Full Form of India | इंडिया शब्द का अर्थ और इतिहास जानिए आसान भाषा मे

Full Form of India : हमारे देश के संविधान (constitution) के आर्टिकल-1 (Article-1) में हमारे देश का उल्लेख “India जिसे ‘भारत’ भी कहा जाता है, राज्यों का एक संघ है ” इस प्रकार से किया गया है |

मतलब अधिकृत रूप से हमारे देश को विश्वभर में इंडिया (India) और भारत इन दोनों नामों से जाना जाता है |

बहुतसे लोगों को लगता है ‘भारत’ देश को इंडिया (India) यह नाम अंग्रेजोंने दिया है | इंडिया (India) यह नाम अंग्रेजी जरूर है पर अंग्रेजोने यह नाम हमारे देश को नही दिया था | हमारे देश को इंडिया (India) कहने के पीछे दुसरे कारण है |

इस लेख में हम विस्तार से इंडिया (India) नाम का पूर्ण रूपसे अर्थ जानेंगे |

सबसे पहले हम यह जान लेंगे की हमारे देश को ‘भारत’ नाम कैसे मीला | 

Full Form of India

Full Form of India

हमारे संविधान में आधिकारिक तौर पर इस बातका स्पष्ट रूप से उल्लेख है की ‘India ही भारत है और भारत ही इंडिया है’ | 

हमारा देश प्रचीन है और अलग-अलग कालखंड में इस को अनेक नाम से सम्बोधा गया है | देश विदेशों के प्राचीन ग्रंथो में इसका जिक्र भी हुआ है |

सबसे पहले हम जान लेते है हमारे देश को भारत नाम कैसे पडा, इसकी क्या कहानी है|

💡 भारत (Bharat) 💡 

प्राचीन काल से भारतभूमी के अलग-अलग नाम रहे है, पर इन सब में सदा से प्रचलीत और लोकमान्य नाम ‘भारत’ ही रहा है और आज भी है | भारत नाम एक प्राचीन राजा के नाम से आया है | 

आम तौर पर माना जाता है दुष्यंत पुत्र भरत के नाम पर ही देश का नाम ‘भारत’ पड़ा है |

महाभारत के आदिपर्व में एक कथा है उसके अनुसार महर्षि विश्वामित्र और अप्सरा मेनका की बेटी शकुंतला और कुरुवंशी राजा दुष्यंत के बीच गंधर्व विवाह होता है | इन दोनों के पुत्र का नाम भरत था |

ऋषि कण्व ने आशीर्वाद दिया भरत आगे जाकर चक्रवर्ती सम्राट बनेगा और उसीके नाम पर इस देश का नाम ‘भारत’ पडेगा |

ग्रन्थ के अनुसार भरत एक चक्रवर्ती सम्राट थे जिन्होंने चारों दिशाओं के भूमि को अधिग्रहण करके एक विशाल साम्राज्य प्रस्थापित किया | सम्राट भारत के अधिपत्य के निचे वाले इस विशाल साम्राज्य को ‘भारत’ कहा गया |

जनमानस के बिच यही कथा लोकप्रिय है और देश का नाम ‘भारत’ इसी के अनुसार पड़ा ऐसे माना जाता है |

जैन परम्परा के अनुसार जैनों का ऐसे मानना है की भगवान रिषभ देव के जेष्ट पुत्र महायोगी भरत के नाम पर इस देश का नाम भारतवर्ष पड़ा |

भारत के विविध नाम

Full Form of India :

भारत के प्राचीन और वैविध्य पूर्ण संस्कृति की तरह उसके विविध नाम भी रहे है | इन् नामोंमें से कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार से है |

➡ भारतवर्ष [Bharatvarsha]

अग्निपुराण, महाभारत और वेदों में भारतवर्ष नाम का उल्लेख आता है | ‘वर्ष’ शब्द का संस्कृत में अर्थ होता है खंड, भू-भाग |

अग्निपुराण में भारतवर्ष देश में कितना भू-भाग आता है उसका वर्णन किया गया है | यहाँ तक की अग्निपुराण में भारतवर्ष राष्ट्र की दूरी तक बताई गयी है |

अग्निपुराण के अनुसार भारतवर्ष 9000 योजना मतलब 72000 मिल तक फैला हुआ था |


➡ जम्बुद्विप [Jambudvipa]

जम्बुद्वीप यह भारत का सबसे पुराना नाम है | जम्बू मतलब जामुन | जामुन फल को संस्कृत में ‘जम्बु’ कहा जाता है |

ऐसा माना जाता है उस जमाने में यहा बहुत सारे जामुन के पेड़ रहे होंगे इसलिए इस द्वीप का नाम जम्बुद्वीप पड़ा |


➡ द्रविड़ [Dravida]

भारत देश को द्रविड़ नाम से भी जाना जाता था | द्रवीड भारत देश के मूलनिवासी थे | जिन्हें बाहर से आये आर्यों ने परास्त कर दिया था जो आज अदिवासी कहलाते है | 

द्रवीड भारत देश के मूलनिवासी थे इसलिए देश द्रविड़ नाम से भी जाना जाता था |


➡ आर्यावर्त [Aryavrta]

इतिहास अभ्यासकोंका मानना है कि हिन्दूकुश पर्वतों के पार जो आर्य थे उनका संघ ईरान कहलाया और पूरब में जो आर्य थे उनका संघ आर्यावर्त कहलाया |

आर्यावर्त मतलब आर्यों की भूमी |


➡ नाभिवर्ष [Nabhivarsha]

नाभि नाम के एक शक्तिशाली राजा हो गए | उन्होंने इस भू-भाग पर राज किया इसलिए इस भू-भाग को नाभिवर्ष नाम से भी जाना जाता था |

नाभि राजा जैन धर्म के पहले तीर्थंकर ऋषभनाथ के पिता थे | जैन धर्म के आदिपुराण में इसका उल्लेख है |

नाभि का अर्थ संस्कृत में मध्य होता है | भारत देश का भू -भाग पृथ्वी के मध्य में है ऐसे माना जाता था इसीलिए भी इसे नाभिवर्ष कहा जाता था |


➡ हिंदुस्तान [Hindustan]

अंग्रेजों के पहले भारत पर मुगलोंका राज था | मुगलोंने भारत को सबसे पहले हिंदुस्तान कहना शुरू किया था |

मूल रूप से हिंदुस्तान का अर्थ हिंदू की भूमि है |

भारत को हिंदुस्तान नाम मुस्लिम मुगल शासकोने 11 वीं शताब्दी में दिया था | मुस्लिम शासित बहुत से देशोके नाम स्तान शब्द से ख़त्म होते है | जैसे की-

1. कजाकिस्तान 
2. उज़्बेकिस्तान
3. अफ़ग़ानिस्तान
4. तुर्कमेनिस्तान
5. किर्गिज़स्तान
6. पाकिस्तान 

 


➡ यिंदु [Yindu]

चीन में भारतको इंडिया नाम के अलावा यिंदु (Yindu) नाम से भी जाना जाता है | यिंदु (Yindu) नाम दरअसल सिन्धु शब्द का अपभ्रंश है, जो सिन्धु नदी से प्राप्त हुआ है |

चीन के अनेक किताबों में इसका उल्लेख है |


➡ होडू [Hodu]

हिब्रू बाइबल में भारत के लिए होडू नाम का इस्तेमाल किया गया है |

हिब्रू बाइबल के इस्थर में भारत के भू-भागोंका वर्णन करते हुए इस भूमी को होडू संबोधा गया है |


 ➡ हिंदुश [Hidush)

सिन्धु नदी के, सिन्धु शब्द से ही हिंदुश शब्द की उत्त्पत्ति हुई है | हिंदुश मतलब सिन्धु की भूमि |

इस सिंध भूमी को हिंदुश कहां गया |

Full Form of India

भारत को इंडिया नाम कैसे पड़ा?

Full Form of India

विदेशों में ‘भारत’ को प्रमुख तौर पर ‘इंडिया’ नाम से जाना जाता है | पर हमारे देश के अधिकांश लोग इसे ‘भारत’ या ‘हिंदुस्तान’ कहना ही ज्यादा पसंद करते है |

भारत को इंडिया नाम कैसे पड़ा इसका एक इतिहास है | आइए हम इस इतिहास को जान लेते है |

💡 इंडिया [India

बाहर से आये हुयें लोगोने जो भी नाम इस देश को दिए इनपे अगर आप गौर करेंगे तो आप पाएंगे इन् नामों में कुछ बातें एक सामान है |

इनमे से लगभग सारे नाम Hin और in शब्दों के ध्वनी से शुरू होते है | और आखिर में du or dia ध्वनी से समाप्त होते है |

मूल रूप से India का अर्थ है ‘ind की भूमि’ | ‘Ind’ शब्द ‘हिंद’ का अपभ्रंश है जिसे हमने ‘हिंद’ के रूप में देखना है |

इसी तरह से अगर आप इन् ध्वनी को अंग्रेजी भाषा बोलने वालों के दृष्टी से एकत्रित करोंगे तो यह इंडिया (India) जैसे प्रतीत होता है |

‘ia’ का मतलब लैटिन भाषा में “land of” मतलब भूमी है | इसी लिए बहुत से देशों के नाम ‘ia’ से समाप्त होते है | जैसे की-

Australia ऑस्ट्रेलिया
Russia रशिया 
Austria ऑस्ट्रिया
Albania अल्बानिया
Latvia लाटविया
Lithuania लिथुआनिया
Algeria एलजीरिया
Romania रोमानिया
Slovakia स्लोवाकिया
Indonesia इंडोनेशिया
Bulgaria बुल्गारिया
Estonia एस्तोनिया
Slovenia स्लोवेनिया
Armenia आर्मीनिया
Croatia क्रोएशिया
Serbia सर्बिया
Nigeria नाइजीरिया
Bolivia बोलीविया
Zambia जाम्बिया
Colombia कोलंबिया
Czechia चेकिया
Tanzania तंजानिया
Namibia नामिबिया
Malaysia मलेशिया
Ethiopia इथियोपिया
Somalia सोमालिया
Cambodia कंबोडिया
Mongolia मंगोलिया
Tunisia ट्यूनीशिया
Liberia लाइबेरिया
Georgia जॉर्जिया
Saudi Arabia सऊदी अरब
Syria सीरिया
Mauritania मॉरिटानिया
Micronesia माइक्रोनेशिया
St. Lucia सेंट लूसिया

Full Form of India :

इंडिया (India) का मतलब अगर हम इतिहास पर गौर करेंगे तो  ‘हिन्द की भूमि’ ऐसा प्रतीत होता है |

पुराने समयमें ग्रीस देशमें ‘हिंदू’ शब्द ‘इंडोस (Indos) ‘ में बदल गया | रोमन में, उन्होंने इस शब्द को Indus(इंडस) कहा | 

Indus(इंडस) शब्द ‘हिन्दू’ शब्द से आया | ‘हिन्दू’ शब्द ‘सिन्धु’ से आया और India (इंडिया) शब्द Indus (इंडस) से आया |

ग्रीक में भारत शब्द के लिए इंडिया और सिन्धु शब्द के लिए इंडस शब्द का इस्तेमाल होता था |

अंग्रेजी बोलने वाले देश सिंधू नदी को Indus (इंडस) नाम से जानते थे क्यों की रोमन लोग सिंधू नदी को Indus नाम से बुलाते थे | इसलिए उनके लिए सिन्धु नदी बन गई Indus River और इसके आसपास वाली भूमी बन गई इंडिया (India) | 

भारत को हिन्द क्यों कहा गया ?

भारत के इस धरती को सबसे पहले हिन्द कहा गया | हिन्द क्यों कहा गया ?

जो लोग यहा पश्चिम से आये, जो मध्य एशिया से आये, आते समय उनको सिंध नदी को पार करना पड़ता  था |

ऐसा माना जाता हैं की इन् लोगों की भाषा में ‘स’ शब्द का इस्तेमाल कम किया जाता है तो उन्होंने ‘स’ का उच्चार ‘ह’ करना शुरू कर दिया |

तो सिन्धु के बदले हो गया हिन्दू | हिन्दू शब्द इसा पूर्व 2000 साल से भी पुराना है |

सबसे पहले हिंद शब्द का इस्तेमाल हो गया बाद में यहा के धर्म को हिन्दू कहां गया | हिन्दू शब्द इस्तेमाल हो गया यहा के धर्म के लिए |

सात नदियों वाले प्रसिद्ध ‘सप्तसिन्धु’ क्षेत्र को प्राचीन फ़ारसी में ‘हफ़्तहिन्दू’ कहा जाता था |

सिन्धु से ‘हिन्दू’ बना और इंडस से ‘इंडिया’ बना |

मूल नाम हिंदू उन लोगों पर लागू होता है जो उत्तरी भाग में लंबे समय तक रहते थे, जिसे वे सिंधु नदी कहते थे |

💡 सिंधु मूल रूप से एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ है पानी का बड़ा भंडार |

ग्रीक में भारत शब्द के लिए इंडिया और सिन्धु शब्द के लिए इंडस शब्द का इस्तेमाल इस बात का प्रमाण है हिन्द यह प्राचीन शब्द है और भारत की पहचान है |

Hinduism क्या है ?

