है| हर कोई YouTuber बनना चाहता है| इसका प्रमुख कारण है YouTube पर काम करने से आप पैसे भी कमा सकते है| YouTube यह google का product है| यहा पर आपको चैनल बनाकर Video डालनी होती है| जैसे ही आपके चैनल पर 4000 घन्टे watch time और 1000 Subscriber पूरे होते है आपके Video पे Advertisement आना चालू हो जाती है जिसके आपको पैसे मिलने चालू होते है|

पर ध्यान में रखिये जब YouTube पर आपके लगभग 1 लाख के आसपास Subscriber हो जाएंगे तब आप ठीकठाक कमाई कर सकेंगे|  एक लाख Subscriber बनाना कोई आसान काम नही है इसके लिए आपको धैर्य की परिश्रम की समजदारी की जरूरत होती है| एक बार आपने इस मक़ाम को पार कर लिया तो YouTube आपके लिए कमाई का अच्छा ऑनलाइन काम साबित हो सकता है|

                WebSite (वेबसाइट) :

                वेबसाइट बनाके उसपर Article(लेख) डालने होते है| वेबसाइट के लिए Google Adsense का Approval लेने के बाद website पर Advertisement आना चालू हो जाती है| इसका वेबसाइट Owner को पैसा मिलता है| पर इसके लिए पहले आपको डोमेन नाम और server खरीदना होता है बाद में Website डिजाईन करनी होती है|

वेबसाइट बनने के बाद आप को इसपर आर्टिकल पोस्ट करने होते है| यह बहुत ही थका देनेवाला धैर्य और परिश्रम का काम है| Website से आप YouTube से भी ज्यादा पैसा कमा सकते है| पर WebSite पर Traffic लाना बड़ा ही मुश्किलसा काम है| एक बार Traffic आना चालू हो गया तो आपकी income चालू हो जाती है|

              ♥ FreeLancer :

               YouTube और WebSite पर काम करने से थोडासा आसान काम यह है| इसमें आपको Client का online काम करके देना होता है जिसके आपको पैसे मिलते है| दुनिया भर में Freelance कामो के लिए तीन Genuine freelance website फेमस है|

                 यह तीन Freelancing website है जहा पर काम कर के आप अच्छी कमाई कर सकते है| यह तीनो वेबसाइट भरोसेमंद है और इनका अच्छा क्लाइंट base है| Dataentry से लेकर WebDesigning तक सारे काम यहा पर उपलब्ध होते है|

                YouTube, WebSite, Freelacing यह ऐसे भरोसेमंद genuine काम है जिन्हें करके आप online अच्छी कमाई कर सकते है| आप आपके पसंद के अनुसार इनमेसे कोई भी काम चुन सकते है और online काम में अपना करियर कर सकते है|

               अगर आप YouTube, WebSite, Freelacing इनमें से किसी भी ऑनलाइन काम के बारे में Detail information चाहते है तो हमे Comment करे हम हमारे अगले लेख(Article) में इन online कामोके बारेमे आपको detail information दे देंगे|

Who invented World First Mobile phone | किसने बनाया दुनिया का सबसे पहले मोबाइल फ़ोन | दुनिया के पहले मोबाइल फ़ोन का वजन और बैटरी life कितनी थी ?

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                     आजकी दुनिया में सबसे ज्यादा कोई Product मशहूर है तो वो मोबाइल फ़ोन है| पूरी दुनियामें लोगो के लिए मोबाइल फ़ोन अभी शौक नहीं रहा यह जरूरत बन गयी है| अमीर हो या गरीब, बच्चा हो या बूढा, बच्ची हो या औरत हर कोई मोबाइल फ़ोन चाहता है| मोबाइल फ़ोन के बीना हमारी जिन्दगी रूकसी जाती है| मोबाइल फ़ोन अब हमारी जरूरत नही रही वो हमारे शरीर का एक अंग(Part) बन गया है| जिसके बना जीना आज कोई सोच भी नही सकता|

मोबाइल फ़ोन एक चलती फिरती दुनियसा बन गया है| पर क्या आप जानते है दुनिया का सबसे पहला मोबाइल Phone किसने बनाया? किसे मोबाइल फ़ोन का बाप(Father of Cellphone) कहा जाता है? कोनसे साल में मोबाइल फ़ोन का अविष्कार (Invention) हुआ है? दुनिया की सबसे पहली मोबाइल कॉल किसने और कब की थी? आपके इन सारे सवालो के जवाब आपको इस लेख में मिल जायेगे| Who invented World First Mobile phone | Father of Mobile Phone 

किसने बनाया दुनिया का सबसे पहले मोबाइल फ़ोन?

                     दुनिया का सबसे पहला मोबाइल फ़ोन बनाने का श्रेय जाता है अमेरिका के मार्टिन कूपर(Martin Cooper) को| 26 दिसंबर1928 को शिकागो के इल्लिनोज शहर में जन्मे मार्टिन कूपर बचपनसे ही विज्ञान में रुची रखते थे| उनके उम्र के बच्चे जब खलेने में व्यस्त रहा करते थे उस वक्त मार्टिन कूपर सोडा वाटर बोतल को फोडके उसके ग्लास से Magnifying ग्लास बनाना इस तरह के काम में मग्न रहते थे|

बचपन में ही उन्होंने सोच लिया था बड़ा होके इंजिनियर बनेंगे| इंजीनियरिंग की शीक्षा पूरी करके वो मोटोरोला(Motorola) कंपनी में काम पे लग गए| उस वक्त 1970 में अमेरिका में मोबाइल टेलीफोनी की बात चल रही थी उसे कार फ़ोन भी कहा जाता था| टैक्सी, पुलिस कार, फायर ब्रिगेड इनमे ही ऐसे टेलीफोन की सुविधा देने की बात हो रही थी और मार्टिन कूपर इसके खिलाफ थे| उनका कहना था की मोबाइल फ़ोन एक जगह ट्रैप (कैद) करके रखना अच्छा नहीं है| हमे ऐसे मोबाइल फ़ोन का निर्माण करना चाहिए जिसे हर कोई और कहिभी इस्तेमाल कर सके|

दुनिया के पहले मोबाइल फ़ोन का वजन और बैटरी life कितनी थी?

