Water purifier कितने प्रकार के होते है?

Water purifier दो प्रकार होते है| एक बिना-बिजली (Non-electric) से चलने वाला water purifier और दूसरा बिजलीसे (electric) चलनेवाला water purifier| बिना बिजली से चलने वाले water purifier सस्ते होते है यह 1000/-रुपये से 4000/-रुपये तक मिल जाते है और बिजलीसे चलने वाले water purifier 6000 /- रूपए से आगे मिलना शुरू हो जाते है|

बिना बिजली से चलने वाले water purifier भी दो तरह के होते है| एक UF (ultra filtatrious) तकनीक का इस्तेमाल करने वाला और दूसरा clorine का इस्तेमाल करके पानी को शुद्ध करनेवाला water purifier. बिना बिजलीसे चलने वाले water purifier को UF water purifier या gravity based water purifier भी कहा जाता है|

बिना बिजलीसे चलने वाले water purifier

UF(ultra filtration) water purifer:

UF (ultra filtration) तकनीक: UF तकनीक वाले water purifier जिस पाणी में टीडीएस (TDS) की मात्र कम होती है वहापर इस्तेमाल करने चाहिए| पाणी की TDS मात्रा उसमे मौजूद मिनरल (mineral) पे निर्भर होती है| पाणी में calcium, iron, magnesium और नमक इत्यादी जैसे mineral मौजूद होते है जो हमारे शरीर के लिए आवश्यक होते है|

बारिश के पानी में TDS की मात्रा कम होती है| जिस शहरोमे बारिश पे निर्भर तलाबोका पाणी muncipal corporation द्वारा शहरों के लिए इस्तेमाल किया जाता है वहापर इस UF(ultra filtration) water purifer का इस्तेमाल करना चाहिए|

Muncipal corporation तलाबोके पाणी को शुद्ध करने के लिए क्लोरिन (chlorine) का इस्तेमाल करती है| chlorine पाणी में मौजूद कीटाणु और वायरस को समाप्त कर देती है| बारिश पे निर्भर तालाबो का पाणी नदी, नहरों की तरह ज्यादा अशुद्ध नहीं होता है क्यों की उसमे कारखानोका अशुद्ध पानी और अन्य गंदगी नहीं छोडी जाती|

UF तकनीक वाले water purifier पानीसे पुटी(cysts), जीवाणु, मिटटी के कण और chlorine को दूर करने में सक्षम होते है| बारिश पे निर्भर तालाबो का पाणी अगर आपके घर में इस्तेमाल होता है तो आपको UF तकनीक वाले water purifier की जरूरत होती है|

UF(ultra filtration) water purifer में क्या क्या होना चाहिए|

अगर आपके घर में Muncipal corporation या MIDC का पाणी आता है तो जो किसी तालाब से आपके घर में आता है तो उसके लिए UF(ultra filtration) water purifer में 0.01micron का UF membrane सबसे best होता है|  0.01 micron का UF membrane पाणी में मौजूद वायरस(virus) को दूर करने में सक्षम होता है|

दुरभाग्यवश (unfortunate ly) भारत में मिलने वाले बहुत सारे UF water purifer में सिर्फ 0.1माइक्रोन(micron) की UF membrane दी गयी होती है| यह 0.1माइक्रोन(micron) की UF membrane पाणी में मौजूद वायरस (virus) को दूर नहीं कर सकती है| इसीलिये आपको 0.01 micron का UF membrane वाला UF water purifer ही खरीदना चाहिए|

UF membrane दो प्रकार(type) में आता है| एक है स्पाइरल वुंडेड (spiral wound) और दूसरा होता है होलो फाइबर(hollow fiber), स्पाइरल वुंडेड (spiral wound) membrane का performance (कार्यक्षमता)  होलो फाइबर(hollow fiber) membrane से बहुत अच्छा होता है| इसीलिए आपकें UF water purifer में स्पाइरल वुंडेड (spiral wound) membrane ही होनी चाहिए|