‘Hinduism’ शब्द का इस्तेमाल फ़ारसी साहित्यमे 14 वीं शताब्दी में किया गया पाया जाता है |

अंग्रेजी में ‘ism’ शब्द विचारों, दर्शन और सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है |

जब कोइ हिंदुओं के विचार, दर्शन और सिद्धांतों का वर्णन करना चाहते हैं, तो वह इसे ‘Hinduism’ (हिंदूइजम) कहके प्रस्तुत करता है |

India पर केस कर दिया 

Full Form of India

भारत देश का नाम सिर्फ भारत या हिंदुस्तान होना चाहिए ऐसी याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गयी थी | 

याचिका कर्ता का कहना था India यह नाम हमें अंग्रेजोने हमे दिया है और यह गुलामी का प्रतीक है | इसलिए भारत को india नहीं कहा जाना चाहिए |

कोर्ट ने फैसले में कहा था-

“संविधान में देश को ‘भारत’ नाम पहले से ही दिया गया है | इसलिए इसे फिरसे देने का कोइ प्रश्न ही नही है | 

देश का नाम बदलने के सारे अधिकार देश के संसद को है | बहुत से देशो ने अपने पुराने नाम बदले है | इसलिए यह प्रश्न केंद्र सरकार के अधीन आता है | संसद में वह इस तरह का प्रस्ताव रख सकती है |” 

Anmol Vachan जो आपकी जिन्दगी बदल देंगे | अनमोल वचन

0

Anmol Vachan : जीवन में संघर्ष हर एक व्यक्ती के जींवन में आता है | जो व्यक्ती  संकटों पर मात करके आसमान की ऊँचाई छू लेता है वह अन्य लोगों के लिए मार्गदर्शक बन जाता है |  

जीवन में सफलता आसानीसे नही मीलती | सफल व्यक्तीयों ने जीवन में संघर्ष करके जो ज्ञान हासील किया है, यही ज्ञान इन सफल व्यक्तियोंके अनमोल वचन (Anmol Vachan) कहे जाते हैं |  

इस लेख हम आपसे इन सफल व्यक्तियोंके अनमोल वचन शेयर कर रहे है | उम्मीद है आपके यह पसंद आयेंगे | 

Anmol vachan श्रीकृष्ण

जो व्यक्ती हमेशा संदेह करता रहता है, 
जिसके मन में हमेशा संशय बना रहता है,
ऐसे व्यक्ती को इस धरती लोक पर ही क्या,
संसार के किसी भी लोक में खुशी नहीं मिल सकती |
जिस मनुष्य का अपने मन पर नियंत्रण नहीं है,
जो आसानी से काम, क्रोध, मोह, लोभ में फस जाता है,
ऐसे मनुष्य के लिए उसका मन किसी दुश्मन के समान है |
वासना, गुस्सा और लालच,
नरक जाने के तीन द्वार है |
सीधी राह पर इमानदारी से जिन्दगी गुजरने वाले
किसी भी सज्जन और सन्मानित व्यक्ती के लिए
अपमान यह मृत्यु से भी बदतर होता है |
जो हुआ अच्छा हुआ,
जो हो रहा है अच्छा हो रहा है,
जो होगा वह भी अच्छा ही होगा,
तुम अतीत में घटित घटनाओंको सोचकर 
व्यर्थ का पश्चाताप न करो |
कभी भी स्वयं पर घमंड मत करना |
जिस तरह वजनदार पत्थर पाणी में डूबकर 
अपना वजूद खो देता है, वैसे ही घमंडी व्यक्ती
खुद ही खुद के विनाश का जिम्मेदार होता है |
क्रोध की अवस्था में भ्रम जन्म लेता है |
भ्रम बुद्धि को नष्ट कर देती है |
बुद्धि के नष्ट होते ही व्यक्ति का पतन हो जाता है |
फल की अभिलाषा छोड़कर,
कर्म करने वाला पुरुष ही,
अपने जीवन को सफल बनाता है |

 

स्वामी विवेकानंद Anmol Vachan

उठो, जागो और तब तक रुको नहीं
जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाये |
हम वैसे ही बन जाते है
जैसी हमारी सोच होती है |
इसीलिए इस बात का ध्यान रखिये 
की आप क्या सोचते है |
ठोकरें खाने के बाद ही
अच्छे चरित्र का निर्माण होता है |
निरंतर सीखते रहना ही जीवन है,
और रुक जाना ही मृत्यु है |
जब तक जीवित हो तब तक अपने और
दूसरों के अनुभवों से सीखते रहना चाहिए,
क्योंकी अनुभव सबसे बड़ा गुरु होता है |
जिस व्यक्ती के साथ श्रेष्ट विचार रहते है;
वह कभी अकेला नहीं होता है |
दुर्बलता को न तो आश्रय दो और न तो दुर्बलता को बढ़ावा दो |

 

चाणक्य अनमोल वचन

लक्ष्मी जो धन की देवी है वो स्वयं ही उसके घर आती है-
जहां मूर्खों का सम्मान नहीं किया जाता है,
अनाज को अच्छी तरह से संग्रहीत किया जाता है,
और जिस घर में पति-पत्नी झगड़ा नहीं करते हैं |
किसीभी व्यक्ति के भविष्य को उसकी
वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर मत आंकिए,
क्योंकि समय के साथ काला कोयला भी खुदको,
बहुमूल्य हीरे में बदलने की शक्ति रखता है |
जो लोग अपने स्वार्थ के लिए किसी को भी धोखा दें,
लालची स्वभाव रखें और झूठ बोलकर धन कमाने पर विश्वास करें,
ऐसे लोगों पर कभीभी भरोसा नहीं करना चाहिए |
हमेशा अच्छे कर्म करने वालों पर ही विश्वास रखना चाहिए |
दूसरों की गलतियों से सीखे,
अपने ही ऊपर प्रयोग करके सिखते रहने से,
उस चीज़को सिखने के लिए तुम्हे,
पूरी उम्र कम पड़ जायेगी |
भविष्य में आने वाली मुसीबतो के लिए धन एकत्रित करें |
ऐसा ना सोचें की धनवान व्यक्ति को मुसीबत कैसी ?
जब धन साथ छोड़ता है तो जमा धन भी तेजी से घटने लगता है |
इस दुनिया मे ऐसा किसका घर है,
जिस पर कोई कलंक नहीं,
वह कौन है जो रोग और दुख से मुक्त है |
इस दुनिया में सदा सुखी कौन रहता है ?
जब तक आपका शरीर स्वस्थ है और आपके नियंत्रण में है,
उसी समय आत्मसाक्षात्कार का उपाय कर लेना चाहिए,
क्योंकि मृत्यु हो जाने के बाद आप कुछ भी प्राप्त नहीं कर सकते |

 

ओशो Anmol Vachan

Anmol Vachan

आपके साथ जो कुछ भी अच्छा या बूरा घटित होता है,
उसके लिए आप स्वयं ही जिम्मेदार होते है |
यह दुनिया अपूर्ण है, और यही कारण है की यह
बढ़ रही है, अगर यह पूर्ण होती तो मर चुकी होती |
केवल अपूर्णता का ही विकास संभव है |
असली प्रश्न ये नहीं है की मृत्यु के बाद जीवन का अस्तित्व है या नहीं |
असली प्रश्न तो ये है की क्या तूम मृत्यु से पहले जीवित हो ?
विश्वास और धारणा के बीच बहुत अंतर है |
विश्वास निजी होता है और धारणा सामाजीक |
जहाँ पर डर ख़त्म होता है, वहां से जीवन शुरू होता है |
प्रेमियों ने कभी एक दुसरे के लिए आत्मसमर्पण नहीं किया |
प्रेमी सिर्फ प्रेम के लिए आत्मसमर्पण करते है |
अपने बारे में तुम्हारी पूरी सोच उधार ली हूई है |
उन लोगोंसे, जिन्हें खुद नहीं पता की वे स्वयं कौन है |
जिसके पास जितना कम ज्ञान होगा,
वो अपने ज्ञान के प्रती उतना ही हठी होगा |
मैं किसी से बेहतर करूँ क्या फ़र्क पड़ता है,
मैं किसी का बेहतर करूँ बहुत फ़र्क पड़ता है |
इस दुनिया से युद्ध तभी जाएंगे जब प्रेम फिर से दुनिया में प्रवेश करेगा |

 

BUDDHA अनमोल वचन

Anmol Vachan

इस संसार में किसीसे शत्रुता करने से या वैर निभाने से
कभी भी आपसी वैर या शत्रुता समाप्त नहीं हो सकती |
सिर्फ किसीसे दोस्ती करनेसे और अवैर धरने से ही
वैर भावना समाप्त हो सकती है | प्रकृति का यही शाश्वत  नियम है |
लालच और महत्वाकांक्षा अंततः संतोषजनक नहीं है | 
अगर आपके पास सोने का एक पहाड़ हो, जो पूरी तरह से
ठोस सोने से बना हो, फिर भी वह आपके लालच को कभी भी
संतुष्ट नहीं कर पाएगा | यही जीवन का सत्य है |
जैसे अच्छी तरह छाये हुये घर में बारिश का पानी नहीं प्रवेश कर सकता, वैसे ही
ध्यान भावना से अच्छी तरह अभ्यस्त चित्त में राग, क्रोध प्रवेश नहीं कर सकता |
विजय वैर उत्पन्न करती है, पराजित व्यक्ति दुःख की नींद सोता है,
पर जिस मनुष्य के राग और द्वेष  शांत हो गये हैं,
वह जय-पराजय की चिंता छोड़कर सुख की नींद सोता है |
आरोग्य श्रेष्ठ लाभ है, संतुष्टि श्रेष्ठ धन है,
विश्वास श्रेष्ठ बंधु है और निब्बाण श्रेष्ठ सुख है |
जिसके चित्त में राग नहीं है, जिसका चित्त द्वेषरहित है,
जो पाप-पुण्य विहीन है, ऐसे जागरूक पुरुष को किसीका भय नहीं है | 
निरर्थक पदों से युक्त हजार वचनों की अपेक्षा एक ही सार्थक पद श्रेष्ठ है,
जिसे सुनकर कोई भी व्यक्ति शांत हो जाता हो |

 

Dr. Ambedkar Anmol Vachan

शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो |
अगर मुझे किसी समाज की प्रगति मापनी हो तो,
उस समाज की महिलाओं ने क्या प्रगति हासिल की है,
में उससे मापता हूं |
अगर मरने के बाद भी जीना चाहते हो,
तो एक काम जरूर करना,
पढ़ने लायक कुछ लिख जाना,
या लिखने लायक कुछ कर जाना |
जिस तरह पुरुष नश्वर हैं उसी तरह उसके विचार भी नश्वर हैं |
पौधों को बढ़ने के लिए जिस तरह पाणी की आवश्यकता होती है वैसे ही
विचारों को लोगों तक पहुचाने के लिए प्रचार-प्रसार की आवश्यकता होती है |
बिना पाणी के पौधे मुरझा जाते है वैसेही बिना प्रचार-प्रसार के विचार मर जाते है |
एक महान व्यक्ति, एक प्रतिष्ठित व्यक्ति से अलग होता है क्यों की
महान व्यक्ति समाज की सेवा करने के लिये हमेशा तत्पर रहता है |
मनुष्य के जीवन में शिक्षा का महत्व किसी शेरनी की दूध की तरह है,
जो भी इस शिक्षा रूपी शेरनी के दूध को पिएगा वो दहाडेगा जरूर | 
इस संसार में वे लोग कभी भी इतिहास नहीं बना सकते,
जो अपने पूर्वजों का इतिहास भूल जाते हैं |
मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है |
जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए |

 

महात्मा गांधी अनमोल वचन

जो शिक्षा मनुष्य के चरित्र को निखार नहीं सकती
वह पूरी तरह से बेकार है |
आश्चर्य यह है कि भले ही एक आदमी
जानता है कि सच्चा सुख कहाँ है,
पर वह असत्य का पीछा करने में
अपना जीवन बर्बाद कर देता है |
इस संसार में सच्चे प्यार का नियम छोटे बच्चों के माध्यम से ही
सबसे अच्छे तरीके से समझा और सीखा जा सकता है |
जहाँ प्यार होता है, वहाँ जीवन होता है;
नफरत मनुष्य को विनाश की तरफ ले जाती है |
कमजोरी है जो डर को जन्म देती है
और डर से अविश्वास पैदा होता है |
धैर्य खोने का मतलब है लडाई हार जाना |
जीवन सभी कलाओं से बड़ा है।
आस्था का मूल्य कुछ भी नहीं है अगर आप,
इसका अपने जीवन में अनुसरण नहीं करते है |

 

अब्दुल कलम Anmol Vachan

Anmol Vachan

वह व्यक्ति जो किनारे से बिछड़ ने की हिम्मत रखता है,
केवल वह नए महासागरों की खोज कर सकता है |
जीवन में कुछ बड़ा होने की प्रतीक्षा करने में
अपना मूल्यवान समय मत गवाए,
जो कुछ भी आपके पास है उससे ही,
कुछ बड़ा करने की शुरवात करें |
असफलता के बिना कोई सफलता नहीं है,
असफलताएं केवल सफलता के बीच की रुकावटे हैं,
सफलता तो अंतिम मंजिल है |
इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, 
क्यूंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये जरुरी है।
किसी को हरा देना बेहद आसान होता है,
लेकिन किसीको जितना बेहद मुश्किल |
यदी आप सूरज की तरह चमकाना चाहते हो
तो पहले सूरज की तरह तपना सीखो |
सपने वो नही, जो आप सोते वक्त देखते है,
सपने वो होते है, जो आपको सोने नही देते |

 

Elon musk Anmol Vachan

असफलता जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है और,
असफलता सफलता की यात्रा का एक हिस्सा भी है |
मैं जीवन में कभी हार नहीं मानता  |
जीवनमे मैं तभी हार मान सकता हूँ जब मैं मर जाउंगा,
या पूरी तरह से शरारीक रूप से असमर्थ हो जाउंगा | 
भले ही विश्व में आप सबसे ज्यादा बुद्धीमान हो,
भले ही सारे लोगोंमे आप अच्छे से भी अच्छे हो |
फिर भी जीवन में आपके असफल
होने की संभावना हमेशा बनी रहती है |
जीवन में जो कुछ भी काम आप कर रहे हैं,
अगर आप उस काम को पसंद नहीं करते हैं, 
तो सच मानिये आपको अपना जीवन
बहुत छोटा लगने लगता है |
जिन्दगी में हर पल कड़ी मेहनत करें,
जोखिम उठाएं और कुछ साहसिक कार्य करें,
जीवन में आपको इसका कभी भी पछतावा नहीं होगा |
आप जो भी काम कर रहे है अगर आपको वो पसंद है,
तो आप दिन रात इसके बारे में ही सोचते रहते हैं | 

 


 💡 Also read this : इसे भी पढ़िए 

 ➡ Best Thought of the Day in Hindi | सुविचार हिंदी और अंग्रेजी में


 

Elephant in Hindi | हाथी की अनोखी जानकारी | हाथी का निबंध

Elephant in Hindi : जनमानस में हाथी इस जानवर के बारे में काफी कुतूहल और आकर्षण होता है | इसका कारण है इसका विशाल देह, जमीन को छूती हुई इसकी लम्बी नाक जिसे सूंड कहा जाता है, इसके बड़े कान और इसके बडेसे लम्बे सामने वाले दांत जिसे गजदंत कहां जाता है |

थोडासा अजीबसा दिखने वाला यह जानवर काफी शक्तिशाली और बुद्धिमान होता है | फिर भी मनुष्य इस पर काबू पा लेता है और इसके शक्ती का उपयोग करके उससे अनेको काम करवा लेता है |

हाथी इस जानवर को हम अच्छी तरह से पहचानते है फिर भी इसके बारे में कुछ ऐसी बातें है जिसकी बहुत से लोगों को जानकारी नही होती है |

Elephant in Hindi
Asian Elephant

Elephant in Hindi

हिंदी में हाथी को गज, गजराज और हस्ती नाम से भी जाना जाता है | 

हाथी यह जमीन पर पाया जानेवाला सबसे शक्तिशाली और बडे आकार का सस्तन प्राणी है | नर हाथी की ऊँचाई उसके खांदेतक औसतन 10 फीट और वजन लगभग 8000 किलो के आसपास होता है | मादा हाथी की ऊँचाई और वजन नर हाथी के मुकाबले में कम होता है |