                      मार्टिन कूपर ने engineers अपनी एक टीम बनाई और 1973 में दुनिया का पहला मोबाइल फ़ोन बनाया| इस मोबाइल Technology को लगभग 10 साल बाद दुनिया ने इस्तेमाल करना शुरू कर दीया| पूर दस साल लगे इस मोबाइल technology को Commercial तौरपर चालू होने के लिए| आप यकीन कर सकेंगे दूनिया में बने इस पहले मोबाइल phone का वजन 1 किलोग्राम से भी ज्यादा था| और इसकी Battery Life थी सिर्फ 20 मिनट| 1 किलोग्राम वजन और 20 मिनट battery life वाला यह मोबाइल फ़ोन दुनिया का सबसे पहला मोबाइल फ़ोन था|

दुनिया का सबसे पहला मोबाइल कॉल

                     दुनिया के इस पहले मोबाइल को मार्टिन कूपर अमेरिका के Politician, Businessman, पत्रकार और प्रसीध्द लोगो को दीखाया करते थे| जिससे इस मोबाइल फ़ोन को प्रसिद्धी मिले| 1973 की एक पत्रकार परिषद् में इस दुनिया के पहले मोबाइल फ़ोन का डेमो (Demo) दिखाते वक्त मार्टिन कूपर ने दुनिया के इस पहले मोबाइल फ़ोन से अपने मित्र को दुनिया की पहली मोबाइल कॉल की और एक नया इतिहास रच दिया| 1973 में बने इस मोबाइल technology ने दुनिया में क्रांती ला दी और आज 21 सेंचुरी में लगभग 10 billion से भी ज्यादा लोग मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करते है|

मार्टिन कूपर का सपना बिना मोबाइल Phone के कॉल का

                   मार्टिन कूपर मानते है की अभी भी हम डिजिटल क्रांती(Digital Revolution) से कोसो दूर है| अभी तो सिर्फ इसकी शुरुआत हुई है|  10 पेटेंट अपने नाम पर रखने वाले मार्टिन कूपर का मानना है की भविष्य में हमे मोबाइल phone लेके घुमने की जरूरत नहीं होगी| हमारे कान के पीछे या बॉडी पर हमे इक चीप चिपकानी होगी जिसके द्वारा हम सिर्फ आवाज से ही Voice Calling कर सकते हैं|

बीमार होने से पहले ही पता चल जायेगी बीमारी

                  आज भी नए नए शोध (Discovery) में व्यस्त रहने वाले मार्टिन कूपर का कहना है की वो ऐसे चिप पर काम कर रहे है जिसे शरीर पर चिपकाने के बाद भविष्य में होने वाली बीमारी के बारे में पहले ही पता चल जायेगा| जिससे डॉक्टर आपको बीमार होने से पहले ही उस बीमारी से बचा लेंगे| हालांकी यह technology अभीतक पहले ही चरण में हे पर भविष्य में इस्तमाल के लिए यह तैयार हो  जायेगी|

                   मार्टिन कूपर जैसे बुद्धिमान शोधकर्ता (Scientist) अपना कीमती समय देकर नए नए शोधो का अविष्कार करते रहते है जिसकी वजहसे मानवजाती को अपना जीवन जीना सहज हो जाता है| हमे मार्टिन कूपर जैसे शोधकरताओ पर हमेशा नाज़ होना चाहिए|

How to take Care of Car? कार के इंजन की सर्विसिंग कब करनी चाहिए? AC के गैस(Gas) level का कैसे पता करे? गाडी का इंधन (PETROL, DIESEL) बचाने के तरीके

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जिन्दगी में  कार लेना हमारा सपना होता है| अपने परिवार को कार में बिठा कर कही दूर घुमाने ले जानेकी हमारी इच्छा होती है| हम कार भी ले लेते है और परिवार को दूर घुमाने भी लेकर जाते है| सोचिए अगर परिवार के साथ आप कही घूमने जा रहे है और बीच रास्ते में अचानक आपकी गाडी बंद हो जाये|

जब हम कार लेते हैं तो हमें कार के रखरखाव और उसके Maintenance की कुछ बातो की जानकारी जरूर होनी चाहिए अगर नही है तो मालूम कर लेनी चाहिए|

इस लेख में कार के बारे में ऐसे ही कुछ बाते बताई गयी है जिन्हें कार Owners (मालिक) को मालूम होना बहुत जरूरी है| How to take Care of Car?

              गाडी के साथ  हररोज यह कीजिये :

  •            ♦ अगर आप हररोज गाडी चलाते (Drive) है तो रोज गाडी के टायर की हवा और टायर की स्थिती को चेक करना जरूरी है|
  •             ♦ गाडी के ऑइल लीक(Oil Leak) और कूलैंट लीक (Coolant Leak) पे हमेशा ध्यान रखिए|
  •             ♦ वाइपर ब्लेड (wiper blade) और रियर मिरर(Rear Mirror) के condition(स्थिती) पर ध्यान देना जरूरी होता है|
  •             ♦ गाडी के top को हमेशा साफ़ रखिये| गाडी पर अगर deep scratches हो तो गाडी के पत्रे को जंग(rust) लग सकता हैं|

              गाडी के साथ यह कभी भी मत कीजिये:

  •               गाडी का इंजन जब गरम हो तो भूल कर भी कभी रेडियेटर (Radiator) के ढक्कन को हाथ न लगाये या इसे खोलने की चेष्टा करे| क्यों की रेडियेटर के अन्दर का liquid  भाप (steam) बनकर बाहर आएगा और आप उससे झुलस(burn) सकते हैं|
  •              ♦ धुप में गाडी को ज्यादा देर तक पार्क नही करे हमेशा किसी शेड में ही पार्क करे|
  •              ♦ दुसरे गाडी के कंपनी के स्पेयर पार्ट्स अपनी गाडी में न लगाये|
  •              ♦ बहुत दिनोसे अगर गाडी को चलाया नहीं गया है तो बीच बीच में उसे चलाना चाहिए| गाडी के इंजन को लम्बे समयतक idel नहीं रखना चाहिए|