क्लोरीन (chlorine) cartiage वाला water purifier

इस water purifer में क्लोरीन(chlorine) cartiage का इस्तेमाल किया जाता है| क्लोरीन यह पानी के बैक्टीरिया को मारने के लिए इस्तेमाल किया जाता है| यह water puri fier मार्केट में मिलने वाला सबसे सस्ता water purifier है| इसमें इस्तेमाल किये गए क्लोरीन battery से जैसे ही क्लोरीन ख़त्म हो जाता है यह purifier अपने आप ही पाणी को रोक देता है| तब हमे इसमें नया क्लोरीन(chlorine) cartiage लगाना पड़ता है|

सावधानी:- जहा पर BMC और MIDC का पानी आता है वहापर पानी को शुद्ध करने के लिए यह संस्थाए क्लोरीन का इस्तेमाल करती है| क्लोरीन यह पाणी के बैक्टीरिया को मारने का काम करता है| अगर आपके घर मे BMC या MIDC का पाणी आता है तो उसमे पहलेसे ही बहुत सारा क्लोरीन होता है ऐसे में अगर इस क्लोरीन battery वाले purifier का इस्तेमाल किया जाता है तो पाणी में क्लोरीन की मात्र बढ़ जाती है| अत्याधीक क्लोरीनयुक्त पाणी आपके सेहत को नुकसान पंहुचा सकता है|

बिजलीसे चलने वाले water purifier (Electrical  water purifier)

RO water purifier:

RO (Reverse osmosis):- RO यह सबसे लोकप्रिय तकनीक है जो पानी शुद्धिकरण के मामले में सबसे आधुनिक (advance) मानी जाती है| RO तकनीक से पाणी शुद्ध करने की प्रक्रिया में पाणी उच्च दबाव में एक membrane से होकर गुजरता है जिसमे 0.0001 micron व्यास के छिद्र होते है छिद्रोसे केवल पाणी ही पार हो पाता है| इतने अती सुक्ष्म छिद्रों की वजहसे 90% अधिक मिनरल्स (minerals), अर्सेनिक (arcenic), heavy metals, कीटक नाशक और सारे कीटाणु इस अतिसूक्ष्म छिद्रों की membrane से गुजर नहीं पाते है और इस तरह से सिर्फ शुद्ध पानी ही हमे मिलता है| यह RO तकनीक खारे पानी के स्वाद को बदलकर इसे मीठा बना सकती है|

जिस पानी में TDS 500 से अधिक होता है वहापर RO वाले water purifier इस्तेमाल करना बेहतर होता है| RO पाणी के minerals की मात्र कम करके पानी को पीने योग्य बनाता है| RO technology का मुख्य उद्देश पानी में से mineral निकालना होता है और minerals पाणी में से तभी निकलने चाहिए जब पाणी में वह जादा मात्रा में होते है|

BIS (Bureau of Indian Standards) के अनुसार हम 500 TDS तक का पाणी पी सकते है| TDS कोई गन्दगी नहीं होती है वह तो minerals होते है जो हमारे स्वास्थ्य(health) के लिए आवश्यक होते है|

RO water purifier का इस्तेमाल तभी करे जब पाणी में TDS की मात्रा 500 या उससे अधीक हो| बेवजह अगर RO water purifier ख़रीदा तो पाणी के minerals आप खो देंगे जो health के लिए आवश्यक होते है|

UV Technology: इस technology से पाणी के bacteria का सफाया हो जाता है| UV technology इस्तेमाल किये गए water purifier में UV चैम्बर हमेशा stainlees steel का होना चाहिए| बाजार में RO+UV तकनीक वाले purifier मिलते है जो RO तकनीक से पाणी शुद्ध होने के बादभी जो बैक्टीरिया(bacteria) बचते है उनका सफाया कर देता है|

अपने परिवार के स्वास्थ(health) के लिए purifier खरीदते समय कोनसा purifier आपके लिए सही होगा यह आपको सोचना जरूरी है| पाणी के source और TDS के हिसाब से आपको कोनसे technology वाला water purifier खरीदना जरूरी है यह आपको समझना होगा|

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