हाथी शाकाहारी पशु हैं | घास, पेड़ों के पत्तिया, फल, छाल, उनका प्रमुख आहार है | यह एक जगह रुकने वाला पशु नही है | भोजन और पाणी की तलाश में जंगल में यह दूर दूर तक भ्रमण करता है | 

इस भीमकाय जानवर को एक दिन में लगभग 100 किलो तक भोजन और 189 लीटर पाणी तक की आवश्यकता होती है | एक वयस्क हाथी एक बार में 10 लीटर (3 gallon) तक पाणी पी सकता है | 

एक हाथी का औसतन जीवनकाल 50 से 70 वर्ष तक होता है | 70 साल से भी ज्यादा उम्र तक हाथी के जीवित रहने के प्रमाण पाए जाते है | देखा जाये तो हाथी और मनुष्य का जीवनकाल लगभग एक समान ही होता है | 

हाथी की शरीर संरचना

Woolly Mammoth

ऊनी मैमथ (Woolly Mammoth-वुली मैमथ) हाथियों के पूर्वज थे। वे ठंडी जलवायु में रहते थे और उनके कान छोटे थे | ठण्ड से बचने के लीये उनका शरीर पूरी तरह से बालों से ढका हूँआ करता था | ऊनी मैमथ विशालकाय हूआ करते थे |

लेकिन आज के हाथी गर्म क्षेत्रों में रहते हैं और पाए जाते है इसलिए वह उनके पूर्वजों से थोड़े अलग दिखते है | ना ही उनका शरीर बालों से ढका होता है और ना ही उनके कान छोटे होते है |  

हाथी आमतौर पर (grey) धूसर, धुमैल रंग के होते है | भारी भरकम शरीर वाले हाथीयों की ऊँचाई उनके खंदे तक औसतन 10 फीट तक होती है | 

हाथी के कान धरती पर पाए जाने वाले जानवारों में सबसे बड़े होते है | उनकी लम्बी सूंड उनकी नाक है | हाथी की जितनी लम्बी नाक धरती पर किसी भी जानवर की नहीं है | 

हाथी के आगेवाले दांत जानवरों में सबसे लम्बे है जिन्हें गजदंत, हाथीदांत या हस्तीदंत कहा जाता है | उनके चारों पैर किसी खम्बे की तरह गोल और मजबूत होते है | उनकी आँखें उनके बड़े शरीर के मुकाबले में थोड़ीसी छोटी होती है |

एक हाथी कि त्वचा 2.5 सेंटीमीटर तक मोटी होती है | इनकी मोटी त्वचा के कारण इनका शरीर कठोर होता है | सिर्फ इनके मुंह और कान के भीतर की त्वचा काफ़ी पतली होती है |

जन्म के साथ हाथी का बच्चा लगभग १०० किलो का होता है | हथनी का गर्भधारण कालावधी 22 महीने का होता है | 

अफ़्रीकी और एशियाई हाथी

आज दुनिया में हाथी की सिर्फ दो विशिष्ट प्रजातियाँ बची हैं | अफ्रीकी और एशियाई हाथी | दोनों प्रकार के हाथी केवल गर्म क्षेत्रों में रहते हैं और पाए जाते है |

अफ्रीकी हाथी का शास्त्रिय नाम Loxodonta (लोक्सोदोनटा) और एशियाई हाथी का शास्त्रिय नाम Elephas maximus (एलेफास मक्सिमस) है |

हाथी की यह दोनों प्रजातीयां एक दूसरेसे भिन्न है और इनमे कुछ शाररिक भिन्नताएं भी है |

अफ्रीकी हाथी

Elephant in Hindi :

AFRICAN ELEPHANT

अफ़्रीकी हाथी एशियाई हाथी के मुकाबले में ज्यादा लम्बे होते है | इनका वजन भी उनसे ज्यादा होता है | 

अफ्रीका में एशियासे ज्यादा तापमान होता है | हाथी के कान उनके शरीर को ठंडा रखने का काम करते है | अफ्रीकी हाथीयों के कान बड़े होते है जो बेहद गर्म तापमान में उनके शरीर को ठण्डा रखने काम करते है | 

अफ़्रीकी हाथियों के प्रत्येक पिछले पैर पर तीन नाखून और प्रत्येक सामने के पैर पर चार नाखून होते हैं | इन हाथियों के पैर एशियाई हाथी के मुकाबले में ज्यादा लम्बे होते है |

अफ़्रीकी हाथी में नर और मादा दोनों के हाथीदांत होते हैं और यह एशियाई हाथी के मुकाबले में ज्यादा लम्बे होते है | इन हाथियों के त्वचा में बाल भी कम होते हैं।

अफ़्रीकी हाथि ज्यादातर जमीन पर लेटना पसंद नहीं करते | इनको लेटे हुए तभी देखा जाता है जब वे बीमार या घायल होते है | इनके पैरों की बनावट ही ऐसे होती है जिससे यह खड़े रहने पर कभी भी थकते नहीं है |

एशियाई हाथी

एशियाई हाथी अफ़्रीकी हाथी के मुकाबले में लम्बाई में कम होते है | इनका वजन भी उनसे कम होता है | इनकी शरीर की त्वचा पर अफ्रीकी हाथी से अधिक बाल होते हैं | 

इनमे सिर्फ नर हाथी में ही हाथीदांत होते हैं, मादा में नहीं | एशियाई हाथी के हाथीदांत अफ़्रीकी हाथी के मुकाबले में लम्बाई में कम होते है |

एशियाई हाथी का शरीर गोल मटोल और भारी भरकम होता है | शरीर की तुलना में इसके पैर कम लबें होते है | अफ़्रीकी हाथि ज्यादातर जमीन पर लेटना पसंद नहीं करते है पर इसके विपरीत एशियाई हाथी अक्सर जमीन पर लेटना पसन्द करते हैं | 

एशियाई हाथी अधिकतर छायादार जंगल में रहते हैं और जिसकी वजह से वो अत्यधिक तापमान के संपर्क में नहीं आते हैं |

हाथी की चमत्कारी सूंड 

Elephant in Hindi :

हाथी की सूंड दरअसल उसके ऊपर का होंठ और नाक का बढ़ा हुआ हिस्सा है | धरती पर पाए जाने वाले जानवरों में सबसे बड़ी सूँड सिर्फ हाथी की ही होती है |

हाथी के सूंड की संरचना जीभ की तरह लचीली होती है और इसकी वजह से यह हाथ की तरह कार्य कर सकती है | हाथी की सूंड वास्तव में एक नाक हैं |

हाथी के सूंड में 40,000 मांस पेशियाँ होती है | सूंड का वजन लगभग 139 किलो होता है | इनके सूंड में एक भी हड्डी नही होती | इसलिए हाथी इसे किसी भी दिशा में आसानीसे घूमा सकता है |

जिस तरह मनुष्य अपने हाथों का उपयोग करके रोज के काम करता है उसी प्रकार से हाथी अपने सूंड का उपयोंग करता है | देखा जाये तो हाथी की सूंड दरअसल उसके लिए हाथ का काम करती है |

अपने सूंड का उपयोग करके वह भोजन करता है, पानी पीता है | जंगल में रास्ता बनाते वक्त यह सूंड काम में आती है | अपने शत्रु  संग लड़ते वक्त वो सूंड का उपयोग करता है | 

हाथी की सूंड बेहद ताकतवर होती है यह आसानी से किसी भी पेड़ के तने को उखाड सकती है | किसी भी वजनदार वस्तु को अपनी सूंड में हाथी आसानीसे उठा लेता है |

ताकतवर होने के साथ साथ सूंड बेहद संवेदनशील होती है इसके कारण हाथी आसानीसे छोटेसे  घास का एक तिनका भी उठा लेता है |

हाथी एक बार में अपनी सूंड से 10 लीटर तक पाणी खींच सकता है | हाथी अपने सूंड में पाणी भरके बाद में उसे अपने मुहं में डालके पीता है |

नहाने के लिए अपनी सूंड में हाथी पाणी खिंच लेता है और बाद में अपने शरीर पर उडेलता है |

हाथियों के कान बड़े क्यों होते हैं ?

Elephant in Hindi :

धरती पर पाए जाने वाले जीवों में हाथी के कान सबसे बडे होते है | हाथियों के कान हाथी के शरीर के आकार का एक-छठा (1/6) होता है मतलब उसके शरीर के आकार का 16.66% होता है |

हाथी आमतौर पर बहुत गर्म शुष्क जलवायु में रहते हैं | वे बड़े जानवर हैं और शरीरमें बहुत गर्मी पैदा करते हैं| हाथियों के शरीर में पसीने की ग्रंथी नहीं होती है | पसीने की ग्रंथी, गर्मी में शरीर से पसीना बहाती है और शरीर को ठण्डक पहुँचाती है |

हाथियों में पसीने की ग्रंथियां नहीं होती हैं इसीलिए शरीर से अतिरिक्त गर्मी को बाहर निकालने के लिए बड़े कान होते हैं | हाथी अपने कान का उपयोग अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए करता है |

हाथी के कान में रक्त वाहिकाएं होती हैं | जब हाथी के शरीर में रक्त का तापमान आसपास के तापमान से ज्यादा हो जाता है, तब यह अतिरिक्त तापमान कानों की रक्त वाहिकाओं द्वारा रिहा किया जाता है |

इसके अलावा, हाथी अपने कानों का उपयोग विशाल पंखे की तरह करते हैं ताकि हवा का निर्माण किया जा सके| जैसे ही हाथी अपने कानों को फड़फड़ाता है, वे तेजी से ठंडा होने के लिए एक हल्की हवा बनाते हैं | जिससे उनके शरीर को ठंडक मिलती है |

हाथी के कान उनके शरीर को पांच डिग्री सेल्सियस तक ठंडा कर सकते हैं | उनका कान किसी गाडी के रेडिएटर की तरह होता है | जिस प्रकार से रेडिएटर कार के गरम इंजन को ठंडा रखता है उसी तरह से हाथी के कान उसके गर्म शरीर को ठंडा रखने का काम करते है |

ऊनी मैमथ हाथियों के पूर्वज थे | वे ठंडी जलवायु में रहते थे और उनके कान छोटे थे | लेकिन आज हाथी गर्म क्षेत्रों में रहते हैं और इसलिए उनके कान बड़े होते हैं |

हाथी के पैर 

Elephant in Hindi :

हाथी जैसे विशालकाय जानवर का शरीर बेहद वजनदार होता है | इस वजनदार शरीर का भार उठाने के लिये उसके पैरों की विशिष्ट रचना होती है |

हाथी के पैरों कि बनावट किसी गोल मोटे खंभों के समान होती है | इसके बड़े सीधे पैर निचेसे गद्देदार होते है जिसकी वजह से खड़े रहने में मांसपेशियों से कम शक्ति की आवश्यकता होती है | इसी वजहसे हाथी बिना थके बहुत लंबे समय तक खड़े रह सकते हैं |

हाथी के पैर निचेसे गद्देदार होने की वजहसे जब यह खड़ा होता है तो इसके वजन से वह फुल जाते है और जब हाथी पर उठाता है तो वह फिरसे पहले जैसे हो जाते है | इसी कारण से गीली मिट्टी में गहरा धँस जाने के बावजूद हाथी अपनी टांगों को आसानी से बाहर खींच लेता है।

भारतीय हाथियों के प्रत्येक पिछले पैर पर चार नाखून और प्रत्येक सामने के पैर पर पाँच नाखून होते हैं |

अफ़्रीकी हाथियों के प्रत्येक पिछले पैर पर तीन नाखून और प्रत्येक सामने के पैर पर चार नाखून होते हैं | 

अनमोल हाथीदन्त (हस्तिदंत)

Elephant in Hindi :

हाथी के मुँह से बाहर निकले हुए सामने वाले बड़े दातों को गजदंत, हस्थीदंत या हाथी दात कहते है | दरअसल यह हाथियों के कृन्तक दाँत होते है | कृन्तक दाँत मतलब सामने वाले दांत |

अफ़्रीकी हाथी में नर और मादा दोनों के हाथीदांत होते हैं और एशियाई हाथियों में सिर्फ़ नर के लम्बे हाथीदाँत होते हैं |

हाथी के हाथीदाँत उनके जीवनकाल में निरन्तर बढ़ते रहते हैं | एक वयस्क नर के हाथीदाँत एक वर्ष में १८ से.मी. की दर से बढ़ते रहते हैं |

हाथीदाँत हाथी के विशालकाय दांत होते हैं | यह 6 फीट तक लबें हो सकते है और इनका वजन 22 किलोग्राम तक हो सकता है | 

पूरी उम्र भर उनके 26 दाँत होते हैं | जब उनके भोजन को खाने वाले आख़री दांत गीर जाते है तब हाथी खाना खाने में असमर्थ हो जाता है और अंततः मर जाता है।

हाथी अपने हाथीदांत का उपयोग स्वयम की रक्षा के लिए, पानी की खुदाई के लिए, और चीजों को उठाने के लिए करता है |

हाथी के हाथीदांत बड़े अनमोल होते है | इनसे बहुतसी बहुमूल्य चीज़े बनाई जाती है जिसकी आंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी कीमत होती है | इन्ही हाथीदांत को पाने के लिए इनका बडे पैमाने पर अवैध शिकार किया जाता था | इसी लिए आंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब हाथीदाँत के व्यापार पर रोक लगा दी गई है |

राजा महाराजाओं की शान – हाथी 

Elephant in Hindi :

हाथी जैसे विशाल और ताकतवर जानवर को सेकड़ो वर्षों से आदमी ने पालतू बनाने का हुन्नर सिख लिया था | आदमी इनका उपयोग सेकड़ो सालों से भारी सामान उठाने में, युद्ध में शत्रु संग लड़ने में और इनपर सवारी करने के लिए कर रहा था |

गतकाल में राजे-महाराजें हाथी पर सवारी करना अपनी शान समझते थे | हाथियों की सवारि को शाही सवारी माना जाता था |

हाथी को अपने महलों में रखना राजे, नवाब, सम्राट और अमीर लोग अपनी शान समझते थे |

हाथी बेहद इमानदार जानवर होता है जो अपने मालिक के प्रती वफादार होता है |

The Indian Elephant God

Elephant in Hindi

हिन्दू धर्म में हाथी का विशेष महत्व है और इसे पूजनीय भी माना जाता है |

हिन्दू धर्म के प्रमुख देवता श्री गणेश जी को हाथी का सर है | गणेशजी को बुद्धि की, ताकत की और सुख समृद्धि की देवता माना जाता है |

गणेशजी को गजानन और गजमुख भी कहा जाता है क्यों की इनका शरीर तो मनुष्य का है पर इनका मुख गज मतलब हाथी का है |

विदेशों में श्री गणेशजी को ‘ Indian Elephant God’ के नाम से जाना जाता है |

💡 क्या आप जानते है ?