                गाडी का इंधन (Petrol, Diesel) बचाने के तरीके(Tips):

  •               गाडी की रफ़्तार (speed) हमेशा 40 से 45 km. ही रखे| इससे 30 से 40 प्रतिशत इंधन की बचत हो सकती है|
  •              ♦ गियर को कभी भी incorrect शिफ्ट मत कीजिये| बिना वजह गाडी को Accelerate या Deaccelerate मत कीजिये|
  •              ♦ जब भी रास्ता क्लियर हो गाडी को हमेशा top गियर में ही चलाये|
  •              ♦ टायर में योग्य मात्रा में हवा होनी जरूरी है|
  •              ♦ गाडी में जरूरी सामान ही रखा कीजिये अनावश्यक (unnecessary) सामान रखकर गाडी में वजन न बढ़ाये|
  •              ♦ इंधन टंकी के cap को हमेशा अच्छी तरहसे बंद करके रखिये|
  •              ♦ पेट्रोल कार के एयर फील्टर (Air filter) को हर 5000 km के बाद साफ़ करना पड़ता है और 40000 km के बाद बदलना पड़ता है|
  •              ♦ डीजेल कार के एयर फील्टर (Air filter) को हर 20000 km के बाद साफ़ करना पड़ता है इसे बदलने की जरूरत नही होती है|
  •              गियर बदलते वक्त ही क्लच का इस्तेमाल कीजिये अन्यथा इसे दबाकर मत रखिये|

AC के गैस(Gas) level का कैसे पता करे?

 AC जब कार में ठंडी हवा कम देने लगे तो समज लेना चाहिए की गैस का level AC में कम हो गया है| Gas Level कम होने का कारण लीकेज होता है| इस लीकेज का पता आपको Service Centre में जाके ही करना होगा क्यों की उनके पास इस लीकेज को ढूढने के लिए स्पेशल इंस्ट्रूमेंट (Instrument) में होते है|

कार के AC की सर्विस Feb-March महीने में कीजिये क्योंकी इससे आप April-May की गर्मी में आप ठंडी हवा का मजा ले सकेंगे|  

कार के इंजन(engine) की सर्विसिंग कब करनी चाहिए?

                    गाडी में जब जरूरत से ज्यादा इंधन(Petrol,Diesel) लगने लगे या इंजन बेअरिंग(Engine Bearing) और पिस्टन स्लैप (Piston Slap) की आवाज आने लगे तो इसका मतलब होता है कार के इंजन में खराबी आ गयी है| कार को तुरंत authorised service सेन्टर में भेजकर इंजन की सर्विसिंग करवा लेनी चाहिए|

आमतौर पर जब गाडी में जरूरत से ज्यादा इंधन लगने लगे तब ही समझ लेना चाहिए कार के इंजन को सर्विसिंग की जरूरत है|

कार जरूरत से ज्यादा गरम होने पर क्या करना चाहिए?

जब कार जरूरत से ज्यादा गरम हो जाये तो पहले कार का AC बंद कर दीजिये| कार को सुरक्षित जगह पार्क कीजिये| अगर बोनट (Bonnet) के निचेसे भाप(Steam) आ रही है तो उसे खोलने की जल्दबाजी मत कीजिये| तुरंत Service Centre के मैकेनिक को बुला लीजिये|

इंजन जब गरम हो तब रेडियेटर के cap को मत खोलिए इससे गरम भाप बाहर आके जलने का खतरा होता है| अगर गाडी में लीकेज है तो उसे दुरुस्त किये बिना इंजन मत चालू कीजिये|

Coolant level को चेक कीजिये अगर यह कम है तो पर्याप्त मात्र में Coolant को टाकी में भरिये|

यह कुछ बाते हैं अगर हम इन्हें ध्यान में रखेंगे तो हमारे कार की सेहत हमेशा अच्छी रहेगी और दूर तक का सफ़र भी इसमें हम असनिसे कर पाएंगे|

Ranveer Singh Life Story | पृथ्वी थिएटर में झाडू मारते थे रणवीर | बड़ा पेट, आखोके नीचे काले धब्बे में कैसे हीरो बनुगा

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                       बॉलीवुड नगरी में सपनो का सिलसिला कभी रुकता नही है| पुराने सितारे जैसे ही ढलान की कगार पर होते हैं नए सितारे अपना तेज़ फ़ैलाने के लिए तैयार हो जाते है| यह ऐसी ही एक उगते सितारे की कहानी है जो अपने सपनो के पीछे कुछ इस तेजी से भागा की दूर दिखने वाले सपने भी करीब आगये| इस उगते सितारे का नाम है रणबीर सिंह जिसे बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री का अगला सुपरस्टार कहा जाता है| Ranveer Singh Life Story | Bollywood Next Superstar.

8 साल के उम्र में ही हीरो बनने का तय किया था

                   महाराष्ट्र के मुंबई में 6 जुलाई 1985 में सिंधी परिवार में जन्मे रणवीर सिंह का पूरा नाम रणवीर सिंह भवनानी हैं| उनके माताजी का नाम अंजू और पिताजी का पूरा नाम जगजीत सिंह भवनानी है| जगजीत सिंह के दादाजी सुन्दर सिंह भवनानी इंडिया और पाकिस्तान के Partition के दौरान कराची सिंध से मुंबई आ गए थे| सिंध अभी पाकिस्तान में है| रणवीर सिंह की बड़ी बेहेन का नाम रितिका भवनानी हैं|

                  मुंबई के बांद्रा में रहने वाले रणवीर को बचपन से ही फिल्मो का बड़ा शौक था| जब उनके उम्र के 8-9 साल के बच्चे बाहर खेलने जाते थे तब वो घर में बैठ के फिल्मे देखा करते थे| संगीत सुना करते थे या फिल्मी magzine पढ़ा करते थे| रणवीर बचपन से ही बड़े फ़िल्मी बच्चे थे और उनका सपना हिंदी फिल्म का हीरो, शेनशाह, अजूबा, मिस्टर इंडिया बनना था| हिंदी फिल्म में हीरो बनने का सपना उनकी दादीजी ने उन्हें दीखाया था| उनकी दादीजी अमिताभ बच्चन की बड़ी प्रशंसक थी| रणवीर के साथ अमिताभजी की फिल्मे देखते वक्त वो उनसे कहती थे बेटा तुम्हे भी बड़ा हो के एक दिन ऐसेही हिंदी फिल्म का हीरो बनना है|

19 साल की उम्र में अमेरिका गए एडवरटाइजिंगकी पढाई करने

                 सैंट Andrew school में रणबीर ने पढाई के साथ साथ एक्टिंग, डांसिंग और sports में भी रूचि दिखाई| School की पढाई ख़त्म करने के बाद H. R. कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स और इकोनॉमिक्स में एडमिशन ले लिया| इन्ही दिनों में उनको प्रोडक्ट के लिए की जाने वाली कॉपीराईटिंग में रूचि उत्पन्न हो गयी| पिताजी के पहचान वाले एडवरटाइजिंग एजेंसी में उन्होंने copywriting की इंटर्नशिप कर ली| उनके माताजी और पिताजी की बहुत इच्छा थी की रणबीर पढने अमेरिका जाये| जिससे उनको दुनिया के बारे में समज हो| और 19 साल की उम्र में ही रणवीर एडवरटाइजिंग की पढाई करने के लिए अमेरिका चले गए| एडवरटाइजिंग की पढाई के साथ साथ वहापर उन्होंने एक्टिंग क्लास में भी एडमिशन ले लिया था| अमेरिका में रणवीर 4 साल रहे|

बड़ा पेट, आखोके नीचे काले धब्बे में कैसे हीरो बनुगा

               अमेरिका के इंडिआना यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ़ आर्ट्स की डिग्री लेकर भारत लौट आये रणवीर| इसी वक्त हिंदी फिल्मोमे हीरो बनने का उनका सपना फिरसे जाग उठा| हिंदी फिल्मो में बिना पहचान के काम मिलना कितना मुश्किल है यह रणवीर जानते थे| वह अपने मित्र शाद अली के यहा असिस्टेंट डायरेक्टर बन गए| शाद अली ने अमिताभ बच्चन को लेकर ‘झूम बराबर’ यह फिल्म बनाई थी| रणवीर का ख्याल था की असिस्टेंट डायरेक्टर बनने के बाद उनकी फिल्म इंडस्ट्री में पहचान हो जायेगी और उनके हीरो बनने के सपने में मदद होगी| डेढ साल तक असिस्टेंट डायरेक्टर का कडा मेहनत वाला काम करने के बाद उन्होंने अपने आपको एक अलग ही रूप में पाया| आखोके नीचे काले दाग और बढा हुआ पेट| रणवीर समझ गए ऐसे रूप में तो वो कभी भी हीरो नहीं बन सकते| उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर का जॉब छोड़ने का फैसला कर लिया|

पृथ्वी थिएटर में झाडू मारते थे रणवीर

                 काम छोड़ने के बाद रणवीर ने अपना पूरा ध्यान एक्टिंग के तरफ दे दीया| असिस्टेंट डायरेक्टर बनने के पहले वो टीवी सीरियल और नाटको में काम कीया करते थे| काम के वजहसे उन्होंने दो साल एक्टिंग छोड़ ही दी थी इसलिए उन्होंने थिएटर के जो 6 कोर्स थे वो कर डाले| दो-तीन नाटको में भी काम किया| वेस्टर्न एक्टिंग कोर्स करने के बाद देसी एक्टिंग कोर्स कर डाला| रणवीर अब सोच रहे थे कोई थिएटर की एक्टिंग हो जाये| उन्होंने पृथ्वी थिएटर की नाटको में काम करने का फैसला किया| पर वहापर किसीसे पहचान नही थी| पृथ्वी थिएटर में जहा पर नाटको की Rehersal होती है वहापर रणवीर अपने आप सुबह 8 बजे जाके कमरे में झाडू मारके एक्टर आने से पहले साफ़ करते थे| एक्टर लोगोको चाय, समोसे लाके देना, उनकी मदद करना ऐसे काम वो किया करते थे| रात को सब एक्टर चले जाने के बाद रणवीर कमरे में झाडू लगाकर लाइट, fan बंद कर देते थे| रणवीर पृथ्वी थिएटर में नोकर जैसा ही काम किया करते थे| पृथ्वी थिएटर के 2-4 नाटको में उन्होंने छोटे रोले भी कर लिए थे| पृथ्वी थिएटर में उन्होंने 1 साल 8 महीने तक कम किया|

बेटे का सपना पूरा करने के लिए बापने घर और गाडी बेच दी

                 नाटको और सीरियल में काम करते करते रणवीर फिल्मोके लिए ऑडिशन भी दे रहे थे| ऐसे में उनको चार मिड budget फिल्म में हीरो का रोल मिल गया था| पर रणवीर का उन फिल्मोमें काम करने को मन नही किया| रणवीर ने इन फिल्मो में काम करनेसे मना कर दीया| रणवीर को पता था एक नये लड़के के लिए जिसका कोई फ़िल्मी background नही उसके लिये ऐसे फिल्मो का ऑफर ठुकरा देना समजदारी की बात नही है| हो सकता है इससे फ़िल्मी करियर ही ख़राब हो जाये| उनके पिताजीने रणवीर को पढाई के लिए अमेरिका भेजने से लेकर उनके हीरो बनने के सपनोको साकार करने के लिए अपना रहता घर और कार तक बेच दी थी| पर रणवीर ने मन बना लिया और अच्छे फिल्म offer का इंतज़ार करने का मन बना लिया|

‘बैंड बाजा बारात’

                   एक शाम को रणवीर की दोस्त शानू ने उनको फ़ोन करके बताया की आदित्य चोप्रा (Yrf head) नयी फिल्म बनाने जा रहे है| उनको नये लडके की तलाश है| रणवीर ने पहला ऑडिशन पास कर लिया| पर बाकी के ऑडिशन में वो ख़राब काम करते जा रहे थे| यह देख खुद आदित्य चोप्रा रणवीर से मिलने आ गए और उनका होसला बढाया| रणवीर ने फाइनल ऑडिशन पास कर लिया| वो फिल्म के हीरो के रूप में चुन लिए गए| इस फिल्म का नाम था ‘बैंड बजा बारात’| यह फिल्म सुपरहिट हो गयी और रणवीर बॉलीवुड के हीरो बन गए| इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मो में काम किया| संजय भनसाली की सुपरहिट फिल्म ‘बाजीराव’ में किये अप्रतीम अभिनय के बाद उनको बॉलीवुड का अगला सुपरस्टार माना जा रहा है|