Elephant in Hindi :

➡ हाथी आयने में अपने प्रतिबिम्ब को पहचान सकते  है |

➡ उनके पास जानवरों के साम्राज्य में सबसे बड़ा मस्तिष्क और सबसे भारी दिल है |

➡ हाथी भावुक और सामाजीक जानवर है |

➡ हाथी की याददाश्त तेज होती है |

➡ हाथी कूद (Jump) नहीं सकते |

➡ हाथी एक बुद्धिमान जानवर है | 

➡ हाथियों की आँखें कमजोर होती है, लेकिन वे 12 मील दूर से भी पानी सूंघ सकते हैं |

➡ हाथी लंबी दूरी तक तैरने में सक्षम हैं |

➡ दुनिया की एक सबसे महंगी कॉफी, थाई हाथियों के गोबर में पाये जाने कॉफ़ी के बीजों से बनाया जाती है |

➡ अब तक पाए गए अफ्रीकी हाथीयों में सबसे ऊँचा हाथी 13 फीट का था और इसका वजन लगभग 24000 पाउंड (10886 किलोग्राम) था |

➡ हाथी एक दूसरे की चिंघाड़ने की आवाज को (Trumping call) 8 किलोमीटर की दूरी तक सुन सकते हैं |

➡ जब मौसम गर्म होता है तो हम पसीना बहाते हैं लेकिन हाथी ऐसा नहीं कर सकते क्यों की उनमे पसीने की ग्रंथी नहीं होती हैं |

➡ हाथियों के स्‍वर-यंत्र मनुष्य के स्‍वर-यंत्र के आकार के आठ गुना बड़े होते हैं | 

➡ हाथी एक ही समय में दो प्रकार की ध्वनि तरंगें, उच्च-आवृत्ति (high frequency) और कम-आवृत्ति तरंगें (low frequency) भेज सकते हैं | 

➡ उच्च-आवृत्ति (high frequency) वाले ध्वनि तरंगें हवा के माध्यम से जल्दी से यात्रा करते हैं और कान पर उतरते हैं | वे एक मील तक की दूरी तय कर सकते हैं |

➡ दूसरी कम-आवृत्ति (low frequency) तरंगें हैं | वे कम से कम 5 या 6 मील की दूरी तय कर सकते हैं |

➡ मादा हाथी झूंड में रहना पसंद करती है और नर हाथी अकेले रहना पसंद करते है |

➡ ताकतवर और बड़ा जीव होने की वजहसे हाथी का कोइ नैसर्गिक शत्रु नहीं है | पर बीमार, बुड्ढे और बच्चे हाथी का शिकार सिंह का समूह कर लेता है |

➡ हाथी मधुमक्खियों से बेहद डरते हैं | अगर मधुमाक्खियोंका झूंड हाथियों पर हमला कर दे तो वो झूंड से तितर-बितर हो जाते है |

➡ हाथी चींटियों से नफरत करते है | चींटियों वाली जगह वो रुकते नहीं है |

➡ एशियाई हाथी को भारतीय हाथी कहा जाता है |

➡ थाईलैंड को सफेद हाथियों की भूमि के रूप में जाना जाता है। हाथी थाईलैंड देश का राष्ट्रीय प्रतीक है|

➡ सफेद हाथि वास्तव में अल्बिनो (Albino) रोग से पीड़ित होते हैं | अल्बिनो (Albino) रोग में शरीर को रंग प्रदान करने वाली कोशिकाएं अनुपस्थित होते हैं | जिसकी वजहसे हाथी सफ़ेद रंग के दीखते हैं |

Elephant in Hindi 

Ash Gourd in Hindi | गुणकारी पेठा, कुष्माण्ड, रखिया, राख लौकी, सफेद कद्दू

Ash Gourd in Hindi : Ash Gourd यह एक प्रकार का कद्दू है जिसे हिंदी भाषा में पेठा, सफ़ेद पेठा, रखिया, राख लौकी, सफेद कद्दू या हरा कद्दू कहा जाता है |

संस्कृत भाषा में इसे ‘कुष्मांड’ नाम से जाना जाता है | कुष्मांड का अर्थ होता है जिसमें बिलकुल भी गर्मी नहीं है ऐसा फल | 

Ash Gourd में कैलोरीज (Calories) बहुत कम होती है और इसमें लगभग 96 प्रतिशत पाणी की मात्रा होती है | यह फाइबर (fiber-रेशा) सामग्री से समृद्ध होता है और शरीर को पोषण देने वाले विभिन्न पोषक तत्व इसमें मौजूद होते है |

Ash Gourd in Hindi

Ash Gourd in Hindi

Ash Gourd एक हरी-सलेटी रंग की सब्जी होती है, जिस पर धूल की राख जैसा पाउडर होता है | इसीलिए इसे अंग्रेजी में Ash Gourd कहा जाता है | अंग्रेजी में Ash का मतलब होता है राख और Gourd का मतलब होता है लौकी |

अंग्रेजी में Ash Gourd को Winter Melon, White Melon, Wax Gourd या Chinese Watermelon नाम से भी जाना जाता है |

Ash Gourd यह वेल वर्गीय सब्जी है जो कद्दू का ही एक प्रकार है |

इसका वैज्ञानिक नाम (Scientific Name) बेनीनकासा हिसपिडिया (Benincasa Hispidia) है |

Ash Gourd (राख लौकी) बेनीनकासा परिवार में Cucurbitaceae के अंतर्गत आता है |

Ash Gaurd Plant

गुणकारी पेठा (Ash Gourd)

यह बहुत ही गुणकारी कद्दू है जिसे आयुर्वेद में एक औषधी के रूप में भी प्रयोग में लाया जाता है | आहार में इसका समावेश करना सेहत के लिए अच्छा होता है |

Ash Gourd का सेवन करने से होने वाले लाभ :

💡 यह वजन कम करने में सहायक होता है |

💡 विटामिन सी प्रदान करता है |

💡 मानसिक विकार के रोगीयों ने इसका सेवन करना चाहिए, यह चित्त को शांत रखता है |

💡 सूजन दाह को कम करता है |

💡 अल्सर को रोकता है |

💡 इसके सेवन से पाचन शक्ति में सुधार होता है |

आयुर्वेद में पेठा को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करनेवाला सात्विक फल (सब्जी) कहा गया है | 

आयुर्वेद के अनुसार अगर सुबह इसका रस (Juice) पिया जाये तो यह भारी मात्रा में शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और हमारे चित्त को भी शांत रखता है |

Ash Gourd के सेवन से होनेवाले फायदे 

पेठे (Ash Gourd) से सब्जी बनाते हैं और इसे सलाद के रूप में भी उपयोग करते है | पेठे के टूकड़ों को सांभार (Curry) में भी डाला जाता हैं | गर्मी के दिनों में इसके टूकड़े करके उन्हें धुप में सुखाकर और बाद में सब्जी में खाया जाता है|

सुबह-सुबह पेठे (Ash Gourd) के रस का सेवन भी किया जाता है जो अनेक रोगों में लाभकारी होता है |

 ➡ Ash Gourd के सेवन से होनेवाले फायदे 

💡 पेशाब साफ़ होने में यह फायदेमंद है |

💡 रक्तविकार दूर करने में ये फायदेमंद है |

💡 किडनी में जब पत्थर होता है तब इसका सेवन लाभकारक होता है |

💡 ह्रदय और मस्तिष्क की ताकत बढाने में यह लाभकारी होता है |

💡 तनाव (Stress) को कम करने के लिए ये अच्छा फल है |

💡 इसके सेवन से घबराहट, चिडचिडापण, सम्भ्रम कम हो जाता है |

💡 Depression (निराशा, खिन्नता) में डॉक्टर की मुख्य दवाई के साथ इसका सेवन करना लाभ दायक होता है |

💡 हमारे शरीर के रक्त संचार प्रणाली (blood circulatory system) को ताकत देने का काम ये करता है |

💡 किसी भी बड़ी बीमारी के बाद जब ताकत बढाने की आवश्यकता रहती है तो इसका सेवन काफी फायदेमंद रहता है | 

💡 यदि कैंसर रोगी प्रतिदिन राख लौकी (Ash Gourd) के रस का सेवन करते हैं, तो शरीर में कैंसर की कोशिकाओं की संख्या कम होने में मदद मिलती है |

 💡 इसका सेवन शरीर के नाड़ियों को आराम पहुंचाता है, शरीर को ऊर्जा देता है और बुद्धि को भी तेज करता है |

Ash Gourd रस बनाने और सेवन की विधि 

Ash Gourd की सब्जी बनाई जाती है, इसे सांभार में मिलाया जाता है, इसे सलाद में भी इस्तेमाल किया जाता है | पर इसके सेवन की सबसे लोकप्रिय पद्धती है इसका रस बनाकर पीना | 

आयुर्वेद नुसार इसका रस पीना लाभकारी होता है | इसका रस बनाना काफी आसान है |

➡ इसके बीजों को पूरी तरह से निकाल ले |

➡ इसके छिलके को निकाल ले |

➡ इनके टुकड़े कर ले |

➡ इन टुकड़ों को मिक्सर के blender जार में डालकर इनको blend (मिश्रण) कर ले |

➡ Blend करने के बाद इनको साफ़ कपडे से या छलनी (strainer) से छान (strain) ले |

➡ इस रस में शहद मिला ले और बाद में सेवन कीजिये |

➡ आप इस रस में अपने पसंद अनुसार कली मिर्च पावडर, नमक या नींबू का रस भी डाल सकते है |

💡 बिना मिक्सर के रस बनाने के लिए Ash Gourd को कद्दू कस करके, इसको साफ़ कपड़े से छान कर भी इसका रस निकला जा सकता है |

💡 आयुर्वेदिक चिकित्सक नुसार आमतौर पर वयस्क आदमी 50 मीली और बच्चे 25 मीली मात्रा तक इसका सेवन कर सकते है | सेवन करने से पहले इसमें एक चम्मच शहद मिला लीजिये |

💡 इसके रस का सेवन आयुर्वेदिक चिकित्सक के मार्गदर्शन में किया जाये तो वो ज्यादा लाभकारक रहता है | क्यों की किसी भी चीज़ का अतिरिक्त सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है |

Ash Gourd रस के नुकसान

जीन लोगोंको दमे (Asthama-अस्थमा) की बीमारी हैं, जो सर्दी-जुकाम के लिए अतिसंवेदनशील हैं, जिन्हें हरदम कफ की शिकायत रहती है, ऐसे लोग अगर Ash Gourd के रस का सेवन करते हैं, तो उनको तुरंत सर्दी हो सकती है क्योंकि यह शरीर को शीतलता प्रदान करता है | 

ठण्ड के प्रती संवेदनशील लोग अगर Ash Gourd के रस का सेवन करना चाहते है तो इस रस में वह शहद या काली मिर्च डालकर सेवन कर सकते हैं। यह कुछ हद तक शीतलन प्रभाव को बेअसर कर देगा |

Ash Gourd का ज्यादा सेवन करने से :

💡 पेठा (Ash Gourd) में बहुत अधिक फाइबर (fiber-रेशा) होता है | ज्यादा dietary fiber के  सेवन से कब्ज (constipation) हो सकता है |

💡 अस्थमा, सरदी-खांसी के रोगी को Ash Gourd की सब्जी नहीं खानी चाहिए |

💡 ज्यादा मात्रा में सेवन करने पर यह Blood Sugar Level (रक्त शर्करा स्तर) कम करता है। इसलिए इसके अधिकतम सेवन से बचे |

विश्व प्रसिद्ध मिठाई आगरा का पेठा 

💡 Ash Gourd in Hindi 💡 

आगरा का पेठा

आगरा की मिठाई पेठा देश विदेशों में काफी मशहूर है | इसे Ash Gourd मतलब पेठे से ही बनाया जाता है | जो काफी स्वादिष्ट होती है | 

अगर आप इस आगरा के स्वादिष्ट मिठाई पेठा को घर पर बना चाहते है तो निचे दीये गए रेसिपी लिंक पर क्लिक click कीजिए |


  ➡ आगरा की पेठा बनाने की सबसे आसान रेसिपी



Ash Gourd Vitamins and Minerals

राख लौकी (Ash Gourd) को सात्विक तथा गुणकारी फल (सब्जी) कहां जाता है कारण इसमें पाए जाने वाले विटामिन्स और मिनरल (खनिज)|

निचे दिए गए तख्ते से आपको इसमें पाए जाने वाले विटामिन्स और मिनरल (खनिज) का पता चल जायेगा | 

💡 Ash Gourd in Hindi 💡 

Ash Gourd content per 100 gm
Calories: 14 Kcal
Carbohydrates: 3.39 gram
Protein: 0.62 grams
Fat: 0.02 grams
Dietary Fiber: 0.5 grams
Cholesterol: 0.00 gram
List of Vitamins and Minerals
Thiamine
Vita B5
Vita C
Vita B6
Phosphorus
Zinc
Niacin
Iron
Magnesium
Manganese

 

Kabir Das images | देखिये कबीर साहीब की अद्भूत तस्वीरें

Kabir Das images : कबीर दास हिंदी साहित्य के भक्ति काल के एकलौते ऐसे कवि है, जो आजीवन समाज और लोगों के बीच व्याप्त आडम्बरों पर कुठारा घात करते रहे |

कबीरजी इस बात में विश्वास रखते थे की ज्ञान के जरिये ही आप इश्वर को या मोक्ष को प्राप्त कर सकते है |

Kabir Das images

Kabir Das images


Kabir Das images

कबीर दासजी का जन्म विधवा ब्रह्मणी के गर्भ से हुआ था | विधवा ब्रह्माणी ने लोक लाज के डर से इन्हें जन्म के बाद उत्तरप्रदेश के वाराणसी जिल्हे में काशी शहर के अन्दर एक लहर तारा तालाब के सिडीयों पर इन्हें छोड़ गयी थी |

कबीर दास जी का जन्म 1398 ई. में काशी में हुआ |

 

Kabir Das images


कबीरजी के गुरु 

स्वामी रामंनद के बारह शिष्य बताये जाते है | जिनमे कबीर दास जी एक थे | कबीर ने एक जगह अपने दोहे में कहा हैं | “काशी में हम प्रकट भये रामानंद चेताये |” 

 


Kabir Das images


कबीरजी के दोहे 

कबीर माया मोहिन, जैसी मीठी खांड |
सतगुरु की कृपा भई, नहीं तोउ करती भांड ||

 

Kabir Das images


Also Read this : इसे भी पढ़ें

Kabir Ke Dohe (Best 200) | कबीरदास जी के अद्भूत 200 दोहे अर्थ सहित (Part-1)