                   इस तरह से आठ साल के उम्र में हिंदी फिल्मो का हीरो बनने का सपना देखने वाले लडके ने अपनी अपार मेहनत और होसले से सपनोको हकीकत में बदल दीया|

Salman Khan Life Story | मैं आधा हिन्दू हूँ और आधा मुसलमान | 15 साल के उम्र में ही शर्ट उतारी और बन गए MODELL | सलमान खान को डायरेक्टर ने ऑफिस से हकेल दिया था

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                      हिन्दुस्तान की स्वप्न नगरी बॉलीवुड में सितारे की तरह चमकने की हर किसी की इच्छा होती हैं| पर यह इतना आसान नहीं है| नसीब के साथ साथ यहाँ पर होसलोंकी और अपार परिश्रम की भी जरूरत होती है| नसीब से अगर आपको इस बॉलीवुड इंडस्ट्री में काम करने का मौका मिल भी गया तो उसी मुकाम पर सालोतक बने रेहना आसान काम नहीं हैं| कुछ सितारे तो थोड़ी देर तक अपनी रोशनी फैला कर गुम हो जाते है पर कुछ ऐसे सितारे होते हैं जिंनकी चमक हर दीन हर रात बढ़ती ही जाती है| ऐसे ही कुछ गिनेचुने सितारोमेसे एक सितारा हैं अब्दुल रशीद सलीम सलमान खान| जिसे पूरी दुनिया सलमान खान के नाम से जानती हैं| इस लेख में हम आपको बताएँगे अब्दुल रशीद सलीम सलमान खान की सुपरस्टार सलमान खान बनने तक की कहानी| Salman Khan Life Story.

मैं आधा हिन्दू हूँ और आधा मुसलमान

                       27 दिसंबर 1965  में मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मे सलमान खान का पूरा नाम अब्दुल रशीद सलीम सलमान खान है| उनके परदादा अफगानिस्तान से सन 1800 में मध्यप्रदेश के इंदौर में आकर में बस गए थे| पीता सलीम खान बॉलीवुड के फिल्मो के प्रसिद्ध लेखक हैं जिन्होंने शोले, दीवार, जंजीर इत्यादी जैसी मशहूर फिल्मे लिखी| सलमान खान की माताजी महाराष्ट्रा के हिन्दू मराठी परिवार से है| उनका नाम सुशीला चरक था शादी के बादमे उन्होंने अपना नाम बदलकर सलमा खान रख लिया| पिताजी मुसलमान और माताजी हिन्दू ऐसे परिवार में जन्मने के कारण Salman Khan अपने आपको आधा हिन्दू और आधा मुसलमान मानते है|

सलमान खान को कितने भी भाई बेहन है?

                      कुछ साल तक ग्वालियर के सिंधिया स्कूल में अपने छोटे भाई अरबाज खान के साथ सलमान पढ़े बाद में उन्हे मुंबई के सेंट स्टेनिस्लॉस हाईस्कूल में डाल दीया गया| यही पर उन्होंने अपने स्कूल के शिक्षा समाप्त की| सलमान खान के दो भाई है अरबाज़ खान और सुहैल खान दोनों उनसे छोटे है| दो छोटी बेहने हैं अलविरा और अर्पिता| अर्पिता यह उनके पिताजी सलीम खान ने गोद लियी हुई बच्ची हैं| स्कूल की शिक्षा समाप्त होने पर उन्होंने बांद्रा के St. Xavier’s College में दाखिला लिया था| पर पढाई में ज्यादा मन नहीं होने के कारण उन्होंने आगे की पढाई नहीं कि|

15 साल के उम्र में ही शर्ट उतारी और बन गए Modell

                    फिल्मो का शौक होने की वजहसे कॉलेज की पढाई छोड़ चुके सलमान बॉलीवुड में अपना करियर बनाना चाहते थे| पीता सलीम खान सलमान के करियर के बारेमे बहुत चिंतित थे क्योंकी उन्होंने कॉलेज की पढाई भी छोड़ दी थी| सलमान को एक बार Adguru कैलाश सुरेन्द्रनाथ की धर्मपत्नी आरती ने सी रॉक होटल के स्विमिंग पूल में स्विमिंग करते हुए देखा था| कैम्पा कोला के Advertisement के लिए उनके पती को स्विमर की जरूरत थी| सलमान को उन्होंने कैलाश सुरेन्द्रनाथ के पास भेज दिया| 15-16 साल के सलमान को देखते ही सुरेंद्रनाथ ने अपनी पत्नी को फ़ोन करके कहा ये तो बच्चा है बाकी के मॉडल इनके अंकल आंटी लगेंगे| उनके पत्नी ने कहा सलमान को शर्ट उतारने को कहो| सलमान खान की अच्छी बॉडी देखकर उनको कैम्प कोला AD के लिए sign किया गया और उन्होंने पहली बार कैमेरा को face कीया|

सलमान खान को डायरेक्टर ने ऑफिस से हकेल दिया था

                    सलमान खान के पिता मशहूर फिल्म writer थे और वो सलमान के लिए आसानी से फिल्म निकाल सकते थे| पर सलमान चाहते थे की वो खुद के दम पर इस बॉलीवुड में नाम कमाए| फिल्मो में काम ढूढने के स्ट्रगल भरे दिनों में वो बहुत सारे निर्माताओके ऑफिस के चक्कर मारा करते थे| निर्माता आनन्द गिरिधर उस जमाने में ‘B’ ग्रेड फिल्मे बनाते थे| उनके फिल्म में काम मागने के लिए 18-19 साल के उम्र के सलमान पहुंचे| उनको अपने फिल्म के लिए 30 साल के उम्र के कलाकार की जरूरत थी| उन्होंने सलमान को तुम बहोत छोटे हो कहके मन कर दिया| पर सलमान फिल्म में काम करने के लिए जिद्द ही करने लगे तो उन्होंने अपने चपरासी को बुलाकर उन्हें ऑफिस से हकेल दिया था|