कबीरजी के दोहे 

जाका गुरु भी अंधला, चेला खरा निरंध |
अंधै अंधा ठेलिया, दून्यूँ कूप पडंत ||

 

Kabir Das images


कबीरजी के दोहे 
जब मैं था तब हरि नहीं ,अब हरि हैं मैं नांहि। 
सब अँधियारा मिटी गया , जब दीपक देख्या माँहि।।

Kabir Das images

Kabir Das images


कबीरजी के दोहे 

कबीर माया मोहिन, जैसी मीठी खांड |
सतगुरु की कृपा भई, नहीं तोउ करती भांड ||

 


Also Read this : इसे भी पढ़ें

kabir das biography in Hindi | कबीर दास की अलौकिक जीवनी


Kabir Das images

Kabir Das images

Kabir Das images


कबीरजी के दोहे 

कबीर इस संसार को, समझौ कई बार |
पूंछ जो पकडई भेड़ की, उत्रय चाहाई पार ||

 


कबीर समाधि स्थल मगहर

Sant kabir sahib ji samadhi sthal Maghar. कबीरजी को १२० वर्षोंकी लम्बी आयु प्राप्त हुयी थी |

जीवन के अंतिम समय में कबीरजी काशी से मगहर चले गए थे, क्योंकि उस समय लोगों में यह धारणा प्रचलित की जिस व्यक्ती की मृत्यु काशी में होती है उसे स्वर्ग की प्राप्ति होती है और जिसकी मृत्यु मगहर में होती है उसे नरक की प्राप्ति होती है| 

कबीर जी इन बातों को मानते नहीं थे | इन् बातो को झुटलाने के लिए ही कबीर साहब ने माघार में अपने देह त्याग दिया |

 

Sant kabir sahib ji samadhi sthal Maghar

संत कबीर साहब की समाधी स्थली उत्तरप्रदेश के मगहर में है | उनकी मृत्यु 1518 इसवी में महनगर हुई |


Kabir Das images

Fingers name in Hindi | उंगलियों का नाम हिंदी और अंग्रेजी में

0

Fingers name in Hindi: मनुष्य के हर एक अंग का महत्व होता है, उसकी विशेषताएं और उसका अपना कार्यभी होता है | वैसे तो हमारे शरीर का हर एक अंग कुछ न कुछ काम करता है |

हमारे हाथों पर जूडी उंगलिया हमारे शरीर का एक विशेष अंग है | इन उँगलियों के सहारे ही हम हररोज के जरूरी काम करते है |

हाथ के हर एक उंगली को नाम दिया गया है | आइये जानते है हमारे हाथ के उँगलियोंके क्यां नाम है और इन उनकी क्या विशेषताएं है |

Fingers name in Hindi

हर उंगली का एक नाम है जो इस प्रकार से है |

Fingers name in Hindi

Fingers name in hindi Fingers name in English
अंगूठा, अंगुष्ठ Thumb (थम्ब)
तर्जनी, देशिनी Index Finger
मध्यमा, बीच की उंगली Middle Finger
अनामिका Ring Finger
कनिष्ठा, कानी अंगुली Pinky, little finger

Note: पैरों के उँगलियों को भी यही नाम है | उनके लिए अलग नाम नहीं है |

 

उंगलीयोंके बारेमें कुछ जानकारी 

 ➡ अंगूठा : सारे उँगलियोंमेसे सबसे ताकत वर उंगली है अंगूठा | अंगूठे की मदद से ही हम चीज़ों को पकड़ना, छोड़ना, फेकना आदी क्रियाएं आसानीसे कर पाते है | 

💡 अंगूठे को अंगुष्ठ भी कहा जाता है | 

💡  हिन्दू मान्यताओं नुसार अंगूठा यह उंगली अग्नी तत्त्व का पतिनिधित्व करती है |

➡ तर्जनी: इस उंगली का उपयोग आमतौर पर किसी दिशा को दर्शाने के लिए किया जाता है | किसी निर्जीव या सजीव प्राणी के तरफ अंगुली निर्देश करने के लिए भी किया जाता है | 

💡 तर्जनी उंगली को देशिनी भी कह जाता है |

💡 हिन्दू मान्यताओं नुसार तर्जनी यह उंगली वायु तत्त्व का पतिनिधित्व करती है |

➡ मध्यमा : बीच के उंगली को मध्यमा कहा जाता है |

💡 हिन्दू मान्यताओं नुसार यह उंगली आकाश तत्त्व का प्रतिनिधित्व करती है |

अनामिका : इस उंगली में आमतौर पर अंगूठी पहनी जाती है | इस उंगली में अंगूठी पहनना शुभ माना जाता है | 

💡 हिन्दू मान्यताओं नुसार यह उंगली पृथ्वी तत्त्व का प्रतिनिधित्व करती है |

कनिष्ठा : सारे उँगलियोंमे से लम्बाईमें  सबसे छोटी यह उंगली है | 

💡 इस उंगली को कानी अंगुली भी कहा जाता है |

💡 हिन्दू मान्यताओं नुसार यह उंगली जल तत्त्व का प्रतिनिधित्व करती है |

 

Fingers Name in English

अंग्रेजी भाषा में भी हर एक उंगली का अलग नाम है | निचे दिए गए रेखा चित्र द्वारा आप उँगलियों के अंग्रेजी भाषा के नाम आसानीसे समझ सकते है | 

Fingers name in Hindi

Fingers Name Pronunciation
Thumb थम्ब 
Index Finger इंडेक्स फिंगर 
Middle Finger मिडल फिंगर 
Ring Finger रिंग फिंगर 
Pinky*  पिंकी 

*Note : Pinky finger is also called little finger.

Essay on coronavirus in Marathi | मराठीत कोरोना वायरस वर निबंध

0

Essay on Coronavirus in Marathi: साल 2020 मध्ये संपूर्ण जगाचे सर्व व्यवहार थांबले आणि या वर्षाने लोकांना आप-आपल्या घरात कैद होण्यास भाग पाडले याचे कारण कोरोना नावाचा एक संसर्गजन्य आजार. या संसर्गजन्य आजाराने जगातील सर्व देश भयभीत झाले आणि लोकांना त्यांची जीवनशैली बदलण्यास या रोगाने भाग पाडले. जगात असे देश फारच कमी होते जेथे या आजाराचे रूग्ण सापडले नाहीत.

भारतात असलेल्या दाट लोकसंख्येमुळे हा कोरोनाव्हायरस (कोविड-19) संसर्गजन्य रोग वेगाने पसरण्याची भीती होती आणि हा आजार भारता मध्ये एक चिंतेचे वातावरण घेवून आला. या कारणास्तव, 23 मार्च 2020 रोजी पंतप्रधान नरेंद्र मोदीजी यांच्या नेतृत्वातील भारत सरकारने सूरवातीला 21 दिवस देशव्यापी लॉकडाऊन करण्याचे आदेश दिले.

परंतु हा लॉकडाउन वर्ष 2021 मध्येही बऱ्याच प्रमाणात अद्यापही सुरू आहे.

Essay on Coronavirus in Marathi

कोरोनाव्हायरस (कोविड-19) हा जगासाठी एक नवीन आजार होता, ज्यामुळे त्यावर कोणतेही औषध नव्हते आणि कोणालाही त्याची लक्षणे नीट माहित नव्हती. म्हणूनच, संपूर्ण जगाबरोबरच, भारत देशानेही या संसर्गजन्य आजाराला आळा घालण्यासाठी लॉकडाउनचे आदेश दिले.

हा संसर्गजन्य आजार टाळण्यासाठी, देशातील सर्व वाहतूक सेवा बंद करण्यात आल्या. सर्व शासकीय आणि खाजगी कार्यालये, शाळा आणि इतर सार्वजनिक उपक्रम अनिश्चित काळासाठी बंद करण्यात आले. उद्देश हा होता की हा संसर्गजन्य रोग लोकांमध्ये इतका पसरू नये की त्यावर नियंत्रण मीळवणे कठीण जाईल.

सरकारने प्रत्येक व्यक्तीस सार्वजनीक ठिकाणी मास्क घालने बंधनकारक केले. आवश्यक कामा शिवाय कोणीही घराबाहेर पडू नका अशा सूचना देण्यात आल्या. सर्व सरकारी आणि खाजगी रुग्णालये, वैद्यकीय कर्मचारी, डॉक्टर आणि स्वच्छता कर्मचार्‍यांना या संक्रामक रोगाचा सामना करण्यासाठी तयार राहण्याच्या सूचना देण्यात आल्या.

केंद्र सरकारला देशावर येऊ घातलेल्या या कोरोनाव्हायरस (कोविड -19) संसर्गजन्य रोगाचे संकट समजले होते.  इतर देशांमध्ये या संसर्गजन्य कोरोना विषाणूमुळे निर्माण झालेल्या पतिस्थितीचा अंदाज सरकारला आला होता. 

भारतात कोरोना वायरस

Essay on Coronavirus in Marathi  

केंद्र सरकारचे कोरोना आजारा बाबतचे मूल्यांकन योग्य असल्याचे सिद्ध झाले आणि हा कोरोना व्हायरस संसर्गजन्य आजार देशात पसरण्यास सुरुवात झाली. देशात या आजाराची एक कोटीहून अधिक भारतीयांना लागण झाली.  परंतु आपल्या देशातील वैद्यकीय कर्मचारी, डॉक्टर आणि स्वछता कर्मचार्‍यांनी स्वताच्या जीवाची पर्वा न करता या कोरोना रूग्ण व्यक्तिना बरे केले.  

या कोरोना विषाणूमुळे (कोविड-19) आजपर्यंत जगातील 25 लाखाहून अधिक लोकांचा मृत्यू झाला आहे. आतापर्यंत भारतात या आजारामुळे 1.5 लाखापेक्षा जास्त लोक मरण पावले आहेत. याद्वारे आपण समजू शकता की जर या रोगावर वेळेवर उपचार केले गेले नाही तर हा रोग प्राणघातक सिद्ध होऊ शकतो.

वेळेवर उपचार केल्यास हा कोरोना विषाणूचा (कोविड-19) आजार अगदी सहजतेने बरे होतो. या आजारासाठी सरकारने सर्व ठीकाणी कोरोना चिकीस्ता सुविधा केंद्र सुरू केले आहेत.

एखाद्या कोरोना संभाव्य व्यक्तीची तपासणी येथे वेळेत झाली तर तो सहजपणे या संसर्गजन्य आजारावर मात करू शकतो. सरकार या संदर्भात सातत्याने देशातील जनतेला माहिती देउन जागरूक करत असते.

कोरोना वायरस (COVID-19) 2021 मध्ये

Essay on Coronavirus in Marathi  

आज, वर्ष 2021 मध्ये, हा आजार काही अंशी नियंत्रणात असल्याचे दिसून येत आहे, याचे मुख्य कारण म्हणजे आपल्या रूग्णालयाचे डॉक्टर, वैद्यकीय कर्मचारी, तातडीच्या सेवेतील कर्मचारी आणि पोलिस. या संसर्गजन्य आजारापासून देशातील लोकांना वाचविण्यासाठी यांनी रात्रंदिवस प्रयत्न केला आणि या प्रयत्नात ते यशस्वी सुद्धा झालेले आहेत.

देशातील लोकांना कोरोना (कोविड-19) विषाणूंपासून वाचविण्याच्या प्रयत्नात, कोरोना विषाणूच्या संसर्गामुळे बरेच डॉक्टर, वैद्यकीय कर्मचारी, तातडीचे सेवा कर्मचारी आणि पोलिसही मरण पावले आहेत. तरीही या कोरोना योद्ध्यांनी आपले काम करायचे सोडले नाही.

Essay on Coronavirus in Marathi

कोरोना योद्ध्यांचे आपल्या देशाबद्दल आणि देशवासियांच्या प्रती समर्पण भावनेचे कौतुक करण्यासाठी आपल्या देशाचे पंतप्रधान श्री. नरेंद्र मोदीजी आणि सर्व देशवासीयांनी या कोरोना योद्धांना अभिवादन केले आणि त्यांच्या कार्याचे कौतुक केले.

जरी हा कोरोना विषाणू (कोविड-19) वर्ष 2021 मध्ये कमी होताना दिसत आहे, परंतु आपल्याला हे लक्षात ठेवले पाहिजे की हा एक अती संसर्गजन्य रोग आहे आणि तो पुन्हा केव्हाही पसरू शकतो.

डॉक्टरांचे म्हणणे आहे की पुढील 4-5 वर्षे हा रोग मानवांसोबत राहणार आहे, म्हणूनच आपण जागरूक राहण्याची गरज आहे. हा रोग टाळण्यासाठी आपल्याला सरकारने घालून दिलेल्या प्रत्येक नियमाचे काटेकोरपणे पालन करायला हवे.

कोरोनवायरस वायरस काय आहे?

Essay on Coronavirus in Marathi  

कोरोना व्हायरस(कोविड-19) हा संसर्गजन्य रोग आहे जो नव्याने सापडलेल्या कोरोनाव्हायरसमुळे होतो.

कोरोना (कोविड-19) विषाणूमुळे संक्रमित बहुतेक लोकाना श्वास घेण्यास त्रास होतो पण बरेच कोरोना रूग्ण डॉक्टरांच्या औषधांद्वारे सहजपणे बरे होतात, त्यांना विशेष उपचारांची आवश्यकता नसते.

वृद्ध लोक आणि हृदयरोग, मधुमेह, तीव्र श्वसन रोग आणि कर्करोग यासारख्या आजारांनी ग्रस्त लोकांना जर या कोरोनाव्हायरस आजाराची लागण झाली तर हा रोग त्यांच्यामध्ये गंभीर रूप धारण करू शकतो. या कोरोना आजाराने मृत्यु पावलेल्या लोकांमधे जास्त करून वृद्ध आणी व्याधिग्रस्त लोकांचाच समावेश आहे.

कोरोना (कोविड-19) विषाणू प्रामुख्याने एखादा संक्रमित व्यक्ती जेव्हा शिंकतो, खोकतो किंवा बोलतो तेव्हा जे थेंब आजुबाजुला पसरतात किंवा समोरच्या व्यक्ती वर उडतात हा आजार प्रामुख्याने त्यातून पसरतो. म्हणून हे महत्वाचे आहे की प्रत्येकाने खोकताना किंवा शिंकताना तोंडावर रुमाल ठेवला पाहिजे. 

कोरोना (कोविड-19) विषाणूचा संसर्ग टाळण्यासाठी प्रत्येकाने सार्वजनीक ठिकाणी मास्क घातला पाहिजे. आपले हाथ साबणाने वारंवार धुतले पाहिजेत. आपल्या चेहरयाला, नाकाला, डोळ्याला किंवा मास्कला वारंवार स्पर्श करु नये.