सलमान उन स्ट्रगल के दीनो में भी बड़ादील रखते थे

                    निर्माताओके ऑफिस में काम मागने जाने वाले सलमान उन दीनो अपने साथ दुसरे मित्र कलाकारोके भी फोटो रखा करते थे| अगर उनको खुद को फिल्म में नहीं लिया जाता तो वो तुरंत अपने दोस्तों की फोटो दिखाकर अपने दोस्तों को फिल्म में लेने की request(विनती) करते| सुनील शेट्टी की फोटो हमेशा उनके पास रहा करती थी| आदित्य पंचोली भी उनके दोस्त हुआ करते थे| कुछ भी करके उनको फिल्मो में काम करना था इसलिए वो डायरेक्टर शशिलाल नायर के असिस्टेंट बन गए| उस समय वो बस में सफ़र करके स्टूडियो पहुंचा करते थे|

फिल्मो में काम करो एक दीन तुम बड़े स्टार बनोगे

                    सलमान एक टी शर्ट ब्रांड के लिए modelling कर रहे थे उस वक्त उनकी मुलाकात अभिनेता गोविन्दा से हुई| गोविन्दाजी सलमान के कपडे पहनने की स्टाइल से प्रभवित हुए थे और उन्होंने सलमान से यह कहा भी था| उस वक्त सलमान खान कुछ नहीं थे और गोविंदा सुपरस्टार थे|

                    निर्माता मंसूर खान की पार्टी में राकेश रोशन(हृतिक रोशन के पिता) ने सलमान खान को देखा और उनको अपने पास बुलाया| पूछा क्या तुम फिल्मो में काम करते हो| सलमान ने कहा नहीं सर में modelling करता हूँ| राकेश रोशन जी ने उनको कहा था बेटा तुम फिल्मो में काम करो एक दीन बहुत बड़े स्टार बन जाओगे|

मैं भी स्टार बन गया

                      बहुत स्ट्रगल करने के बाद सलमान को पहेली फिल्म मीली जिसका नाम था बीवी हो तो ऐसी| फारूक शैख़ और रेखाजी इस फिल्म के प्रमुख कलाकार थे और सलमान थे supporting अभिनेता| सलमान को इस फिल्म से कोई उम्मीद नहीं थी और सलमान के करियर को इस फिल्म से कोई फ़ायदा भी नहीं हुआ|

                     राजश्री बैनर के सूरज बडजात्या एक फिल्म बनाने जा रहे थे और उनको नए चेहरे की जरूरत थी| शबाना दत्त नाम की एक दोस्त ने उनको कहा की में आपके पास इक लड़के को भेज रही हूँ आपके फिल्म के लिए शायद वो आपको पसंद आये| सूरज बडजात्या को वो लड़का पसंद आया और उन्होंने उसे अपने फिल्म में हीरो का रोले दे दीया| उस लड़के का नाम था अब्दुल रशीद सलीम सलमान खान उर्फ़ सलमान खान| उस फिल्म का नाम था ‘मैंने प्यार किया’|

                      मैंने प्यार किया फिल्म रिलीज़ होने के बाद सलमान अपने दोस्त के बाइक पर फिल्म का show देखने गए थे| फिल्म ख़त्म होने के बाद लोगोने सलमान को देख लिया और पहचान लिया| लोग उनके पीछे लग गए और सलमान बाइक पर अपने दोस्त के साथ वहासे भाग गए| और यही वो लम्हा था बाइक पर बैठे सलमान खान सोचने लगे यार ‘मै भी स्टार बन गया’|

                      मैंने प्यार किया फिल्म के बाद लोगोने सलमान खान को इतना प्यार दिया के 30 साल के बाद भी आज ओ Bollywood के सुपरस्टार बने बैठे है और दुनियाभर में उनके प्रशंसक मौजूद हैं|

                        तो यह थी अब्दुल रशीद सलीम सलमान खान की सुपरस्टार सलमान खान बनने तक की कहानी|

How to take care of Smart TV and Washing machine | Smart TV और Washing Machine की देखभाल की जाती है|

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                       हमारे जीवन में आजकल इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओका अनन्यसाधारण महत्व है| इनके बिना जीना हम सोच भी नहीं सकते| यह वस्तुए थोडीसी महंगी होती हैं पर गरीब हो या अमीर हर कोई इन्हें ख़रीदना चाहता हैं| हम इन वस्तुओ को खरीद तो लेते हैं पर बहुत बार हमको इन वस्तुओकी कैसे देखभाल की जाती हैं, इन्हें कैसे सही तरीकेसे इस्तेमाल किया जाता है और कैसे इनकी साफ सफ़ाई की जाती हैं इसके बारे में पता नहीं होता हैं|

इस लेख में हम आपको बताएँगे की कैसे Smart TV और Washing Machine की देखभाल की जाती है| कैसे इनका सही तरीकेसे इस्तेमाल किया जाता है और इनकी साफ सफ़ाई की जाती है| How to take care of Smart tv & Washing machine?

                    SMART TV :-

                  ♦ स्मार्ट टीवी और remote कभी भी ऐसे जगह पर नहीं रखना चाहिए जहा पर direct सूरज की रोशनी आती है| जहा पर बारिश का पानी आता हैं| पाणी इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओका दुश्मन होता है इससे यह जल्दी ही ख़राब हो जाते है|

                  ♦ टीवी को कभी भी stove(स्टोव) या गर्मी छोड़ने वाले वस्तुओके बाजु मे रखना नहीं चाहिए|

                   जिस जगह पर बहुत सी धुल आती है वहा पर टीवी कभी भी रखना नहीं चाहिए| धुल की वजहसे TV के अन्दर का सर्किट ख़राब हो सकता हैं और कभी कभी धुल की वजहसे शॉर्ट सर्किट होकर आग लगने की भी संभावना रहती हैं|

                   गीले हाथ से टीवी के पॉवर प्लग को कभी भी छूना नहीं चाहिए और खासतौर पर तब जब power plug पर धुल जमा हो| धुल यह करंट सप्लाई के मीडिएटर का भी काम कर सकती हैं|

                  ♦ टीवी के socket में हमेशा अर्थपीन (earth pin) होनी चाहिए| नही तो शॉक लगने की संभावना होती हैं|

                  ♦ रिमोट में एक पूरानी और एक नयी बैटरी (batteries) का इस्तेमाल मत कीजिये| इससे battery लीक होकर रिमोट ख़राब हो सकता है|

                  ♦ बारिश के दिनों में जब तेज बारिश के साथ बिजली चमक रही हो उस वक्त टीवी का प्लग socket में से बाहर निकाल के रख दीजिये| चमकती बिजली के दौरान TV ख़राब होने की बहुतसी घटनाए हो चुकी है

                  ♦ Smart TV जब आप दीवार(wall) पर लगाओगे तब वो दीवार गीली या लीकेज नहीं होनी चाहिए| लीकेज के पाणी से TV ख़राब हो सकता है|

                 ♦ गंदी हुई Smart TV के screen को हमेशा कपडा लेकर हलके हाथ से ही साफ़ करना चाहिए| Screen को रगड के साफ मत कीजिये वरना Display ख़राब हो जायेगा|

                 Screen को साफ करने के लिए स्प्रे या पाणी का इस्तमाल मत कीजिये| साफ और मुलायम कपडा लेकर टीवी को साफ कीजिये| स्क्रीन के दाग अगर गहरे होंगे तो कपडे को हलके से पाणी में डूबोकर निचोड़ लीजिये और स्क्रीन को हलके हाथसे पोछ लीजिये| और तुरंत सुखे साफ़ कपडे से सुखा लीजिये|

                ♦ अगर आप लम्बी छुट्टियों पे जा रहे है तो टीवी के पॉवर cord को स्विच box से निकाल के रखिये| और कपडे से टीवी को ढक दीजिये इससे धुल टीवी के अन्दर नहीं जायेगी|

                 WASHING MACHINE:-

                 वॉशिंग मशीन को हमेशा समतल जगह पर रखिये|

                ♦ कपडोको धोनेसे पहले जेबोको अच्छेसे चेक कीजिये| इसमें coin, चाबी(key), safety पीन हो सकते है| यह वॉश टब में अटक सकते है और Washing Mahcine ख़राब हो सकती हैं|

                ♦ वॉशिंग मशीन में कभी भी 50 डिग्री से ऊपर का गरम पानी मत डालिए इससे मशीन का प्लास्टिक ख़राब हो सकता है|

                ♦ जब मशीन इस्तेमाल में नहीं हो तो पॉवर cord को switch box से निकाल कर रखिये|

                ♦ चालू मशीन को कभी भी मत धकेलिए|

                ♦ कपडोको स्पिन dry करते समय अगर वॉशिंग मशीन बहुत हिलने लगे या झटके मरने लगे तो तुरंत मशीन बंद करके स्पिन dry के अन्दर के कपडोको अच्छी तरहसे सेट कर लीजिये|

                ♦ वॉश टब में कपडे धुलने के बाद इनको स्पिन dry में डालते समय एक एक करके डालिए| एक साथ सारे कपडे उठाकर स्पिन dry में मत डालिए|

                ♦ वॉशिंग मशीन को कभी भी तेज़ धुप में मत रखिये|

                ♦ अगर आप वॉशिंग मशीन को साफ़ करना चाहते है तो गीले कपड़े से साफ़ कर सकते हैं और बाद में सुखे कपडे से पोच लीजिये| मशीन ज्यादा ही गंदी हो गयी होतो mild डिटर्जेंट का इस्तेमाल भी कर सकते हैं|

                ♦ वॉश टब में लगे लिंट filter को 10-15 दीनो के अंतर से साफ करना बहुत जरूरी हैं|

                ♦ वॉशिंग मशीन चलाने के लिए एक्सटेंशन cord का उपयोग मत कीजिये| अगर आसपास switch नही है तो एक्सटेंशन cord में एक से ज्यादा उपकरण का इस्तेमाल मत कीजिये|

                ♦ चलते स्पिन ड्रायर में कभी भी हाथ मत डालिए इसे पूरी तरहसे रूकने दे|     

                 अगर आप इन जैसी कुछ बातोंका टीवी और वॉशिंग मशीन को इस्तेमाल करते हुए ध्यान रखेंगे तो यह electronics appliances ज्यादा दीन तक चलेंगे| आपके उपकरण किसी कारणवश warranty period में ख़राब हो जाते है तो आप कंपनी के कस्टमर केयर सर्विस का जरूर इस्तेमाल कीजिये|वारंटी period में यह सर्विसेज मुफ्त होती है

                 आपको हमारे लेख के बारेमे कोई सुझाव है या प्रश्न है तो हमे कमेन्ट box में जरूर लिखिए|

How to wash clothes in Washing Machine | Washing Machine में सही तरीकेसे कपडे कैसे धोये जाते है? | कपडोको स्पिन टब में कैसे खंगाले ?

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                एक दौर था जब पूरे परिवार के कपडे धोना औरतो के लिए बड़ा थका देने वाला काम  होता था| हररोज के कामोमे से यह एक प्रमुख काम होता था| पुराने ज़माने में शायद किसीने सोचा भी नहीं होगा भविष्य में कपडे धोने के लिए Washing Machine का निर्माण किया जायेगा| आजकल के ज़माने में Washing Machine हर एक घर में पाया जानेवाला सामान्य उपकरण हैं| पर हममेसे बहुत से लोगो के मन में प्रश्न होते है की Washing Machine में सही तरीकेसे कपडे कैसे धोये जाते है? How to wash clothes in washing machine?