जागतिक आरोग्य संघटना (WHO)

Essay on Coronavirus in Marathi  

जागतिक आरोग्य संघटना (World Health Organisation) ही आरोग्य यंत्रणेच्या क्षेत्रात काम करणारी एक आंतरराष्ट्रीय कीर्तीची संघटना आहे. WHO ने या कोरोना (कोविड-19) विषाणूबद्दल काही तथ्य प्रसारित केले आहे ज्याची माहिती प्रत्येकासाठी खूप महत्वाची आहे:-

➡ व्यायाम करताना लोकांनी मास्क घालू नये कारण मास्क आरामात श्वास घेण्याची क्षमता कमी करू शकतो. घाम आल्याने मास्क ओलावू शकतो ज्यामुळे श्वास घेणे कठीण होते. घाम आल्याने मास्कवर सूक्ष्मजीवांच्या वाढीस प्रोत्साहन मिळते.

➡ पाण्यामधे पोहताने पाण्याद्वारे कोरोना विषाणु पसरू शकत नाही.

➡ कोरोनाव्हायरस रोग (कोविड-19) विषाणूमुळे होतो, बॅक्टेरियामुळे नव्हे. कोविड-19 आजाराला कारणीभूत असलेल्या व्हायरसला कोरोनाविरिडे (Coronaviridae) म्हणतात.

➡ कोरोना वायरस (Coronavirus) आजाराने संक्रमीत होणारे बहुतेक लोक या आजारातून पूर्णपणे बरे होतात. जर आपल्याला खोकला, ताप आणि श्वास घेण्यास त्रास होत असेल तर लवकरात लवकर वैद्यकीय उपचार घ्या.

➡ मद्यपान केल्याने कोविड-19 पासून तुमचे रक्षण होणार नाही. उलटपक्षी मद्यपान करणे आरोग्यासाठी घातक असते.

➡ काळी मिरीचा वापर सूप किंवा रोजच्या आहारात केला म्हणून कोरोना आजारास कुठल्याच प्रकारचा प्रतिबंध होत नाही. हा कोरोना आजारावरचा उपाय नाही.

➡ कोरोना व्हायरस (Coronavirus) हा आजार घरातील माश्यांपासून (Fly) पसरत नाही.

➡ डास चावल्यामुळे कोरोना विषाणूचा संसर्ग (कोविड-19) होत नाही.

➡ लसूण खाल्ल्याने कोरोना विषाणूचा धोका थोडासाही कमी होत नाही. 

➡ सर्व वयोगटातील लोकांना कोरोना विषाणूची लागण होऊ शकते. लहान मुलांपासून वृद्धांपर्यंत सर्वाना या आजाराचा त्रास होऊ शकतो.

➡ गरम पाण्याने आंघोळ केल्याने करोना आजाराचा धोका कमी होत नाही.

➡ थंड आणि उष्ण दोन्ही प्रकारच्या हवामानात करोना विषाणू जीवंत राहू शकतो. 

➡ कोरोना विषाणूंपासून स्वत: चे रक्षण करण्याचा उत्तम मार्ग म्हणजे इतरांपासून कमीतकमी 1 मीटरचे शारीरिक अंतर राखणे आणि आपले हात वारंवार स्वच्छ करणे होय. असे केल्याने आपण आपल्या हातातील विषाणूचा नाश करू शकता आणि संसर्गही टाळू शकता.

जर आपण हात न धुता वारंवार आपले डोळे, तोंड आणि नाक किंवा मास्कला स्पर्श केला तर कोरोना विषाणूचा संसर्ग होण्याची शक्यता असते.

भारताची स्वदेशी कोरोना वायरस (COVID-19) वैक्सीन

Essay on Coronavirus in Marathi 

सर्व देशातील डॉक्टर्स व वैज्ञानिक वर्ष 2020 पासून कोरोना विषाणू (कोविड-19) रोगावर लस (vaccine) बनवण्याचा प्रयत्न करीत होते. भारतातील डॉक्टर्स व वैज्ञानिक सुद्धा याच प्रयत्नात होते.

आपल्या देशातील प्रतिभावान शास्त्रज्ञ व डॉक्टरांनी वर्ष 2021 मध्ये देशी (भारतीय) लस तयार करण्यात यश मिळविले आहे, ज्यामुळे कोरोना विषाणू रोगाला प्रतिबन्ध होऊ शकेल.

आपल्या देशाचे पंतप्रधान श्री. नरेंद्र मोदी यानी घोषणा केली आहे ही लस देशातील प्रत्येक दिली जाईल. 

कोरोना लस (vaccine) तयार केली गेली आहे, याचा अर्थ असा नाही की कोरोना व्हायरस हा रोग आता जगातून कायमचा नाहीसा होईल. डॉक्टर म्हणतात की हा रोग पुढील 4-5 वर्षे मानवजाती सोबतच राहील.

आम्हाला सर्व नियमांचे काटेकोर पालन करून या कोरोना विषाणू (कोविड-19) संसर्गजन्य रोगाविरुद्ध लढा द्यावा लागेल. या रोगाला पराभूत करून आपणास आपल्या देशाला एक निरोगी आणि शक्तिशाली राष्ट्र बनवायचे आहे.


😯 Read here about corona virus (Covid19)

 ➡ जागतिक आरोग्य संघटना (World Health Organisation)


 

Essay on Coronavirus in English | Covid-19 Essay For Students

0

Essay on Coronavirus in EnglishThe year 2020 stopped the whole world and imprisoned people in their homes. The cause was an infectious disease called coronavirus (COVID-19). This disease frightened all the countries of the world and forced people to change their lifestyles.No country remains untouched by this disease.

Due to the dense population in India, this infectious coronavirus (COVID-19) disease was feared to spread rapidly and the disease became a concern. 

For this reason, on 23 March 2020, the Government of India under Prime Minister Narendra Modi declared a nationwide lockdown for 21 days.

But this lockdown is still in operation in the year 2021.

Essay on Coronavirus in English

Coronavirus (COVID-19) was a new disease for the world in the year 2020, due to which there was no medicine on it and nothing was properly known about its symptoms. Therefore, along with the whole world, India also ordered a lockdown to curb this infectious disease.

To protect people from this contagious disease, the Indian government ordered that all private and public transport companies should stop their services immediately. All government and non-government offices, schools, and other public undertakings were closed indefinitely. The aim was that this infectious disease should not be spread amongst people so much that it will be difficult to control.

The Indian government announced that every person needed to be wearing a mask in public places. No one should be left their house without any necessary work. Information was given to all government and non-government hospitals, medical personnel, doctors, and employees to be prepared to deal with this contagious disease.

The central government had realized this impending crisis and understood the ill effects caused by this coronavirus (COVID-19) disease in other countries.

coronavirus in India

Essay on Coronavirus in English

The Central Government’s assessment proved to be correct and this coronavirus (COVID-19) disease started spreading in the country. This disease afflicted more than one crore of Indians, but our medical staff and doctors cured them with tireless service and hard work without worrying about their own lives.

So far, more than 25 lakh people have died in the countries of the world due to this coronavirus (COVID-19) disease. In India, more than 1.5 lakh people have died due to this disease. By this, you can understand that if this disease is not treated in time, it can prove to be fatal.

If treated on time, this coronavirus (COVID-19) disease can be easily cured like other diseases. The government has especially opened Corona medical Facilitation Centers everywhere for this disease.

If a potential person gets his checkup done here in time, he can easily recover. The government also repeatedly appeals to the country’s people about this.

Coronavirus (COVID-19) in 2021

Essay on Coronavirus in English

Today, in the year 2021, this disease is seen to be somewhat under control, the main reason for this is the doctors of our hospital, the medical staff, urgent service personnel, and the police. They tried their best & work hard day and night to save the people of the country from this infectious disease called ‘corona’. They have been successful in this endeavor.

To save people of the country from coronavirus (COVID-19) disease, many doctors, medical staff, urgent service personnel, and police have also died due to coronavirus infection. But still, they did not leave their work.

Essay on Coronavirus in English

To appreciate these corona warriors’ spirit of dedication towards country and countrymen the Prime Minister of India Shri. Narendra Modiji and all the countrymen express gratitude, greeted these Corona warriors, and appreciated their work.

Even though coronavirus (COVID-19) disease seems to be decreasing in the year 2021, but we have to remember that this is a contagious disease and it can be spread again anytime. It came back in many countries again.

Doctors believe that for the next 4-5 years, this disease is going to stay with humans, so we need to be cautious. To avoid this disease, we have to follow strictly each of the rules declared by the government.

What is coronavirus?

Essay on Coronavirus in English

Coronavirus (COVID-19) is an infectious disease caused by a newly discovered coronavirus.

Most people infected with the coronavirus (COVID-19) experience mild to moderate respiratory illness and they recover it without the need for special medical treatment. This means that many corona patients are easily cured by the medicines of doctors; they do not require any special medical treatment.

Older people and the peoples who suffer from diseases like heart disease, diabetes, chronic respiratory disease, and cancer, if they are infected with this coronavirus (COVID-19) disease, then this disease can take a serious form in them.

The corona (COVID-19) virus is mainly spread through droplets when an infected person coughs or sneezes. Therefore a handkerchief must be placed on the mouth while coughing or sneezing.

Everyone must wear a mask to avoid corona (COVID-19) virus infection. You should wash your hands regularly. Do not touch your face or mask frequently. 

 

(WHO)World Health Organisation

Essay on Coronavirus in English

WHO is an International organization which is working in the world health systems sector, World Health Organization has let a few facts about the Coronavirus (COVID-19) disease. Whose information is very important to everyone:-

➡ People should not wear masks while exercising because masks can reduce the ability to breathe comfortably. Sweating can wet the mask which makes it difficult to breathe and promotes the growth of microorganisms.

➡ The COVID-19 virus does not transmit through the water while swimming. However, the virus spreads between people when someone has close contact with an infected person.

➡ Coronavirus disease (COVID-19) is caused by a virus, not by bacteria. The virus that causes COVID-19 is called Coronaviridae (Coronaviridae). Antibiotics do not work against viruses.

💡 Some people who become ill with COVID-19 can also develop a bacterial infection as a complication. In this case, antibiotics may be recommended by a health care provider.

💡 There is currently no licensed medication to cure COVID-19.

➡ Most people who are infected with Coronavirus disease recover from this disease. Most people have mild or moderate symptoms, which are cured after getting medical help. If you have a cough, fever, and difficulty breathing, seek medical treatment early.

➡ Drinking alcohol does not protect you from COVID-19. On the contrary, drinking alcohol is increases problem for your health.

Hot peppers in your soup or in food, cannot prevent or cure COVID-19. The best way to protect yourself against the new coronavirus is to keep at least 1 meter away from others and to wash your hands frequently and thoroughly.

➡ Coronavirus ( Coronavirus) disease is not spread through houseflies. The virus that causes COVID-19 spreads primarily through droplets generated when an infected person coughs, sneezes, or speaks. You can also become infected by touching a contaminated surface and then touching your eyes, nose, or mouth before washing your hands.

➡ Being able to hold your breath for 10 seconds or more without coughing or feeling discomfort DOES NOT mean you are free from COVID-19.

➡ The COVID-19 virus CANNOT be spread through mosquito bites.

➡ Eating garlic does not prevent coronavirus ( COVID-19) disease.

➡ People of all ages can be infected by the COVID-19 virus. Older people and people with pre-existing medical conditions such as asthma, diabetes, and heart disease appear to be more vulnerable to becoming severely ill with the virus.

➡ Taking a hot bath does not prevent COVID-19.

➡ Exposing yourself to the sun or temperatures higher than 25°C DOES NOT protect you from COVID-19. Cold weather and snow CANNOT kill the COVID-19 virus.
The COVID-19 virus can spread in hot and humid climates.

➡ The best way to protect yourself against the coronavirus ( COVID-19) is to maintain a physical distance of at least 1 meter from others and wash your hands often. By doing this, you can eliminate the virus on your hands and avoid infection. Keep rooms well ventilated, avoiding crowds, and coughing into a bent elbow or tissue.

➡ Masks should be used as part of a comprehensive strategy of measures to suppress transmission and save lives; the use of a mask alone is not sufficient to provide an adequate level of protection against COVID-19.

💡 Here are the basics of how to wear a mask:

➡ Clean your hands before you put your mask on, as well as before and after you take it off.

➡ Make sure it covers both your nose, mouth, and chin.

➡ When you take off a mask, store it in a clean plastic bag, and every day either wash it if it’s a fabric mask or dispose of a medical mask in a trash bin.

➡ Don’t use masks with valves.

➡ If you touch your eyes, mouth, and nose or masks repeatedly without washing your hands, there is a possibility of infection of coronavirus ( COVID-19).

India’s indigenous coronavirus (COVID-19) vaccine

Essay on Coronavirus in English

Scientists and doctors all over the world were trying to prepare a vaccine for coronavirus (COVID-19) disease from the year 2020. Indian doctors and scientists are also busy with the same task.

The talented scientists and doctors of our country have succeeded in making an affordable indigenous vaccine in the year 2021, which can prevent the coronavirus (COVID-19) disease.

The Prime Minister of our country, Shri. Narendra Modi has announced that this vaccine will be given to each person in the country.

The corona vaccine (vaccine) has been created, it does not mean that the coronavirus (COVID-19) disease will now be eliminated from the world. This battle is long, the doctors say that this disease is going to stay with humans for the next 4-5 years.

We have to fight against this coronavirus (COVID-19) contagious disease and defeat it by following all the rules, and make our country a healthy and powerful nation.


😯 Read here about coronavirus (Covid19)

 ➡ (World Health Organisation)


 

Essay on Coronavirus in Hindi | कोरोना वायरस पर निबंध

0

Essay on Coronavirus in Hindi: पूरे विश्व को साल 2020 ने जैसे रोक लिया और लोगों को अपने घरों में कैद कर लिया | इसका कारण था कोरोना नामक संक्रामक बीमारी | इस बीमारी ने विश्व के सारे देशों को डरा दिया और लोगों को अपनी जीवन शैली बदलने पे मजबूर कर दिया | इस बीमारी से भारत देश भी अछूता नहीं रहा |

भारत में घनी आबादी होने के कारण यह कोरोनावायरस  (COVID-19) संक्रामक बीमारी तेज़ी से फैलने का डर था और यह बीमारी चिंता का विषय बन गयी थी |

इसी वजहसे देशमें 23 मार्च 2020 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी के अधीन भारत सरकार ने 21 दिनों के लिए देशव्यापी (lockdown) तालाबंदी का आदेश दे दिया था |

लेकिन यह देशव्यापी (lockdown) तालाबंदी आज साल 2021 में भी चालू है |

Essay on Coronavirus in Hindi

कोरोनावायरस (COVID-19) यह विश्व के लिए एक नयी बीमारी थी जिसके चलते इस पर कोइ दवाई न थी और नही  इसके लक्षणों के बारे में कुछ ठीक से पता था | इसलिए पुरे विश्व के साथ-साथ भारत देश ने भी इस  संक्रामक बीमारी पर अंकुश लगाने के लिए (lockdown) तालाबंदी के आदेश दे दिये |

इस संक्रामक बीमारी से बचने के लिए देश में हवाई जहाज से लेकर अन्य सारी परिवहन सेवाएँ बंद कर दी गयी | सरकारी और गैर-सरकारी  सारे दफ्तर, विद्यालय और अन्य सार्वजनीक उपक्रम अनिश्चित काल तक बंद कर दिए गये | उद्देश यह था की यह संक्रामक बीमारी लोगों में एक दूसरों द्वारा इतनी न फैले के इसपर काबू पाना मुश्कील हो जाये |)

हर व्यक्ती के लिए मास्क पहनना जरूरी कर दिया | जरूरी कामों के बैगैर किसीको भी घरों से बाहर न निकलने की हिदायते दी गयी | सारे सरकारी और गैर-सरकारी अस्पताल, चिकित्सा सेवक, डॉक्टर और कर्मचारियोंको इस संक्रामक बीमारीसे निपटने के लिए तैयार रहने के लिए सूचनायें दी गयी |

केंद्र सरकार ने इस आने वाले संकट को भांप लिया था और अन्य देशों में इस कोरोना वायरस (COVID-19) बीमारी से उत्पन्न हुए दुष्परिणामो को समझ लिया था |

भारत मे कोरोना वायरस

Essay on Coronavirus in Hindi

केंद्र सरकार का आकलन सही साबित हुआ और इस कोरोना वायरस (COVID-19) बीमारीने देश में फैलना शुरू कर दिया | इस बीमारी ने एक करोड़ से भी ज्यादा भारतियों को ग्रस्त कर दिया पर हमारे चिकित्सा सेवक, डॉक्टर और कर्मचारियोंने अपने अथक सेवा भाव और मेहनत से अपने प्राणों की चिंता न करते हुए इनको ठीक कर दिया |

इस कोरोना वायरस (COVID-19) बीमारीसे पूरे दुनिया के देशो में अब तक 25 लाख से भी ज्यादा लोगों की मृत्यु हो गयी है | भारत देश में अबतक 1.5 (डेढ़) लाख से भी ज्यादा लोगों की मृत्यु इस बीमारी से हो गयी है | इससे आप समझ सकते है अगर समय रहते इस बीमारी का इलाज न किया जाये तो यह जानलेवा साबित हो सकती  है |

अगर समय पर इलाज किया जाये तो यह कोरोना वायरस (COVID-19) बीमारी सर्दी-जुकाम की तरह आसानी से ठीक हो सकती है | सरकार ने विशेष रूप से इस बीमारी के लिए हर जगह चिकिस्ता सुविधा केंद्र खोल रखे है | अगर कोइ संभावित व्यक्ती समय रहते यहाँ पर अपनी जाँच करवा ले तो वो आसानी से ठीक हो सकता है | सरकार बार बार इस बारे में अपनी देश के जनता से अपील भी करती रहती है |

कोरोना वायरस (COVID-19) साल 2021 में

Essay on Coronavirus in Hindi

आज साल 2021 में यह बीमारी कुछ हद तक नियंत्रण में दिख रही है इसका प्रमुख कारण है हमारे अस्पताल के डॉक्टर, चिकिस्ता सेवक, अत्यावश्यक सेवा के कर्मचारी और पुलिस | इन्होने दिन रात अपने जान की परवाह किये बगैर देश के जनता को इस कोरोना नामक संक्रामक बीमारी से बचने का प्रयन्त किया है और अपने इस प्रयास में ओ कामयाब भी रहे है |

देश की जनता को कोरोना वायरस (COVID-19) बीमारी से बचाने के प्रयत्न में बहुत से डॉक्टर, चिकिस्ता सेवक, अत्यावश्यक सेवा के कर्मचारी और पुलिस को कोरोना वायरस का संक्रमण होनेसे उनकी मृत्यु भी हो गयी है | फिर भी उन्होंने अपना कार्य करना नहीं छोडा|

Essay on Coronavirus in Hindi

उनकी देश और देशवासियों के प्रती समर्पण की भावना को सराहने के लिए और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री. नरेन्द्र मोदीजी और सारे देशवासियों ने इन कोरोना योद्धाओंको अभिवादन किया और उनके कार्य को सराहा |

भले ही यह कोरोना वायरस (COVID-19) बीमारी आज साल 2021 में हमें कम होते हुए प्रतीत  हो रही है पर हमें यह याद रखना होगा यह इक संक्रामक बीमारी है और यह कभी भी फैल सकती है |

डॉक्टरों का कहना है अगले 4-5 साल तक यह बीमारी मनुष्य के साथ ही रहने वाली है इसीलिए हमें सतर्क रहने की जरूरत है और इस बीमारी से बचने के लिए हर एक नियमों का सक्तिसे पालन करना है |

कोरोनवायरस वायरस क्या है?

Essay on Coronavirus in Hindi

कोरोना वायरस (COVID-19) एक संक्रामक बीमारी है जो एक नए खोजे गए कोरोनावायरस के कारण होती  है|

कोरोना वायरस (COVID-19) से संक्रमित अधिकांश लोग हल्के से मध्यम श्वसन बीमारी का अनुभव करते है और विशेष उपचार की आवश्यकता के बिना ठीक हो जाते है । मतलब डॉक्टरों की दवाईयों से ही बहुत से कोरोना मरीज आसानीसे ठीक हो जाते है इन्हें किसी विशेष उपचार की जरूरत नहीं होती है|

वृद्ध लोगों और हृदय रोग, मधुमेह, पुरानी सांस की बीमारी और कैंसर जैसी व्याधियोंसे पीड़ित लोग अगर इस कोरोनवायरस बीमारीसे संक्रमीत हो जाते है तो इनमे यह बीमारी गंभीर रूप धारण कर सकती है | ऐसे व्याधिग्रस्त लोगों की इस कोरोना वायरस (Coronavirus) बीमारी से मृत्यु होनी की ज्यादा संभावना होती है| 

कोरोना (COVID-19) वायरस मुख्य रूप से लार की बूंदों या नाक से तब फैलता है जब किसी संक्रमित व्यक्ति को खांसी या छींक आती है | इसलिए यह महत्वपूर्ण है की खांसते या छींकते समय मूह पर रूमाल रखना चाहिए|

कोरोना (COVID-19) वायरस संक्रमण से बचने के लिए हर एक व्यक्तीने मास्क (Mask) पहनना जरूरी है | अपने हाथों को बार बार धोना चाहिए | अपने चेहरे को या मास्क को बार बार छुना नहीं चाहिए |

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)

Essay on Coronavirus in Hindi

पूरी दुनिया के स्वास्थ्य प्रणाली क्षेत्र में काम करने वाली आंतरराष्ट्रीय संस्था  विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) ने कोरोना (COVID-19) वायरस के बारे में कुछ तथ्य बताएं है जिनकी जानकारी सबको होना बहुत जरूरी है –

 ➡ व्यायाम करते समय लोगों को मास्क नहीं पहनना चाहिए क्यों की मास्क आराम से सांस लेने की क्षमता को कम कर सकता है | पसीना मास्क को गीला कर सकता है जिससे सांस लेने में मुश्किल होती है और सूक्ष्मजीवों के विकास को बढ़ावा मिलता है।

➡ पाणी COVID-19 वायरस को संचारित नहीं करता है | इसीलीए पाणी से कोरोनावायरस बीमारी होने की कोइ संभावना नहीं है |यह वायरस तैरते समय पानी से नहीं फैलता है |

 ➡ कोरोनावायरस रोग (COVID-19) एक वायरस के कारण होता है, बैक्टीरिया द्वारा नहीं | यह वायरस जो COVID-19 का कारण बनता है, इसे Coronaviridae (कोरोनाविरिडे) कहा जाता है |

 ➡ कोरोना वायरस (Coronavirus) बीमारी से संक्रमीत होने वाले ज्यादातर लोग इस बीमारी से उबर जाते हैं | अधिकांश लोगों में हल्के या मध्यम लक्षण होते हैं जो वैद्यकीय सुविधा पाने के बाद ठीक हो जाते है | यदि आपको खांसी, बुखार और सांस लेने में कठिनाई होती है, तो जल्दी वैद्यकीय चिकित्सा की तलाश करें |

 ➡ शराब पीने से आपको COVID-19 से सुरक्षा नहीं मिलती है | उल्टा शराब पीना सेहत के लिए ख़राब हो होता है |

 ➡ अपने सूप या अन्य भोजन में काली मिर्च का उपयोग करने से आप ना तो कोरोना वायरस (Coronavirus) बीमारी को रोक सकते है, नाही ठीक कर सकते है | सिर्फ वैद्यकीय उपचारों से ही आप ठीक हो सकते है |

 ➡ कोरोना वायरस (Coronavirus) बीमारी घरेलु मक्खियों (Fly) से फैलती नहीं है |

 ➡  मच्छर के काटने से कोरोना वायरस (COVID-19) बीमारी नहीं फैलती | कोरोनावायरस श्वसनतंत्र पर आक्रमण करनेवाला वायरस है जो मुख्य रूप से जब एक संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो उसकी बूंदों के माध्यम से यह फैलता है |

 ➡ लहसुन खाने से कोरोना वायरस (COVID-19) बीमारी की रोकथाम नहीं होती है |

➡ सभी उम्र के लोग COVID -19 वायरस से संक्रमित हो सकते हैं | छोटे बच्चों से लेकर वृद्ध आदमी तक इस बीमारी के शिकार हो सकते है | इसीलिये विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation)  सभी उम्र के लोगों को सलाह देता है कि वे खुद को वायरस से बचाने के लिए हाथ की स्वच्छतासे लेकर मास्क पहनने तक सारे नियमो का पालन करे और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ने वाले आहार का सेवन करे | 

 ➡ गर्म पाणीसे स्नान करने से COVID -19 को रोका नहीं जा सकता है |

 ➡ न तो ठंड का मौसम और बर्फ COVID-19 वायरस को मार सकते और नाही अधिक धुप या तापमान| चाहे मौसम कितना भी तेज गर्म हो या ठंडा सारे प्रदेशो में कोरोना वायरस (Coronavirus) बीमारी के मामले सामने आए हैं।

 ➡ कोरोना वायरस (COVID-19) के खिलाफ खुद को बचाने का सबसे अच्छा तरीका दूसरों से कम से कम 1 मीटर की भौतिक दूरी बनाए रखना और अक्सर अपने हाथों की सफाई करना है। ऐसा करने से आप अपने हाथों पर लगे वायरस को खत्म कर सकते हैं और संक्रमण से बच सकते हैं |

अगर आप अपने हाथों को बिना धोये अपनी आंख, मुंह और नाक को या मास्क को बार-बार छूते है तो कोरोना वायरस (COVID-19) का संक्रमण होने की संभावना बनी रहती है |

भारत की स्वदेशी कोरोना वायरस (COVID-19) वैक्सीन

Essay on Coronavirus in Hindi

सारे देशों के वेज्ञानीक कोरोना वायरस (COVID-19) बीमारी को प्रतिबंधित कर सके ऐसी वैक्सीन (टीका) तयार करने के लिए साल 2020 से प्रयत्न कर रहे थे इसमें हमारे देश के डॉक्टर्स भी शामिल है |

हमारे देश के प्रतिभावान वैज्ञानीक और डॉक्टर्स कोरोना वायरस (COVID-19) बीमारी को प्रतिबंधित कर सके ऐसी स्वदेशी वैक्सीन साल 2021 में बनाने में सफल हो गए है | हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री. नरेन्द्र मोदीजी ने घोषणा की है यह वैक्सीन (टीका) सारे देश बांधवों को दी जायेगी |

कोरोना वैक्सीन (टीका) का निर्माण हो गया है इसका मतलब यह नहीं है की दुनिया से कोरोना वायरस (COVID-19) बीमारी अब ख़त्म हो जायेगी | यह लडाई लम्बी है, डॉक्टरों का कहना है अगले 4-5 साल तक यह बीमारी मनुष्य के साथ ही रहने वाली है |

हमें सारे नियमोंका पालन करते हुए इस कोरोना वायरस (COVID-19)संक्रामक बीमारी से संघर्ष करना है, इसे हराना है और हमारे देश को एक स्वस्थ और बलशाली देश बनाना है |


😯 Read here about corona virus (Covid19)

 ➡ विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation)


 

Sarkari Pakshiyon ke Naam | State Birds name in Hindi and English

0

sarkari pakshiyon ke naam: हमारा भारत देश राज्यों का एक संघ है | देश में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। हर एक राज्य की अपनी-अपनी भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषता है |

भारत देश नैसर्गीक विविधता से भरा हूआ है | यहा पर हर एक प्रकार के पशु, पक्षी और पेड़ पौधे है |

हर एक राज्य और केन्द्रशासित प्रदेश ने अपने राज्य के राज्य पशु, राज्य पक्षी, राज्य पेड इत्यादी घोषित किये हूवे है |

इस लेख में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने घोषित किए हूए सारे राज्य पक्षीयों के नाम दिए गए है |

  • मोर (Peacock) भारत का राष्ट्रिय पक्षी है |

Sarkari Pakshiyon ke Naam

राज्य सरकारोने घोषित किये हूवे राज्यपक्षी कुछ इस प्रकार से है |

NOTE: For full visibility keep mobile horizontal. (लेख को अच्छी तरह से पढ़ने के लिए मोबाइलको आड़ा (Horizontal) रखें|)

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Andhra Pradesh आंध्र प्रदेश Indian roller नीलकंठ
Karnataka कर्नाटक Indian roller नीलकंठ
Odisha ओडिशा Indian roller नीलकंठ
Telangana तेलंगाना Indian roller नीलकंठ
नीलकंठ (Indian roller) Scientific Name Coracias benghalensis
वैज्ञानिक नाम  कोरेशियस बेन्गालेन्सिस
 

नीलकंठ पक्षी को आंध्र प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक और तेलंगाना के भारतीय राज्यों द्वारा राज्य पक्षी का दर्जा दिया गया है |

नीलकंठ एक सुन्दर पक्षी है जो मध्यम आकार का होता है | यह पक्षी लगभग 26-27 सेमी लंबा होता है |

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Arunachal Pradesh अरूणाचल प्रदेश Great hornbill विशाल धनेश
Kerala केरला Great hornbill विशाल धनेश

विशाल धनेश  (Great hornbill)