How to Wash Clothes? कपडे धुलाई का सही तरीका

              कपडे धोने से पहेले कपडोके जेबों को अच्छी तरह से चेक कर लीजिये| कपडे के जेबोमे गलतीसे Coin, चाबी(key) या safety pin ऐसी चीज़े रह जाती हैं| यह चीज़े Wash Tub में अटक के wash motor ख़राब कर सकती हैं|

              कपड़े वॉश टब में डालते वक्त उनको खोल के और एक एक करके डालिए| उनको एक साथ लपेटके मत डालिये नही तो कपडे एक दुसरे में अटक के वॉश टब में अच्छी तरह से घूम नहीं पाएंगे और साफ़ नहीं होंगे|

              वॉश टब में पानी भरते वक्त अगर आप वाशिंग मशीन के Hose पाइप का इस्तेमाल करते हो तो नल के पाणी का प्रेशर हमेशा मध्यम रखिये|

              वॉश टब में पाणी भरते वक्त कपडो की मात्रा के अनुसार पहले आधा पाणी ही वॉश टब में भरिये| बादमे इसमें कपडे और योग्य मात्रा में डिटर्जेंट डाल दीजिए| कपडे पूरी तरह से पाणी में डूबे होने चाहिए| 15-20 मिनट के लिए कपड़ो को पाणी में डिटर्जेंट के साथ भीगने दे| 15-20 मिनट के बाद बचा हुआ आधा पाणी कपड़ो की मात्रा के अनुसार निर्धारीत स्तर पर डाल दीजिये| और washing मशीन चालू कर दीजिये|

              वॉश टब में भरे आधे पाणी में डिटर्जेंट डालने के बाद इसको आप हाथसे भी अच्छी तरहसे पाणी में मिला सकते हैं या 15-20 मिनट के लिए कपड़े के साथ soak होने के लिए छोड़ सकते हैं|

              कलर छोड़ने वाले कपड़ो को अलग से धोये इससे दुसरे अच्छे कपडे ख़राब नहीं होगे|

              डिटर्जेंट के साथ कपडे धुल जाने के बाद कपडोको फिरसे एक बार साफ पाणी से वॉशिंग मशीन में timer लगाके धो लीजिये| इससे कपडो में बचा डिटर्जेंट पूरी तरहसे धुल जायेगा|

              कपडोके अच्छे धुलाई के लिए आपको कपडोको दो बार वॉशिंग मशीन में धोना जरूरी हैं| एक बार डिटर्जेंट के साथ और दूसरी बार साफ पाणी के साथ|

         ♦ कपडे धोते समय वॉश टब में कपडोके मात्रा के अनुसार पर्याप्त रूप में पाणी होना चाहिए| नहीं तो वाशिंग मशीन के मोटर पर कम पाणी में कपड़ो को धुलानेसे प्रेशर आ जाता है| (हमेशा कपडे वॉश टब में पाणी के नीचे डूबे होने चाहिए)

How to Rinse? | कपडोको स्पिन टब में कैसे खंगाले ?

               वॉश टब में कपडे धो लेने के बाद कपडोमे जमापाणी पुरी तरह से निचोड़ने के लिए हमे इनको स्पिन टब में खंगालना होता है| इससे कपड़े जल्दी सुखने में मदद मिलती हैं|

                स्पिन टब में कपडे डालते वक्त एक एक करके डालिए| कभी भी पुरे कपडे उठाके एक साथ मत डालिए|

                स्पिन टब में कपडे डालने के बाद उनको हलके हाथोसे नीचे दबा दीजिये| हो सके तो कपडोको एक ही level पे रखिये बाद में इसपर safety cover रखिये| Safety cover जब आप कपड़ो पे रखेंगे तो वो एक ही level पे रखना जरूरी हैं| नही तो स्पिन टब अच्छी तरहसे घूम नहीं पाता हैं| अगर स्पिन टब अच्छी तरहसे घूम नही पाता है तो कपड़ो को बाहर निकालकर फिरसे स्पिन टब में अच्छी तरहसे एक level पर रख दीजिये|

                अगर आपको ऐसा लगे की कपड़ो का डिटर्जेंट अच्छी तरहसे नहीं निकला है तो आप कपडोको साफ पानी में डुबाकर एक बार फिरसे स्पिन टब में खंगाल लीजिये|

Important Instruction | महत्वपूर्ण निर्देश 

                    वॉशिंग मशीन में कपडे धोने के बारें में हमारे मन में बहुत सारे सवाल रहते है जैसे की कपडे धोने का समय क्या होना चाहिए? कितने पाणी में कितनी डिटर्जेंट की मात्र डालनी चाहिए? कपडोको स्पिनर में ड्राई करने का समय क्या होना चाहिए ? यहाँ पर निचे इक चार्ट दीया गया है इसे आप पढोगे तो आपको इसका अंदाज़ा हो जायेगा|

  •                 धोने का समय
  •              ♥   अत्यधिक गंदे भारी कपडे                 :-   10 से 15 मिनट
  •              ♥   कॉटन और लाईनन कपडे                  :-    8 से 10 मिनट 
  •              ♥   साधारण कपडे (अंतर्वस्त्र  इ.)            :-    7  मिनट
  •              ♥   कम गंदे सिंथेटिक कपडे                    :-    2 से  5 मिनट 
  •              ♥   उनी एवंम पतले सिंथेटिक कपडे         :-   2 से 5 मिनट
  •                 स्पिन ड्राय का समय 
  •              ♥  पतले सिंथेटिक कपडे                          :-     1 मिनट 
  •              ♥  उनी कपडे                                  :-     1 से 2 मिनट 
  •              ♥   सूती कपड़े                                          :-     3 से 5  मिनट 
  •              ♥  मोटे सूती कपडे                                   :-     5 मिनट 
  •                 डिटर्जेंट की मात्रा 
  •              ♥  वॉश टब में कम पाणी का स्तर रहने पर डिटर्जेंट की मात्र 55 ग्राम   
  •              ♥  वॉश टब में मध्यम पाणी का स्तर  रहने पर डिटर्जेंट की मात्र 66 ग्राम   
  •              ♥  वॉश टब में मध्यम पाणी का स्तर  रहने पर डिटर्जेंट की मात्र 77 ग्राम 

             कपड़ो को वाशिंग मशीन में धोते वक्त अगर इन बातोंका ध्यान आप रखे तो कपडोकी धुलाई आपके लिए आसान हो जायेगी|