Scientific Name Buceros bicornis
वैज्ञानिक नाम  ब्यूसरोस बाइकोर्निस
 

विशाल धनेश को भारत में अनेक नामों से जाना जाता है| जैसे की मलबारी धनेश, गरुड़ धनेश या राज धनेश |

इस भारतीय धनेश का जीवनकाल लघभग 50 वर्ष का होता है | 

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Assam असम White-winged wood duck सफेद पंख वाला बतख
White-winged wood duck (सफेद पंख वाला बतख) Scientific Name Asarcornis scutulata
sarkari pakshiyon ke naam वैज्ञानिक नाम असारकोरनिस स्कूटुलटा
 

आसाम के राज्य पक्षी सफेद पंख वाला बतख को ‘देव हंस’ या ‘स्पिरिट डक’ के नाम से भी जाना जाता है |

यह पक्षी  दुनिया में सबसे लुप्तप्राय पक्षियों में से एक है |

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Bihar बिहार House sparrow घरेलु गौरैया
*Delhi दिल्ली  House sparrow घरेलु गौरैया

* Delhi is a union territory. (दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है।)

घरेलु गौरैया (House sparrow)  Scientific Name Passer domesticus
sarkari pakshiyon ke naam वैज्ञानिक नाम  पास्सेर डोमेस्तिकस 
 

घरेलु गौरैया विश्व में पाए जाने वाले सबसे अधिक पक्षियों में से एक है | परन्तु कुछ सालोंसे बड़े शहरों में इनकी संख्या कम हो गयी है|

इनको शहेरों में बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने इसे राज्य पक्षी घोषित किया है|

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Chhattisgarh छत्तीसगढ Hill myna पहाड़ी मैना
Meghalaya मेघालय Hill myna पहाड़ी मैना
पहाड़ी मैना (Hill myna)  Scientific Name Gracula religiosa peninsularis
वैज्ञानिक नाम  ग्रेकुला रेलिगीओसा पेनिनसुलारिस 
 

पहाड़ी मैना ज़्यादातर पहाड़ी इलाको में रहना पसंद करते हे।

ये पक्षी लम्बे समय तक जोड़ा बनाकर रहते हे और बच्चो का पालन पोषण दोनों साथ मिलकर करते हे।

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Goa गोवा Flame-throated bulbul बुलबुल
Flame-throated bulbul (बुलबुल) Scientific Name Pycnonotus gularis
sarkari pakshiyon ke naam वैज्ञानिक नाम  पिकनोनोटुस गुलारिस 
बुलबुल पक्षी अपनी सुरीली आवाज के लिए प्रस्सिद्ध है| केवल नर बुलबुल ही गाता है, मादा बुलबुल नहीं गा पाती है।

 


Greater Flamingo (राजहंस)

 ➡ Sarkari Pakshiyon Ke Naam

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Gujarat गुजरात Greater flamingo राजहंस
Greater Flamingo (राजहंस) Scientific Name Phoenicopterus roseus
sarkari pakshiyon ke naam वैज्ञानिक नाम  फोनीकोप्टेरस रोसयूस
 

Greater Flamingo को उसकी सुन्दरता के कारण राजहंस कहा जाता है| राजहंस यह फ्लेमिंगो प्रजाती में पाया जाने वाला सबसे बड़े आकार का पक्षी है|

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Haryana हरियाणा Black francolin काला तीतर
Black francolin (काला तीतर) Scientific Name Francolinus francolinus
वैज्ञानिक नाम  फ्रैंकोलिनस फ्रेंकोलिनस
 

Black francolin (काला तीतर) पहले Black Partridge (ब्लैक पार्ट्रिज) के नाम से जाना जाता था।

हरियाणा के इस राज्य पक्षी को स्थानीक लोग काला तीतर नाम से बुलाते है |

 


जुजुराना एक दुर्लभ पक्षी

➡ Sarkari Pakshiyon Ke Naam

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश Western tragopan जेवर, जुजुराना
Western tragopan (जेवर, जुजुराना) Scientific Name Tragopan melanocephalus
वैज्ञानिक नाम  ट्रगोपैन मेलानोसेफालस
 

जुजुराना यह एक दुर्लभ पक्षी है |

हिमाचल प्रदेश सरकार ने लगभग एक दशक पहले मोनाल पक्षी के बजाय जाजुराना को राज्य पक्षी घोषित किया था ताकि इस दुर्लभ पक्षी का संरक्षण किया जा सके।

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Jharkhand झारखंड  Asian Koel कोयल
*Puducherry *पुदुच्चेरी  Asian Koel कोयल

*पुदुच्चेरी पहले पॉन्डिचेरी नाम से जाना जाता था |

Asian Koel (कोयल) Scientific Name Eudynamys scolopacea
वैज्ञानिक नाम  यूडीनामिस स्कोलोपेसिया
 

एशियाई कोयल यह माध्यम आकार का लम्बी पूँछ वाला पक्षी है| यह सुरीली आवाज का स्वामी होता है | इसकी सुरीली आवाज सबका मन मोह लेती है |

यह पक्षी कभी भी अपना घोसला नहीं बनाता और अपने अंडे अन्य पक्षियों के घोंसले में रख देता है |

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Madhya Pradesh मध्य प्रदेश Indian paradise flycatcher दूधराज
Indian paradise flycatcher दूधराज, सुल्ताना बुलबुल Scientific Name Terpsiphone paradisi
sarkari pakshiyon ke naam वैज्ञानिक नाम  टेरसिपोन परादिसी 
 

दूधराज मध्य प्रदेश का राजपक्षी है। यह सुल्ताना बुलबुल या एशियाई दिव्यलोकी कीटमार के नाम से भी पहचाना जाता है|

यह पक्षी माध्यम आकार का होता है | इसकी रक्षा के लिए मध्य प्रदेश में संरक्षित क्षेत्र बने हुए हैं।

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Maharashtra महाराष्ट्र Yellow-footed green pigeon हरियाल
Yellow-footed green pigeon (हरियाल) Scientific Name Treron phoenicoptera
sarkari pakshiyon ke naam वैज्ञानिक नाम  ट्रेरन फॉनीकॉप्टेरा
 

हरियाल महाराष्ट्र राज्य का राज्यपक्षी है| यह होला (Hola) नाम से भी जाना जाता है|

हरियाल पक्षी के बारे में कहा जाता है कि यह कभी जमीन पर नहीं बैठता|

 


 ➡ Sarkari Pakshiyon Ke Naam

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Manipur मणिपुर Mrs. Hume’s pheasant धारीदार पूँछ वाला तीतर
Mizoram मिज़ोरम   Mrs. Hume’s pheasant धारीदार पूँछ वाला तीतर
Mrs. Hume’s pheasant धारीदार पूँछ वाला तीतर Scientific Name Syrmaticus humiae
वैज्ञानिक नाम  सिरमाटीकस हुमिए 
धारीदार पूँछ वाला तीतर भारतीय राज्य मणिपुर और मिज़ोरम का राज्य-पक्षी है |

इस पक्षी को मणिपुरी भाषा में नांगयिन और मिज़ो भाषा में वावु नाम से जाना जाता है।

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Nagaland नागालैंड Blyth’s tragopan हुरहुरिया
Blyth’s tragopan-हुरहुरिया Scientific Name Tragopan blythii
वैज्ञानिक नाम  ट्रैगोपान ब्लिथी 
 

नागालैंड के इस राज्य-पक्षी को हुरहुरिया,सान सुरई, आघा, आओघो इस नाम से जाना जाता है|

इस पक्षी की आबादी निरंतर घटती जा रही है| यह पक्षी तीतर के परिवार से ताल्लुक रखता है। 

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Punjab पंजाब Northern goshawk उत्तरी बाज
Northern goshawk    (उत्तरी बाज, वनबाज) Scientific Name Accipiter gentilis
sarkari pakshiyon ke naam वैज्ञानिक नाम  एक्सीपीटर जेंटिलिस
 

उत्तरी बाज यह एक छोटे आकार का धारीदार बाज़ है |

यह बाज़ घने जंगलों में रहना पसंद करता है| इस बाज़ को वनबाज भी कहते है |

 


Great Indian bustard (सोन चिरैया )

➡ Sarkari Pakshiyon Ke Naam

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Rajasthan राजस्थान  Great Indian bustard गोडावण, सोन चिरैया
Great Indian bustard (गोडावण, सोन चिरैया ) Scientific Name Ardeotis nigriceps
sarkari pakshiyon ke naam वैज्ञानिक नाम  अर्डोटिस नाइग्रिसेप्स 
यह सोन चिरैया पक्षी द ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हुकना, गुरायिन, गोडावण या शर्मिला पक्षी इन नाम से जाना जाता है |

यह पक्षी बड़े आकार का होता है | इनकी संख्या भारत में सिर्फ 150 बची है और यह पक्षी अब विलुप्ती के कगार पे खड़ा है| 

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Sikkim सिक्किम Blood pheasant रक्त तितर 
Blood pheasant        (रक्त तितर) Scientific Name Ithaginis cruentus
वैज्ञानिक नाम  इथागिनिस क्रुएंटस
 

इस पक्षी को सिक्किम में समे, सेमो और सूमोंग फो के नामों से जाना जाता है| नेपाली भाषा में चिल्मिआ, चिल्मे, स्क्रीमन तथा सेलमुंग कहा जाता है |

इस पाक्षिका कोइ हिंदी नाम उपलब्ध नहीं है|

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Tamil Nadu तमिलनाडु Emerald dove पन्ना कबूतर
Emerald dove  (पन्ना कबूतर) Scientific Name Chalcophaps indica
sarkari pakshiyon ke naam वैज्ञानिक नाम  चालकोपह्याप्स इंडिका
 

यह कबूतर की प्रजाति का पक्षी है।

यह हरा कबूतर या हरित-पक्ष-कबूतर, हरे पंख वाला कबूतर, कॉमन इमेराल्ड डव, इंडियन इमेराल्ड डव, ग्रे कैप्ड इमेराल्ड डव आदि नामों से जाना जाता है।

इस पक्षि की विशेषता यह है की अपने  कबूतरग्रंथि से चूजों को दूध पिलाता है|

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Tripura त्रिपुरा Green imperial pigeon हरा शाही कबूतर
Green imperial pigeon (हरा शाही कबूतर) Scientific Name Ducula aenea
वैज्ञानिक नाम  डूकुला एनीआ
 

हरा शाही कबूतर यह जंगल में पाया जानेवाला बड़े आकार का कबूतर की प्रजाति का पक्षी है।

दिखने में खूबसूरत यह कबूतर पेड़ पर छोटे लकडियो से यह घरोंदा बनाता है| यह एक अंडा देता है |

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश Sarus crane सारस, सारस क्रौंच
(सारस, सारस क्रौंच)     Sarus crane Scientific Name Grus antigone
वैज्ञानिक नाम  ग्रस एंटीजन
 

सारस यह उत्तर प्रदेश का राज्य पक्षी ही जिसे क्रौंच नाम से भी जाना जाता है |

यह पक्षी उसके जीवन काल में सिर्फ एक बार ही जोड़ा बनाता है और पूरे जीवन भर साथ रहते है |

उडनेवाले पक्षियों में से यह सबसे बड़ा उड़ने वाला पक्षी है |

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Uttarakhand उत्तराखंड Himalayan monal हिमालयी मोनाल
Himalayan monal  (हिमालयी मोनाल) Scientific Name Lophophorus impejanus
वैज्ञानिक नाम  लोफोफोरुस इमपेजनुस 
हिमालयी मोनाल को डाँफेमुनाल, घुर मुनाल, रतिया कावाँ नाम से भी जाना जाता है |

यह तितर प्रजाती का पक्षी है जो आकार में तितर के मुकाबले थोडासा बड़ा होता है |

यह दिखने में बहुत खबसूरत होता है |

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
West Bengal पश्चिम बंगाल White-breasted kingfisher श्वेतकण्ठ कौड़िल्ला
White-breasted kingfisher (श्वेतकण्ठ कौड़िल्ला) Scientific Name Halcyon smyrnensis
sarkari pakshiyon ke naam वैज्ञानिक नाम  हेलसीअन स्माइरेन्सिस
 

पश्चिम बंगाल ने White-breasted kingfisher (श्वेतकण्ठ कौड़िल्ला) को अपने राज्य का राज्यपक्षी घोषित किया है|

यह पक्षी आमतौर पर तालाब के किनारे और पेड़ वाले जगह पे रहना पसंद करता है|

 

Union territories
 केंद्र शासित प्रदेश

 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Andaman and Nicobar Islands अंडमान व नीकोबार द्वीप समूह Andaman wood pigeon अंडमान वुड पिजन
Andaman wood pigeon (अंडमान वुड पिजन) Scientific Name Columba palumboides
वैज्ञानिक नाम  कोलम्बा पलुम्बिड्स
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के
घने सदाबहार जंगलों में अंडमान वुड पिजन रहता है। इसे आप अंडमान का वन कबूतर भी कह सकते है|इसका आकार घरेलु कबूतर जितना ही होता है परन्तु इसकी पूँछ लम्बी होती है|

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Chandigarh चंडीगढ़ Indian grey hornbill भारतीय धूसर धनेश
Indian grey hornbill (भारतीय धूसर धनेश) Scientific Name Ocyceros birostris
sarkari pakshiyon ke naam वैज्ञानिक नाम  ओसीसेरोस बायरोस्ट्रिस
 

भारत में मिलनेवाले इस धनेश का शरीर धूसर (grey) रंग का होता है इसलिए इसे भारतीय धूसर धनेश कहते है |

यह एक साधारण धनेश है जो भारतीय महाद्वीप में पाया जाता है|

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Jammu and Kashmir जम्मू और कश्मीर Black-necked crane काले गले वाला सारस
काले गले वाला सारस     (Black-necked crane) Scientific Name Grus nigricollis
वैज्ञानिक नाम  ग्रस नाइग्रीकॉलिस
 

जम्मू और कश्मीर ने काले गले वाला सारस को राज्य पक्षी के रूप में घोषित किया है।

यह पक्षी माध्यम आकार का होता है | सर और गले पर काला रंग होने की वजहसे इसे काले गले वाला सारस कहते है |

 


 

STATE राज्य STATE BIRD Name राज्य पक्षी (सरकारी)
Lakshadweep लक्षद्वीप Brown noddy ब्राउन नोडी 
Brown noddy (ब्राउन नोडी) Scientific Name Onychoprion fuscatus
वैज्ञानिक नाम  ओनिकोप्रियन फ्यूस्कैटस
 

Brown noddy यह एक भूरे रंग का पक्षी है जो आमतौर पर समुद्र किनारे पर पाया जाता है |

इसे आप समुद्र पक्षी कह सकते है | 

 

Dadra and Nagar Haveli and Daman and Diu

दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव केन्द्रशासित प्रदेशों ने अब तक अपना राज्य पक्षी घोषित नहीं किया है |